National Quantum Mission India 2025 : केंद्र सरकार ने विज्ञान और प्रौद्योगिकी क्षेत्र में एक नया मील का पत्थर स्थापित करते हुए राष्ट्रीय क्वांटम मिशन (NQM) के तहत IIT Bombay, IISc Bengaluru, IIT Kanpur और IIT Delhi में 720 करोड़ रुपये की अत्याधुनिक क्वांटम फैब्रिकेशन और केंद्रीय सुविधाओं की स्थापना की घोषणा की है। विज्ञान और प्रौद्योगिकी राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) जितेंद्र सिंह ने इस मौके पर बताया कि यह पहल भारत को क्वांटम तकनीक में वैश्विक अग्रणी राष्ट्रों की श्रेणी में स्थापित करने की दिशा में एक बड़ा कदम है।

IIT Bombay का दौरा करते हुए मंत्री ने कहा कि इन सुविधाओं के माध्यम से क्वांटम सेंसिंग, क्वांटम कंप्यूटिंग और क्वांटम मैटेरियल्स में स्वदेशी, सुरक्षित और स्केलेबल डिवाइसेस का निर्माण संभव होगा। उन्होंने बताया कि ये केंद्र सिर्फ शोधकर्ताओं के लिए ही नहीं, बल्कि अकादमिक संस्थानों, उद्योगों, स्टार्ट-अप्स और रणनीतिक क्षेत्रों के लिए भी खुले रहेंगे।

मंत्री ने IIT Bombay और IIT Kanpur को क्वांटम सेंसिंग और मेट्रोलॉजी इन्फ्रास्ट्रक्चर के विस्तार के लिए जिम्मेदार ठहराया, जबकि IISc Bengaluru और IIT Bombay सुपरकंडक्टिंग, फोटोनिक और स्पिन क्यूबिट आधारित क्वांटम कंप्यूटिंग के लिए अग्रणी होंगे। IIT Delhi क्वांटम मैटेरियल्स और डिवाइस डेवलपमेंट इकोसिस्टम की मेजबानी करेगा।

जितेंद्र सिंह ने कहा कि इन सुविधाओं से क्वांटम डिवाइस प्रोटोटाइपिंग, ट्रांसलेशनल रिसर्च और अगले स्तर के क्वांटम हार्डवेयर विशेषज्ञों के प्रशिक्षण में मदद मिलेगी। उन्होंने यह भी बताया कि चिकित्सा, डायग्नोस्टिक्स, इमेजिंग, मैटेरियल साइंस और एडवांस कंप्यूटिंग में क्वांटम तकनीकें तेजी से बदलाव लाएंगी।

मंत्री ने संस्थानों के बीच सहयोग को बढ़ावा देने पर जोर देते हुए IITs, AIIMS, IIMs, CSIR लैब्स और अन्य संस्थानों के बीच मल्टी-इंस्टीट्यूशनल MoUs का उल्लेख किया, जिनका उद्देश्य अनुसंधान成果 को वास्तविक दुनिया में लागू करना और वैज्ञानिक उपलब्धियों को व्यापक जनता तक पहुँचाना है।

यह पहल न केवल भारत के डीप-टेक और क्वांटम रिसर्च क्षितिज को विस्तारित करेगी, बल्कि देश को तकनीकी स्वावलंबन और वैश्विक प्रतिस्पर्धा में मजबूती प्रदान करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।

Ashiti Joil

Ashiti Joil

यह प्रातःकाल में कंटेंट रायटर अँड एडिटर के पद पर कार्यरत हैं। यह गए 3 सालों से पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया में सक्रिय हैं। इन्होंने लोकसत्ता, टाईम महाराष्ट्र, PR और हैट मीडिया में सोशल मीडिया कंटेंट रायटर के तौर पर काम किया है। इन्होंने मराठी साहित्य में मास्टर डिग्री पूर्ण कि है और अभी ये यूनिवर्सिटी के गरवारे इंस्टीट्यूड में PGDMM (Marthi Journalism) कर रही है। यह अब राजकरण, बिजनेस , टेक्नोलॉजी , मनोरंजन और क्रीड़ा इनके समाचार बनती हैं।

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