बलिया में सरयू का कहर; किनारे ने छोड़ा साथ
बाढ़ के कारण 100 से अधिक स्कूल हुए बंद, बच्चे हुए प्रभावित। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय सचिव अवलेश सिंह ने कहा लोकसभा में मदद की गुहार लगाएंगे।

उत्तर प्रदेश: बलिया जिले में एक बार फिर सरयू नदी में पानी का स्तर बढ़ते जा रहा है। दियरांचल क्षेत्र के गोपाल नगर में नदी का पानी उच्चतम स्तर तक कुछ यूँ पहुँचा के 24 घंटे की अंतराल में 20 घरों के भीतर पानी भर गया। स्थानीय निवासियों का मानना है की, लगातार हो रही तेज़ बरसात और अतिरिक्त जल के कारण सरयू नदी का जलस्तर तेज़ी से बढ़ गया। सुबह जब लोग बाहर निकले तो उन्होंने देखा की कैसे जलस्तर बढ़ने के वजह से उनके घरों में पानी जा रहा है। कई लोग अपने परिवार को लेके घर से बहार हुए और अपनी जान बचाई।
गोपाल नदी टेकड़ी के अलाव, पडोसी गाँव जैसे शिवाल मठिया और मानगढ़ में भी नदी का उफान तेज़ है। जिला प्रशासन के बताए गए आंकड़ों के हिसाब से, 50 से भी ज़्यादा घर इस साल सरयू नदी में डुब गए। पिछले वर्ष इसी तरह से जलस्तर बढ़ने से करीबन 200 घर, इसी इलाके में डूब गए थे। सरयू नदी की ये समस्या इन कुछ इलाकों में हर वर्ष देखने मिलता है और ये एक महत्वपूर्ण समस्या बन गया है।
स्थानीय निवासी विरेंद्र यादव ने बताया की इतनी ख़राब हालत में, उनके घर का एक हिस्स्सा रात को कटाव का शिकार हुआ। और अब परिवार को रिश्तेदारों के घर रहना पड़ रहा है। भाजपा नेता सूर्यभान सिंह ने प्रभवतियों को तत्काल सहायता का आश्वासन दिया है, इसके साथ आर्थिक रूप से मदद, आवासीय भूमि और, प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत मदद देने के लिए मुख्यमंत्री को पत्र लिखा है। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय सचिव अवलेश सिंह ने प्रभावितों की समस्या और उनकी पीड़ा की बात लोकसभा में करेंगे, ऐसा आश्वासन दिया है।
जिला आपदा प्रबंधक ने NDRF के चार नावें और स्थानीय स्तर पर 142 नावें तैनात की हैं। बाढ़ से प्रभावित हुए 163 गाँवों में डॉक्टरों की टीम भेजी गई है, जो वहां के लोगों को दवाइयाँ और खाने का सामन बाँट रहे हैं। लेकिन कई जगहों पर बिजली कट जाने के कारण जेनरेटरों का सहारा लिया जा रहा है।
बाढ़ की स्थिति एक बार फिर बलिया के लिए चुनौतीपूर्ण साबित हुई है। जिसके वजह से नदी किनारे बसे निवासी और उनके परिवार के जीवन को संकट में डाल दिया है। जिला प्रशासन ने ऊपरी क्षेत्रों से पानी छोड़े जाने की स्थिति में और गंभीर रूप से निगरानी रखने कहा है। बलिया में सरयू के साथ-साथ गंगा और टोंस नदियां भी खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं।
गंगा नदी का जलस्तर 59.52 मीटर तक पहुंच रहा है, तो वहीं टोंस 61.20 मीटर पर है। इस सैलाब के कारण 70 हज़ार से अधिक लोग प्रभावित हुए हैं और 100 से अधिक गाँवों को भरी नुकसान झेलना पड़ा है। स्कुल बंद होने के कारण हज़ारों बच्चों की पढाई पर असर पड़ा, पशुओं के चारा भी आसानी से नहीं मिल रहा। प्रशासन अपनी तरफ से हर प्रभावित गाँव को खाने, दवाईयां और बाकी अन्य ज़रूरी सामन को पहुँचाने का प्रयास कर रही है। लेकिन इन इलाकों में नावों की कमी के कारण सहायता पहुँचाने में देरी हो रही है।

Manyaa Chaudhary
यह 'प्रातःकाल' में एसोसिएट एडिटर के पद पर हैं। और पिछले दो वर्षों से इन्हें रिपोर्टिंग और इवेंट मैनेजमेंट का अनुभव है। इससे पहले इन्होंने 'स्वदेश न्यूज़ चैनल' में बतौर ट्रेनी रिपोर्टर काम किया है। ये विशेष रूप में मनोरंजन, स्पोर्ट्स, और क्राइम रिपोर्टिंग क्षेत्र में समर्थ हैं। अभी यह जर्नलिज्म की पढाई कर रही हैं।
