सीतामढ़ी: बिहार के सीतामढ़ी जिले से एक ऐसी खबर सामने आई है जिसने न केवल कानून-व्यवस्था पर सवाल उठाए हैं, बल्कि समाज की संवेदनशीलता को भी कटघरे में खड़ा कर दिया है। शुक्रवार की सुबह एक भीषण सड़क हादसे में 13 वर्षीय किशोर की दर्दनाक मौत हो गई, लेकिन घटनास्थल का मंजर दिल दहला देने वाला था। सड़क पर एक तरफ किशोर का शव पड़ा था और परिजन विलाप कर रहे थे, वहीं दूसरी तरफ भीड़ मदद करने के बजाय पलटी हुई गाड़ी से मछलियां लूटने में व्यस्त थी।

हादसे का खौफनाक मंजर

यह घटना पुपरी थाना क्षेत्र के झाझिहाट गांव के पास हुई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, शुक्रवार की सुबह बारिश के कारण सड़क पर फिसलन थी। इसी दौरान एक तेज रफ्तार पिकअप वैन ने बाइक सवार रितेश कुमार को जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि रितेश की मौके पर ही मौत हो गई।

हादसे के बाद अनियंत्रित होकर मछलियों से लदी पिकअप वैन सड़क किनारे पलट गई। वैन के पलटते ही उसमें भरी मछलियां कीचड़ और सड़क पर बिखर गईं। रितेश का शव सड़क पर पड़ा था और उसका परिवार सदमे में चीख-पुकार कर रहा था, लेकिन वहां जमा हुई भीड़ का ध्यान मातम पर नहीं, बल्कि मुफ्त की मछलियों पर था।

लाश के बगल में मचती रही लूट

घटना के वायरल वीडियो ने समाज की निष्ठुरता को उजागर कर दिया है। वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि कैसे लोग कीचड़ और मलबे के बीच से मछलियां बीनने के लिए एक-दूसरे पर टूट पड़े।

  • संवेदनहीनता की हद: जिस वक्त रितेश का परिवार अपने बच्चे को खोने के गम में रो रहा था, ठीक उसी वक्त दर्जनों लोग थैलियों और बर्तनों में मछलियां भरने की होड़ में लगे थे।
  • तमाशबीन भीड़: किसी ने भी शव को ढकने या पुलिस को समय पर सूचित करने की जहमत नहीं उठाई। लोग मछलियां बटोरते रहे और किशोर का शव तमाशबीन भीड़ के बीच उपेक्षित पड़ा रहा।


पुलिस कार्रवाई और जांच

घटना की सूचना मिलते ही पुपरी पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने लाठियां फटकार कर भीड़ को तितर-बितर किया और स्थिति को नियंत्रित किया।

  • पुलिस ने दुर्घटनाग्रस्त पिकअप वैन को जब्त कर लिया है।
  • पुपरी पुलिस ने पुष्टि की है कि वैन का ड्राइवर हादसे के तुरंत बाद मौके से फरार हो गया, जिसकी तलाश जारी है।
  • पुलिस लापरवाही से वाहन चलाने और घटनास्थल पर भीड़ के अमानवीय व्यवहार की भी जांच कर रही है।
  • हालांकि कुछ रिपोर्ट्स में मृतक रितेश की उम्र को लेकर विरोधाभास सामने आया है, लेकिन पुलिस प्राथमिक तौर पर इसे सड़क दुर्घटना और लापरवाही का मामला मानकर कार्रवाई कर रही है।


सीतामढ़ी की यह घटना सिर्फ एक सड़क हादसा नहीं, बल्कि सामाजिक पतन का एक भयावह उदाहरण है। जहां एक 13 साल के बच्चे की जान चली गई, वहां समाज का लालच हावी हो गया। यह घटना हमें सोचने पर मजबूर करती है कि क्या हम इतने निष्ठुर हो गए हैं कि किसी की मौत का मातम मनाने के बजाय हम अपने छोटे से स्वार्थ को पूरा करने में लग जाएं? रितेश की मौत एक परिवार का नुकसान है, लेकिन उसके शव के पास मछलियां लूटती भीड़ पूरी इंसानियत की हार है।

Ruturaj Ravan

Ruturaj Ravan

यह प्रातःकाल मल्टीमीडिया में वेबसाइट मैनेजर और सोशल मीडिया एक्जीक्यूटिव के रूप में कार्यरत हैं, और पिछले तीन वर्षों से पत्रकारिता व डिजिटल मीडिया में सक्रिय हैं। इससे पूर्व उन्होंने दैनिक प्रहार में वेबसाइट प्रबंधन और सोशल मीडिया के लिए रचनात्मक कंटेंट निर्माण और रणनीतियों में अनुभव अर्जित किया। इन्होंने कोल्हापुर के छत्रपति शिवाजी महाराज विश्वविद्यालय से स्नातक और हैदराबाद के सत्या इंस्टीट्यूट से उच्च शिक्षा पूरी की। इन्हें SEO मैनेजमेंट, सोशल मीडिया और उससे संबंधित रणनीतियाँ तैयार करने में व्यापक अनुभव है।

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