Bihar Election Result 2025 : बिहार की सियासी धरती पर एक बार फिर नीतीश कुमार का जादू चला। पिछली विधानसभा में महज 43 सीटों पर सिमटने वाली जनता दल (यूनाइटेड) इस बार 80 सीटों पर मजबूत बढ़त बनाए हुए है, जबकि राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) ने 200 पार का आंकड़ा छू लिया है। महिलाओं के खाते में 10 हजार रुपये की सीधी ट्रांसफर, साइकिल से स्कूल जाने वाली बेटियों की तस्वीरें, शराबबंदी का सामाजिक क्रांति और युवाओं के लिए 4 लाख तक का क्रेडिट कार्ड – ये वे हथियार थे जिन्होंने ‘साइलेंट वोटर’ को जगाया और महागठबंधन को धराशायी कर दिया।


चुनावी रुझानों ने सभी सर्वेक्षणों को गलत साबित कर दिया। जहां विश्लेषक जेडीयू को 50 के आसपास आंक रहे थे, वहीं पार्टी ने 80 सीटों की बढ़त के साथ ऐतिहासिक वापसी दर्ज की। इसका श्रेय जाता है नीतीश कुमार की उन कल्याणकारी योजनाओं को, जिन्होंने 20 वर्षों में बिहार के सामाजिक-आर्थिक ताने-बाने को बदला। सबसे बड़ा मास्टरस्ट्रोक रहा मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना, जिसके तहत जीविका स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी 1.30 करोड़ महिलाओं के खातों में 10,000 रुपये सीधे ट्रांसफर किए गए। ये 1.4 करोड़ से अधिक ‘जीविका दीदियां’ राज्य की 3.5 करोड़ महिला मतदाताओं का करीब 40 प्रतिशत हैं। योजना में बेहतर प्रदर्शन करने वालों को 2 लाख रुपये तक की अतिरिक्त सहायता का प्रावधान भी शामिल है।


महिलाओं पर फोकस की शुरुआत 2006 में हुई, जब साइकिल और यूनिफॉर्म योजना ने लड़कियों की स्कूल उपस्थिति को अभूतपूर्व बढ़ावा दिया। उसी वर्ष पंचायती राज अधिनियम में 50 प्रतिशत महिला आरक्षण ने जमीनी स्तर पर उनकी राजनीतिक भागीदारी सुनिश्चित की। लेकिन 4 अप्रैल 2016 का दिन नीतीश के राजनीतिक करियर का टर्निंग पॉइंट साबित हुआ, जब पूर्ण शराबबंदी लागू हुई। शराब के निर्माण, बिक्री और उपभोग पर पूर्ण प्रतिबंध ने ग्रामीण महिलाओं के घरों को बचाया और नीतीश को समाज सुधारक की छवि दी।


युवाओं को साधने के लिए 2 अक्टूबर 2016 को दो बड़ी योजनाएं शुरू की गईं। मुख्यमंत्री निश्चय स्वयं सहायता भत्ता योजना के तहत 20-25 वर्ष के बेरोजगार युवाओं को दो वर्ष तक 1,000 रुपये मासिक भत्ता दिया गया, जबकि स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड योजना ने 12वीं पास छात्रों को 4 लाख रुपये तक का ब्याज-मुक्त शिक्षा ऋण उपलब्ध कराया। इन योजनाओं ने लाखों युवाओं को सीधे सरकार से जोड़ा।


आम जनता तक पहुंचने के लिए सामाजिक सुरक्षा पेंशन को 400 रुपये से बढ़ाकर 1,100 रुपये किया गया, जिससे एक करोड़ से अधिक बुजुर्ग और जरूरतमंद लाभान्वित हुए। अगस्त 2025 से घरेलू उपभोक्ताओं को 125 यूनिट मुफ्त बिजली की सुविधा शुरू हुई। ‘सात निश्चय’ कार्यक्रम के तहत हर घर नल का जल, पक्की गलियां और बेहतर सड़कों ने ग्रामीण-शहरी विभाजन को कम किया।


नीतीश कुमार की यह रणनीति कल्याणकारी शासन का जीवंत उदाहरण बन गई। जहां एक तरफ महिलाओं और युवाओं को सशक्त बनाया गया, वहीं दूसरी तरफ हर परिवार तक राहत पहुंचाई गई। यही वजह है कि बिहार की जनता ने एक बार फिर नीतीश पर भरोसा जताया और NDA को स्पष्ट बहुमत दिया। यह जीत सिर्फ संख्याओं की नहीं, बल्कि 20 वर्षों की नीतिगत निरंतरता की जीत है, जो बिहार को विकास की नई ऊंचाइयों तक ले जाएगी।


Ashiti Joil

Ashiti Joil

यह प्रातःकाल में कंटेंट रायटर अँड एडिटर के पद पर कार्यरत हैं। यह गए 3 सालों से पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया में सक्रिय हैं। इन्होंने लोकसत्ता, टाईम महाराष्ट्र, PR और हैट मीडिया में सोशल मीडिया कंटेंट रायटर के तौर पर काम किया है। इन्होंने मराठी साहित्य में मास्टर डिग्री पूर्ण कि है और अभी ये यूनिवर्सिटी के गरवारे इंस्टीट्यूड में PGDMM (Marthi Journalism) कर रही है। यह अब राजकरण, बिजनेस , टेक्नोलॉजी , मनोरंजन और क्रीड़ा इनके समाचार बनती हैं।

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