Anta Bypolls Election Result 2025 : राजस्थान की अंता विधानसभा सीट पर उपचुनाव की मतगणना ने राजनीतिक हलचलों को नई ऊंचाई दे दी, जब कांग्रेस के दिग्गज नेता प्रमोद जैन 'भाया' ने 20 राउंड की तनावपूर्ण गिनती के बाद 15,612 वोटों के भारी अंतर से जीत हासिल कर ली। यह जीत न केवल बीजेपी के उम्मीदवार मोरपाल सुमन को करारी शिकस्त देती है, बल्कि पांच निर्दलीय मुस्लिम प्रत्याशियों की चुनौती को भी नेस्तनाबूद कर देती है—एक ऐसा नजारा जो राज्य की सियासत में कांग्रेस की मजबूत पकड़ को फिर से उजागर करता है।


उपचुनाव 11 नवंबर को संपन्न हुआ था, जहां कुल 15 प्रत्याशी मैदान में उतरे थे। चुनाव आयोग के आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, भाया को 69,571 वोट प्राप्त हुए, जबकि बीजेपी के मोरपाल सुमन को 53,959 वोट मिले। तीसरे स्थान पर निर्दलीय उम्मीदवार नरेश मीणा रहे, जिन्हें 53,800 वोट हासिल हुए। मतगणना सरकारी पीजी कॉलेज के सेमिनार हॉल में 14 टेबलों पर आयोजित की गई, जिसमें पहले डाक मतपत्रों की गिनती हुई। शुरुआती रुझानों में भाया ने ही बढ़त बनाई रखी, जो अंत तक बरकरार रही। अंता विधानसभा क्षेत्र, जो बारां जिले के अंता, मांगरोल तहसील और बारां तहसील के आंशिक भाग को कवर करता है, में कुल 2,28,264 मतदाता हैं—जिनमें 1,16,783 पुरुष और 1,11,477 महिलाएं शामिल हैं। मतदान प्रतिशत 80.32 रहा, जो राज्य में उत्साह का संकेत था।


यह सीट खाली तब हुई जब बीजेपी के पूर्व विधायक कंवर लाल मीणा को आपराधिक मामले में दोषी ठहराए जाने पर अयोग्य घोषित कर दिया गया। 2023 के विधानसभा चुनाव में मीणा ने भाया को महज 5,861 वोटों (3.35 प्रतिशत) के अंतर से हराया था, जहां कुल 1,74,793 वोट पड़े थे। इस बार उपचुनाव में बीजेपी ने मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा सरकार के समर्थन से मोरपाल सुमन को उतारा, जो पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे के करीबी माने जाते हैं। अंता में राजे का पारंपरिक प्रभाव रहा है, लेकिन कांग्रेस की रणनीति—जो स्थानीय मुद्दों और पार्टी की पुरानी पकड़ पर टिकी थी—ने इसे नाकाम कर दिया।


कांग्रेस की जीत का एक दिलचस्प पहलू यह रहा कि भाया को चुनौती देने के लिए पांच निर्दलीय मुस्लिम उम्मीदवार—मंजूर आलम, नौशाद, बिलाल खान, जामिल अहमद और दिलदार—उतरे थे। इनकी मौजूदगी ने चुनाव को त्रिकोणीय टक्कर बना दिया था, लेकिन भाया ने न केवल बीजेपी बल्कि सभी निर्दलीयों को पीछे छोड़ दिया। अन्य निर्दलीय उम्मीदवारों में योगेश कुमार शर्मा ब्राह्मण (आरआरपी), राजपाल सिंह शेखावत (पीपीओआई), धर्मवीर बैरवा साहेब, नरेश, नौशाद, पंकज पजानतोरीवाला, पुकाराज सोनेल, बंशी लाल आदि शामिल थे। गजट अधिसूचना 13 अक्टूबर को जारी हुई थी, नामांकन जांच 22 अक्टूबर को और नाम वापसी की अंतिम तिथि 24 अक्टूबर थी। चुनाव आयोग ने सभी प्रक्रियाओं को पारदर्शी बताते हुए कोई अनियमितता की शिकायत को खारिज किया।


यह जीत भाया के लिए चौथी बार विधायक बनने का अवसर लेकर आई, जो उनकी अंता में अटूट लोकप्रियता को प्रमाणित करती है। राज्य की सियासत में यह परिणाम कांग्रेस को गति देता है, जबकि बीजेपी के लिए वसुंधरा राजे गुट को झटका साबित होता है। अंता उपचुनाव न केवल स्थानीय मुद्दों की जीत दर्शाता है, बल्कि आगामी विधानसभा चुनावों से पहले विपक्ष की रणनीति को मजबूत करता है—एक ऐसा संकेत जो राजस्थान की राजनीतिक जमीन को नया आकार दे सकता है।


Ashiti Joil

Ashiti Joil

यह प्रातःकाल में कंटेंट रायटर अँड एडिटर के पद पर कार्यरत हैं। यह गए 3 सालों से पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया में सक्रिय हैं। इन्होंने लोकसत्ता, टाईम महाराष्ट्र, PR और हैट मीडिया में सोशल मीडिया कंटेंट रायटर के तौर पर काम किया है। इन्होंने मराठी साहित्य में मास्टर डिग्री पूर्ण कि है और अभी ये यूनिवर्सिटी के गरवारे इंस्टीट्यूड में PGDMM (Marthi Journalism) कर रही है। यह अब राजकरण, बिजनेस , टेक्नोलॉजी , मनोरंजन और क्रीड़ा इनके समाचार बनती हैं।

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