Bihar Election Final Result 2025 : बिहार विधानसभा चुनाव में एनडीए की प्रचंड जीत ने राजनीतिक क्षितिज पर एक नया सूर्योदय किया है, जहां प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भाजपा मुख्यालय में पार्टी कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए इस विजय को 2010 के बाद का सबसे मजबूत जनादेश करार दिया। यह जीत न केवल सत्ता की वापसी है, बल्कि बिहार की जनता द्वारा तुष्टिकरण की पुरानी राजनीति को नकारने और सकारात्मक परिवर्तन की ओर बढ़ने का स्पष्ट संदेश है।


प्रधानमंत्री मोदी ने एनडीए के सभी सहयोगी दलों की ओर से बिहार की जनता को हार्दिक धन्यवाद ज्ञापित किया। उन्होंने कहा कि यह विजय पुराने 'एमवाई' फॉर्मूले—जो कुछ दलों द्वारा तुष्टिकरण की रणनीति के तहत गढ़ा गया था—को ध्वस्त कर एक नया, सकारात्मक 'एमवाई' स्थापित करती है, जहां 'एम' का अर्थ 'महिला' और 'वाई' का अर्थ 'युवा' है। बिहार, जो देश के उन राज्यों में शुमार है जहां युवाओं की संख्या सबसे अधिक है और जिसमें हर धर्म व जाति के युवा शामिल हैं, ने अपनी आकांक्षाओं और सपनों से जंगलराज तथा सांप्रदायिक राजनीति को पूरी तरह खारिज कर दिया। पीएम मोदी ने बिहार के युवाओं का विशेष अभिनंदन करते हुए कहा कि उन्होंने मतदाता सूची के शुद्धिकरण को जबरदस्त समर्थन दिया, जो लोकतंत्र की मजबूती का प्रतीक है।


इस चुनाव ने एक और महत्वपूर्ण सबक दिया कि अब मतदाता, विशेषकर युवा वर्ग, मतदाता सूची के शुद्धिकरण को गंभीरता से लेता है। प्रधानमंत्री ने सभी दलों से आह्वान किया कि वे पोलिंग बूथों पर अपनी पार्टियों को सक्रिय करें और मतदाता सूची शुद्धिकरण में पूर्ण योगदान दें, ताकि देश के अन्य हिस्सों में भी यह प्रक्रिया पूर्ण हो सके। उन्होंने इसे एनडीए की जीत से कहीं अधिक लोकतंत्र की जीत बताया, जिसने चुनाव आयोग में जनता का विश्वास और मजबूत किया। पिछले कुछ वर्षों में हाशिए पर पड़े समूहों में मतदान प्रतिशत की वृद्धि को चुनाव आयोग की बड़ी उपलब्धि करार देते हुए पीएम ने कहा कि यह परिवर्तन लोकतांत्रिक प्रक्रिया की जीवंतता दर्शाता है।


एक समय था जब बिहार माओवादी उग्रवाद की चपेट में था और नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में मतदान दोपहर तीन बजे ही समाप्त हो जाया करता था। लेकिन इस चुनाव में जनता ने उत्साहपूर्वक भाग लिया, जो बिहार की उस धरती की गौरवगाथा को दोहराता है जिसने भारत को लोकतंत्र की जननी का दर्जा दिलाया। प्रधानमंत्री ने जोर देकर कहा कि बिहार ने लोकतंत्र पर हमला करने वाली ताकतों को धूल चटाई है। 'झूठ हारता है, जनविश्वास जीतता है'—यह संदेश बिहार ने डंके की चोट पर दिया। साथ ही, 'जमानत पर चल रहे लोगों का जनता साथ नहीं देगी' जैसी स्पष्ट चेतावनी से राजनीतिक परिदृश्य में नैतिकता की बहाली का संकेत मिलता है।


यह जीत बिहार ही नहीं, पूरे देश के लिए एक मील का पत्थर साबित हो रही है, जो सकारात्मक राजनीति, युवा सशक्तिकरण और लोकतांत्रिक शुद्धता की नई मिसाल कायम करती है। बिहार की जनता ने सिद्ध कर दिया कि जनादेश अब आकांक्षाओं की जीत है, न कि विभाजन की।

Ashiti Joil

Ashiti Joil

यह प्रातःकाल में कंटेंट रायटर अँड एडिटर के पद पर कार्यरत हैं। यह गए 3 सालों से पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया में सक्रिय हैं। इन्होंने लोकसत्ता, टाईम महाराष्ट्र, PR और हैट मीडिया में सोशल मीडिया कंटेंट रायटर के तौर पर काम किया है। इन्होंने मराठी साहित्य में मास्टर डिग्री पूर्ण कि है और अभी ये यूनिवर्सिटी के गरवारे इंस्टीट्यूड में PGDMM (Marthi Journalism) कर रही है। यह अब राजकरण, बिजनेस , टेक्नोलॉजी , मनोरंजन और क्रीड़ा इनके समाचार बनती हैं।

Next Story