Bihar New CM BJP : बिहार की सियासत में नीतीश कुमार के राज्यसभा सांसद के रूप में शपथ लेने के बाद एक नए युग की आहट सुनाई दे रही है। राज्य में सत्ता के समीकरण पूरी तरह बदल चुके हैं और अब सबकी निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि नई सरकार का नेतृत्व कौन करेगा। राजनीतिक गलियारों में यह लगभग तय माना जा रहा है कि इस बार मुख्यमंत्री की कुर्सी पर भारतीय जनता पार्टी का ही कोई चेहरा विराजमान होगा, लेकिन वह चेहरा कौन होगा, इसे लेकर संशय बरकरार है। इसी बीच भाजपा के कद्दावर नेता और विधान परिषद सदस्य (MLC) हरि साहनी ने एक ऐसा बयान दिया है जिसने पटना से लेकर दिल्ली तक सियासी पारा चढ़ा दिया है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में संकेत दिया है कि मुख्यमंत्री पद को लेकर लगाए जा रहे तमाम कयास धरे के धरे रह सकते हैं।

पटना एयरपोर्ट पर पत्रकारों से मुखातिब होते हुए हरि साहनी ने मुख्यमंत्री की रेस को लेकर हो रही चर्चाओं पर बेबाकी से अपनी बात रखी। जब उनसे पूछा गया कि क्या सम्राट चौधरी ही अगले मुख्यमंत्री होंगे, तो उन्होंने अपनी पार्टी की कार्यशैली का हवाला देते हुए रहस्यमयी जवाब दिया। साहनी ने कहा कि भाजपा दुनिया की सबसे बड़ी पार्टी है और इसकी अपनी कुछ खास विशेषताएँ हैं। उन्होंने चुनावी परिणामों या बड़े फैसलों की तुलना करते हुए कहा कि अक्सर लोग किसी नतीजे का अनुमान लगाते हैं और आपस में चर्चा करते हैं, लेकिन वास्तविकता इससे कोसों दूर होती है। उनके अनुसार, शीर्ष नेतृत्व का फैसला कभी-कभी इतना चौंकाने वाला होता है कि लोग उसका अनुमान तक नहीं लगा पाते।

हरि साहनी ने खुद के मुख्यमंत्री की रेस में होने की चर्चाओं पर भी विनम्रता से जवाब दिया। उन्होंने कहा कि चर्चाएँ सड़कों पर और मीडिया में होना एक अलग बात है, लेकिन फैसला 'दुकान पर बैठे लोगों' या पत्रकारों के हाथ में नहीं होता। उन्होंने जोर देकर कहा कि भाजपा के केंद्रीय नेतृत्व के मन में क्या चल रहा है और राज्य हित में किसके नाम पर मुहर लगेगी, यह केवल संगठन के शीर्ष स्तर पर तय होता है। साहनी के मुताबिक, संगठन और राष्ट्रहित को सर्वोपरि रखते हुए लिया गया निर्णय ही अंतिम होगा, और फिलहाल किसी भी नाम पर मुहर लगाना या दावा करना जल्दबाजी होगी। उनके इस बयान ने सम्राट चौधरी के समर्थकों के बीच बेचैनी बढ़ा दी है और नए चेहरों की संभावनाओं को हवा दे दी है।

वहीं, नीतीश कुमार की नाराजगी की खबरों पर भी हरि साहनी ने विराम लगाने की कोशिश की। उन्होंने इन दावों को सिरे से खारिज कर दिया कि नीतीश कुमार दिल्ली से पटना लौटने के बाद किसी बात को लेकर असंतुष्ट हैं। साहनी ने तर्क दिया कि नीतीश कुमार लंबे समय से चारों सदनों (विधानसभा, विधान परिषद, लोकसभा और राज्यसभा) का सदस्य बनने की इच्छा रखते थे। अब जब उनकी यह मंशा पूरी हो गई है और उन्होंने शपथ ग्रहण कर लिया है, तो नाराजगी का सवाल ही नहीं उठता। उन्होंने कहा कि नीतीश कुमार को हर तरफ से शुभकामनाएँ मिल रही हैं और वे अपनी उपलब्धि से संतुष्ट हैं। बिहार की राजनीति में अब 'वेट एंड वॉच' की स्थिति बनी हुई है, जहाँ बीजेपी का एक 'सरप्राइज कार्ड' राज्य की सत्ता की दिशा तय कर सकता है।

Ashiti Joil

Ashiti Joil

यह प्रातःकाल में कंटेंट रायटर अँड एडिटर के पद पर कार्यरत हैं। यह गए 3 सालों से पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया में सक्रिय हैं। इन्होंने लोकसत्ता, टाईम महाराष्ट्र, PR और हैट मीडिया में सोशल मीडिया कंटेंट रायटर के तौर पर काम किया है। इन्होंने मराठी साहित्य में मास्टर डिग्री पूर्ण कि है और अभी ये यूनिवर्सिटी के गरवारे इंस्टीट्यूड में PGDMM (Marthi Journalism) कर रही है। यह अब राजकरण, बिजनेस , टेक्नोलॉजी , मनोरंजन और क्रीड़ा इनके समाचार बनती हैं।

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