Bihar Assembly Election Results : बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के नतीजों की गिनती शुरू होते ही राज्य की राजनीतिक हवा अचानक करवट लेती दिखाई दी। सुबह आठ बजे जैसे ही स्ट्रॉन्ग रूम खुले और मतगणना टेबलों पर ईवीएम के आंकड़े आने लगे, वैसे-वैसे हर राउंड ने सत्ता समीकरणों को झकझोरना शुरू कर दिया। राज्य में 66.9 फीसदी के ऐतिहासिक मतदान के बाद अब यह साफ होता दिख रहा है कि जनता का फैसला किस दिशा में जा रहा है और राज्य की सियासत किस मोड़ पर खड़ी है।

मोकामा सीट, जो हमेशा से बिहार की सबसे चर्चित और विवादित सीटों में मानी जाती है, इस बार भी सुर्खियों में है। यहां जेल में बंद बाहुबली अनंत सिंह लगातार राउंड दर राउंड बढ़त बनाए हुए हैं। चौथे राउंड तक वह दो हजार से अधिक वोटों से आगे निकल गए। दुलारचंद हत्याकांड में जेल में रहते हुए भी उनका जनाधार कम नहीं हुआ है। वहीं दानापुर सीट पर एक और बाहुबली रीतलाल यादव ने बढ़त बना ली है, जिससे एनडीए उम्मीदवार रामकृपाल यादव की मुश्किलें बढ़ती दिखाई दे रही हैं।

राजनीतिक तापमान उस वक्त और तेज हो गया जब रघोपुर और महुआ से शुरुआती आंकड़े आए। तेजस्वी यादव के भाई तेज प्रताप यादव अपनी सुरक्षित मानी जाने वाली महुआ सीट पर पीछे चल रहे हैं। शुरुआत में आगे रहने के बाद वह नए अपडेट में पिछड़ गए। तेजस्वी यादव स्वयं रघोपुर में 3000 से अधिक वोटों से पीछे चल रहे हैं, जिससे आरजेडी खेमे में चिंता बढ़ी है। लालू परिवार के लिए ये शुरुआती संकेत किसी बड़े झटके से कम नहीं हैं।

गया जी सीट पर प्रेम कुमार का दबदबा एक बार फिर कायम होता दिख रहा है। पिछले 35 वर्षों से इस सीट का प्रतिनिधित्व कर रहे प्रेम कुमार लगातार बढ़त बनाए हुए हैं। वहीं भाजपा के कद्दावर नेता और डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी तारापुर सीट से पहले आगे चले, फिर अचानक रुझानों में पीछे हो गए। लखीसराय में भी डिप्टी सीएम विजय सिन्हा 79 वोटों से पीछे चल रहे थे, लेकिन दूसरे राउंड में उन्होंने बढ़त वापस हासिल कर ली।

सीवान की राजनीति एक अलग मोड़ पर पहुंच गई है, जहाँ स्वर्गीय बाहुबली नेता मोहम्मद शाहाबुद्दीन के बेटे ओसामा शाहाब रघुनाथपुर सीट से आगे चल रहे हैं। काराकाट में भोजपुरी स्टार पवन सिंह की पत्नी ज्योति सिंह चुनावी मैदान में तो उतरीं, लेकिन रुझानों में पीछे चल रही हैं।

कटिहार, औराई, मधुबनी, खजौली, बाबूबरही और बिस्फी जैसे कई अहम सीटों पर भाजपा और जदयू ने शुरुआती बढ़त बनाई है, जिससे एनडीए को व्यापक लाभ मिलता दिख रहा है। खजौली में अरुण शंकर प्रसाद, बिस्फी में हरीभूषण ठाकुर और राजनगर में सुजीत पासवान मजबूत स्थिति में हैं। नबीनगर में आनंद मोहन के बेटे चेतन आनंद ने बढ़त बना ली है, जबकि मधुबनी में आरएलएम के माधव आनंद आगे चल रहे हैं।

इन तमाम रुझानों के बीच बिहार के नतीजों की सबसे बड़ी तस्वीर यह है कि शुरुआती गणना में एनडीए 194 सीटों पर आगे है, जबकि आरजेडी को केवल 31 और कांग्रेस को 5 सीटों पर बढ़त मिली है। महागठबंधन को भारी नुकसान होता दिख रहा है। राज्य की 243 विधानसभा सीटों के साथ 8 उपचुनाव सीटों की गिनती भी जारी है।

मतगणना केंद्रों पर अभूतपूर्व सुरक्षा व्यवस्था की गई है। ईवीएम और वीवीपैट मशीनों को स्ट्रॉन्ग रूम में उम्मीदवारों की मौजूदगी में सील किया गया था, जिन पर 24 घंटे सीसीटीवी की कड़ी निगरानी रही। निर्वाचन आयोग ने निष्पक्ष मतदान सुनिश्चित करने के लिए 70 से अधिक पर्यवेक्षक अलग-अलग जिलों में तैनात किए हैं।

पोस्टल बैलेट की गिनती ने कई सीटों पर शुरुआती तस्वीर साफ की, लेकिन ईवीएम खुलने के बाद से रुझानों में तेज उतार-चढ़ाव जारी है। जिस बड़े मतदान प्रतिशत ने लोगों में उत्साह पैदा किया था, अब वही उत्साह चुनावी नतीजों में स्पष्ट तौर पर झलकने लगा है। जैसे-जैसे राउंड आगे बढ़ेंगे, बिहार की सियासत की निर्णायक तस्वीर सामने आती जाएगी—और यह दिन राज्य की राजनीति में एक बड़ा मोड़ साबित हो सकता है।

Ashiti Joil

Ashiti Joil

यह प्रातःकाल में कंटेंट रायटर अँड एडिटर के पद पर कार्यरत हैं। यह गए 3 सालों से पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया में सक्रिय हैं। इन्होंने लोकसत्ता, टाईम महाराष्ट्र, PR और हैट मीडिया में सोशल मीडिया कंटेंट रायटर के तौर पर काम किया है। इन्होंने मराठी साहित्य में मास्टर डिग्री पूर्ण कि है और अभी ये यूनिवर्सिटी के गरवारे इंस्टीट्यूड में PGDMM (Marthi Journalism) कर रही है। यह अब राजकरण, बिजनेस , टेक्नोलॉजी , मनोरंजन और क्रीड़ा इनके समाचार बनती हैं।

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