लेह में अशांति: छात्र आंदोलन ने पकड़ा जोर; पुलिस से भिड़ंत और आगजनी
लेह में छात्रों ने सोनम वांगचुक के समर्थन में केंद्र सरकार के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया। इस दौरान गुस्साए प्रदर्शनकारियों ने पुलिस की गाड़ी में आग लगा दी।

काफी दिनोंसे GEN-Z जनरेशन विश्व के राजनीती का एक नया और एक अहम भाग बनी हुई नजर आ रही है। अलग अलग राज्यों में ये जनरेशन अलग अलग तरीके से क्रांति का एलान कर रही है। ऐसे में ही लेह में २४ सितंबर, २०२५ बुधवार के दिन हालत तनावपूर्ण होते हुए नजर आए। इन GEN-Z छात्रोंने केंद्र सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया है। सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक के समर्थन में उतरे इन युवाओं ने लदाख को पूर्ण राज्य का दर्जा देने की मांग दोहराई। प्रदर्शन के दौरान छात्रों और पुलिस के बीच झड़प हुई और गुस्साए छात्रों ने CRPF की एक गाड़ी को आग के हवाले कर दिया। गौरतलब है कि वांगचुक कई महीनों से राज्य के दर्जे की मांग को लेकर आंदोलन कर रहे हैं, लेकिन केंद्र की ओर से अभी तक इस पर कोई ठोस प्रतिक्रिया नहीं आई है। इसलिए यह आंदोलन तीव्रता की ओर बढ़ता हुआ नजर आ रहा है। तो आईये जानते है क्या वारदात हुई है।
सामाजिक और जलवायु कार्यकर्ता सोनम वांगचुक कई दिनों से लदाख में अनशन के लिए बैठे थे। उनकी मांग थी की लदाख को छटी अनुसूची के साथ पूर्ण राज्य का दर्जा दे। उनके समर्थन हेतु Gen-Z भी विरोध प्रदर्शन पर उतरे थे। छात्रों का प्रदर्शन इतना उग्र बना की उनकी वहाँ के पुलिस कर्मियों संग बड़ी भिड़ंत हुई। पुलिस ने इस मामले को शांति में तब्दील करने की कोशिश की परंतु आंदोलन अधिक उग्र बनता गया।
लद्दाख में सोनम वांगचुक के नेतृत्व में चल रहा आंदोलन लगातार तेज होता जा रहा है। वांगचुक की अगुवाई वाली एपेक्स बॉडी केंद्र शासित प्रदेश को छठी अनुसूची में शामिल करने और पूर्ण राज्य का दर्जा दिलाने की मांग पर अड़ी हुई है। इसके लिए उन्होंने नई दिल्ली तक मार्च किया और फिर कई दिनों तक भूख हड़ताल भी कीया। परंतु केंद्र सरकारसे कोई भी मदत न हो पाई। जिसके कारण अब उनके समर्थन में लद्दाख की नई पीढ़ी, खासकर छात्र और युवा, सड़कों पर उतरकर विरोध जता रहे हैं।
२०१९ में आर्टिकल ३७० हटाने के बाद जम्मू-कश्मीर दो हिस्सों में बटा था। यह घटना ५ अगस्त २०१९ में घटी थी। जिसके बाद जम्मू - कश्मीर एक अलग केंद्रशासित प्रदेश बन गया था और लेह , कारगिल मिलाकर लदाख यह केंद्र शासित प्रदेश बना था। अब इसी लदाख को लेकर पूर्ण राज्य बनाने की मांग आगे आ रही है।

Ashiti Joil
यह प्रातःकाल में कंटेंट रायटर अँड एडिटर के पद पर कार्यरत हैं। यह गए 3 सालों से पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया में सक्रिय हैं। इन्होंने लोकसत्ता, टाईम महाराष्ट्र, PR और हैट मीडिया में सोशल मीडिया कंटेंट रायटर के तौर पर काम किया है। इन्होंने मराठी साहित्य में मास्टर डिग्री पूर्ण कि है और अभी ये यूनिवर्सिटी के गरवारे इंस्टीट्यूड में PGDMM (Marthi Journalism) कर रही है। यह अब राजकरण, बिजनेस , टेक्नोलॉजी , मनोरंजन और क्रीड़ा इनके समाचार बनती हैं।
