10 लाख दीयों से सजेगी वाराणसी: सरकार ने लिया अनोखा कदम
वाराणसी में हर वर्ष दिवाली और देव दीपावली बड़े हर्षोल्लास के साथ मनाई जाती है। देव दीपावली पर गंगा घाट को लाखों की संख्या में दीपों से सजाया जाता है। लेकिन इस वर्ष यूपी सरकार ने बताई कुछ अनोखी विशेषताएं।

उत्तर प्रदेश: वाराणसी शहर को धार्मिक आस्था और सभ्यता का प्रतीक माना जाता है। हर वर्ष दिवाली के बाद , यहाँ देव दीपावली बड़े धूम-धाम से मनाई जाती है। इस त्यौहार का मुख्य कारण यह है कि भगवान शिव ने कार्तिक पूर्णिमा की रात को त्रिपुरासुर नाम के राक्षस का वध किया था। और इस विजय की प्राप्ति से खुश होकर सभी देवताओं ने काशी में दीप दान कर उत्सव मनाया था। तब से ये मान्यता है कि कार्तिक पूर्णिमा के दिन सभी देवी-देवता काशी में दीप जलाने आते हैं।
देव दीपावली, दिवाली के 15 दिन बाद , मनाई जाती है। इस दिन गंगा घाट पर खास तरीकों से दीयों की सजावट कर उन्हें जलाया जाता है और गंगा आरती होती है। वाराणसी के गंगा घाट पर जलाये गए दीयों को अन्धकार पर प्रकाश की जीत के रूप से देखा जाता है। और हर वर्ष यहाँ बहुत से लोग इस उत्सव का आनंद उठाने आते हैं।
इस वर्ष भी इसकी तैयारी जोरों-शोरों से चल रही है , और एक बार फिर वाराणसी को जगमगाने के लिए बहुत से आयोजन किए जा रहे हैं। 5 नवंबर को करीबन 10 लाख दीये गंगा घाट पर बने चंद्राकार घाट पर जलाए जाएंगे।
उत्तर प्रदेश की सरकार द्वारा दिए गए बयान के अनुसार , इन 10 लाख दीयों में 1 लाख दीये गोबर से बने होंगे। क्योंकि ये दीये पर्यावरण के लिए सुरक्षित होंगे और परंपरा के साथ आधुनिकता को भी दर्शाएंगे। हर वर्ष की तरह इस वर्ष भी लाखों की संख्या में श्रद्धालुओं की भीड़ देश-विदेश से इस अनोखे और अद्भुत दृश्य को देखने पहुँचेगी।
गोबर के दीये जलाने से पर्यावरण संरक्षण पर ज़ोर दिया जा रहा है , और इससे प्रदुषण भी कम होगा। इसके अतिरिक्त 1 से 4 नवंबर तक राजघाट पर गंगा महोत्सव में स्थानीय कलाकारों के सांस्कृतिक कार्यक्रमों को दिखाया जाएगा।गंगा आरती समेत , लेज़र शो और हरी आतिशबाजी इस वर्ष आकर्षण का केंद्र बनेंगे।
टूरिज्म डिपार्टमेंट कर्मचारियों के अनुसार ये एक ऐसा अवसर है जो काशी को दुनिया भर में प्रसिद्ध करेगा और इससे भारतीय संस्कृति की झलक सबको दिखाई जाएगी।
वाराणसी एक ऐसा पवित्र स्थल है जहाँ श्रद्धालुओं की भीड़ कभी कम नहीं होती। यहाँ लोग मोक्ष की प्राप्ति के लिए आते हैं और शांति की कामना करते हैं। इस वर्ष सारे गेस्ट हाउस और होटल्स की बुकिंग्स भर चुकी है, जो दर्शाता है इस शहर की प्राथमिकता को और लोकप्रियता को बढ़ाता है। देव दीपावली सिर्फ धार्मिक रूप से ही नहीं , बल्कि सामाजिक रूप से लोगों को जोड़ता है। और लोगों की आस्था इस शहर को और शुद्ध बनाती है।

Manyaa Chaudhary
यह 'प्रातःकाल' में एसोसिएट एडिटर के पद पर हैं। और पिछले दो वर्षों से इन्हें रिपोर्टिंग और इवेंट मैनेजमेंट का अनुभव है। इससे पहले इन्होंने 'स्वदेश न्यूज़ चैनल' में बतौर ट्रेनी रिपोर्टर काम किया है। ये विशेष रूप में मनोरंजन, स्पोर्ट्स, और क्राइम रिपोर्टिंग क्षेत्र में समर्थ हैं। अभी यह जर्नलिज्म की पढाई कर रही हैं।
