बिहार में वाहनों पर ‘जाति प्रदर्शन’ पर रोक ; AI निगरानी के बीच जून से जारी होंगे ये सख्त कानून
बिहार सरकार ने वाहनों पर लिखे जाति सूचक स्टिकर और स्लोगन हटाने का आदेश जारी किया है। जून के पहले सप्ताह तक मोहलत दी गई है, उल्लंघन करने वालों पर मोटर वाहन अधिनियम के तहत जुर्माना लगाया जाएगा। साथ ही राज्य में AI आधारित इंटेलिजेंट ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम और फेस रिकग्निशन तकनीक भी लागू की जा रही है।

बिहार में वाहनों पर जाति सूचक शब्द लिखने पर रोक
बिहार में अब वाहनों पर जाति सूचक शब्द लिखना वाहन मालिकों को भारी पड़ सकता है। राज्य के परिवहन विभाग ने एक सख्त आदेश जारी करते हुए सभी वाहन मालिकों को अपनी गाड़ियों से जाति आधारित स्टिकर, स्लोगन और पहचान चिह्न हटाने का निर्देश दिया है। विभाग ने स्पष्ट कर दिया है कि आदेश का पालन नहीं करने वालों के खिलाफ मोटर वाहन अधिनियम, 1988 के तहत कार्रवाई की जाएगी और ₹2,000 तक का जुर्माना लगाया जा सकता है।
परिवहन विभाग की ओर से शुक्रवार को जारी इस आदेश के बाद पूरे राज्य में प्रशासनिक हलकों में हलचल तेज हो गई है। लंबे समय से वाहनों पर “ब्राह्मण”, “क्षत्रिय”, “यादव” जैसे जाति सूचक शब्द लिखने का चलन देखा जा रहा था। सरकार ने इसे सार्वजनिक सड़कों पर जातीय पहचान के प्रदर्शन को बढ़ावा देने वाली प्रवृत्ति मानते हुए इस पर रोक लगाने का फैसला लिया है। विभाग का कहना है कि यह कदम सामाजिक सौहार्द बनाए रखने और सार्वजनिक स्थानों पर जाति आधारित प्रदर्शन को हतोत्साहित करने के उद्देश्य से उठाया गया है।
सरकार ने वाहन मालिकों को स्वेच्छा से नियम का पालन करने के लिए जून के पहले सप्ताह तक का समय दिया है। इसके बाद राज्यभर में विशेष जांच अभियान चलाया जाएगा। ट्रैफिक पुलिस और परिवहन विभाग की टीमें सड़कों पर वाहनों की सघन जांच करेंगी और नियम तोड़ने वालों के खिलाफ तत्काल कार्रवाई की जाएगी। विभाग ने सभी जिला परिवहन अधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्रों में आदेश को सख्ती से लागू कराने और अनुपालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।
अधिकारियों के अनुसार, मोटर वाहन अधिनियम की धारा 177 के तहत नियम उल्लंघन पर ₹500 तक का जुर्माना लगाया जा सकता है, जबकि धारा 179 के तहत यह राशि बढ़कर ₹2,000 तक पहुंच सकती है। परिवहन विभाग ने साफ कर दिया है कि चेतावनी अवधि समाप्त होने के बाद किसी भी तरह की ढिलाई नहीं बरती जाएगी।
इसी बीच बिहार सरकार राज्य में ट्रैफिक व्यवस्था को हाईटेक बनाने की दिशा में भी तेजी से कदम बढ़ा रही है। राज्य कैबिनेट ने बड़े पैमाने पर एआई आधारित इंटेलिजेंट ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम लगाने को मंजूरी दे दी है। इसके तहत राज्य के 500 से 700 प्रमुख चौराहों और दुर्घटना संभावित इलाकों में अत्याधुनिक निगरानी प्रणाली स्थापित की जाएगी। शुरुआती चरण में यह व्यवस्था पटना, गया, भागलपुर, मुजफ्फरपुर और दरभंगा जैसे शहरों में लागू होगी।
नई तकनीक से लैस यह सिस्टम केवल ट्रैफिक नियमों की निगरानी तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि इसमें फेस रिकग्निशन तकनीक भी शामिल की जाएगी। इससे बार-बार नियम तोड़ने वालों की पहचान करना आसान होगा और कानून प्रवर्तन एजेंसियों को आपराधिक गतिविधियों से जुड़े लोगों का पता लगाने में भी मदद मिलेगी। बिहार सरकार का यह कदम राज्य में ट्रैफिक अनुशासन, डिजिटल निगरानी और सामाजिक नियंत्रण व्यवस्था को एक नई दिशा देने वाला माना जा रहा है।

Manyaa Chaudhary
यह 'प्रातःकाल' में एसोसिएट एडिटर के पद पर हैं। और पिछले दो वर्षों से इन्हें रिपोर्टिंग और इवेंट मैनेजमेंट का अनुभव है। इससे पहले इन्होंने 'स्वदेश न्यूज़ चैनल' में बतौर ट्रेनी रिपोर्टर काम किया है। ये विशेष रूप में मनोरंजन, स्पोर्ट्स, और क्राइम रिपोर्टिंग क्षेत्र में समर्थ हैं। अभी यह जर्नलिज्म की पढाई कर रही हैं।
