बिहार की राजनीति में एक बार फिर नामकरण को लेकर बड़ा फैसला सामने आया है, जिसने प्रशासनिक निर्णयों के साथ-साथ राजनीतिक हलकों में भी हलचल बढ़ा दी है। भारतीय जनता पार्टी के नेतृत्व वाली बिहार सरकार ने पटना स्थित दो प्रमुख संस्थानों से पूर्व कांग्रेस नेता संजय गांधी का नाम हटाने का निर्णय लिया है। यह फैसला राज्य मंत्रिमंडल की बैठक में लिया गया, जिसकी अध्यक्षता उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने की।


कैबिनेट के इस निर्णय के तहत ‘संजय गांधी जैविक उद्यान’ का नाम बदलकर अब ‘पटना जू’ कर दिया गया है, जबकि ‘संजय गांधी डेयरी प्रौद्योगिकी संस्थान’ को अब ‘बिहार राज्य डेयरी प्रौद्योगिकी संस्थान’ के नाम से जाना जाएगा। यह दोनों संस्थान लंबे समय से संजय गांधी के नाम से जुड़े हुए थे, जो पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी के पुत्र और कांग्रेस के प्रमुख नेता रहे हैं।

पटना का यह प्रसिद्ध जैविक उद्यान, जिसे आमतौर पर पटना जू के नाम से जाना जाता है, वर्ष 1973 में स्थापित किया गया था। करीब 153 एकड़ में फैला यह पार्क देश के सबसे बड़े और सुव्यवस्थित शहरी वन्यजीव उद्यानों में गिना जाता है। यह केवल एक चिड़ियाघर नहीं, बल्कि एक व्यापक जैविक और वनस्पति उद्यान के रूप में विकसित हुआ है, जो संरक्षण, पर्यावरण शिक्षा और अनुसंधान के उद्देश्यों को भी पूरा करता है। इस उद्यान में 110 से अधिक प्रजातियों के 800 से ज्यादा वन्यजीव मौजूद हैं, जिनमें रॉयल बंगाल टाइगर, एशियाई शेर, एक सींग वाले गैंडे, हाथी, जिराफ, ज़ेब्रा, चिंपैंजी और विभिन्न पक्षी एवं सरीसृप शामिल हैं। इसके अतिरिक्त, यहां एक केंद्रीय झील में नौकायन, बच्चों के लिए टॉय ट्रेन, 30 से अधिक दुर्लभ मछलियों वाला एक्वेरियम और विभिन्न प्रकार के सांपों का संग्रह भी आकर्षण का केंद्र है।

वहीं, डेयरी प्रौद्योगिकी संस्थान की स्थापना बिहार सरकार द्वारा वर्ष 1980 में की गई थी, जो राज्य में डेयरी शिक्षा और अनुसंधान का प्रमुख केंद्र रहा है। इन दोनों संस्थानों का नाम संजय गांधी के निधन के बाद उनके सम्मान में रखा गया था।

सरकार का यह निर्णय ऐसे समय में आया है जब देशभर में सार्वजनिक संस्थानों के नाम बदलने को लेकर बहस तेज हो रही है। इसे प्रशासनिक अधिकारों के तहत लिया गया फैसला बताया जा रहा है, लेकिन इसके राजनीतिक निहितार्थ भी स्पष्ट रूप से देखे जा रहे हैं। विपक्षी दल, विशेष रूप से कांग्रेस, इस कदम को लेकर अपनी प्रतिक्रिया दे रहे हैं, जिससे यह मुद्दा और अधिक चर्चा में आ गया है।

Manyaa Chaudhary

Manyaa Chaudhary

यह 'प्रातःकाल' में एसोसिएट एडिटर के पद पर हैं। और पिछले दो वर्षों से इन्हें रिपोर्टिंग और इवेंट मैनेजमेंट का अनुभव है। इससे पहले इन्होंने 'स्वदेश न्यूज़ चैनल' में बतौर ट्रेनी रिपोर्टर काम किया है। ये विशेष रूप में मनोरंजन, स्पोर्ट्स, और क्राइम रिपोर्टिंग क्षेत्र में समर्थ हैं। अभी यह जर्नलिज्म की पढाई कर रही हैं।

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