महाराष्ट्र सरकार ने नरीमन पॉइंट स्थित 23 मंजिला एयर इंडिया भवन का 1,601 करोड़ रुपये में औपचारिक रूप से अधिग्रहण कर प्रशासनिक नियंत्रण ले लिया है।

Maharashtra government acquires Air India building : मुंबई की गगनचुंबी इमारतों और दक्षिण मुंबई के समंदर किनारे (मरीन ड्राइव) की खूबसूरत पहचान माना जाने वाला प्रतिष्ठित 'एयर इंडिया भवन' अब आधिकारिक तौर पर महाराष्ट्र सरकार के प्रशासनिक साम्राज्य का हिस्सा बन चुका है। राज्य सरकार ने विमानन इतिहास की गवाह रही इस 23 मंजिला गगनचुंबी इमारत का 1,601 करोड़ रुपये के विशालकाय और ऐतिहासिक सौदे में औपचारिक रूप से अधिग्रहण कर लिया है। एक आधिकारिक विज्ञप्ति के अनुसार, राज्य सचिवालय 'मंत्रालय' में मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की गरिमामयी उपस्थिति में आयोजित कैबिनेट की विशेष बैठक के बाद एयर इंडिया एसेट्स होल्डिंग कंपनी और राज्य लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) के बीच आधिकारिक तौर पर समझौतों का हस्तांतरण पूरा हुआ। इस महाडील के संपन्न होते ही मुंबई के नरीमन पॉइंट स्थित इस ऐतिहासिक व्यावसायिक टावर पर अब पूरी तरह से राज्य सरकार का नियंत्रण स्थापित हो गया है, जो आने वाले दिनों में महाराष्ट्र के प्रशासनिक ढांचे को एक नया रूप देने जा रहा है।

इस बहुचर्चित सौदे और इमारत के ऐतिहासिक महत्व की बात करें तो नरीमन पॉइंट के समुद्र के सामने स्थित यह 23 मंजिला टावर महज एक कंक्रीट का ढांचा नहीं बल्कि मुंबई के विकास का एक जीवंत प्रतीक है। साल 1974 में राज्य सरकार के स्वामित्व वाली पुनः प्राप्त (रिक्लेम्ड) भूमि पर निर्मित की गई यह इमारत दशकों से शहर के सबसे प्रमुख लैंडमार्क्स में से एक रही है। अपने शुरुआती दौर में यह गगनचुंबी इमारत आधुनिक सुख-सुविधाओं जैसे लिफ्ट की तेज सवारी जैसे अनुभवों के लिए देश भर से आने वाली भीड़ को आकर्षित करने के लिए मशहूर थी। टाटा समूह द्वारा एयर इंडिया के निजीकरण और उसके रणनीतिक अधिग्रहण के बाद, इस प्रतिष्ठित मुख्यालय सहित इसकी तमाम गैर-मुख्य संपत्तियां 'एयर इंडिया एसेट्स होल्डिंग लिमिटेड' (AIAHL) के प्रशासनिक नियंत्रण में चली गई थीं, जिससे इसके व्यावसायिक हस्तांतरण का मार्ग प्रशस्त हुआ।

इस अधिग्रहण के पीछे राज्य सरकार की प्रशासनिक मजबूरियां और लंबे समय से चली आ रही कानूनी व कागजी प्रक्रियाएं भी शामिल रही हैं। दरअसल, महाराष्ट्र सरकार लंबे समय से दक्षिण मुंबई के प्रमुख क्षेत्रों में अपने विभिन्न मंत्रालयों और विभागों के लिए कार्यालय स्थान (ऑफिस स्पेस) की गंभीर कमी का सामना कर रही थी। इस समस्या से पार पाने के लिए राज्य सरकार कम से कम वर्ष 2021 से इस संपत्ति को खरीदने के लिए लगातार बातचीत कर रही थी। कानूनी और वित्तीय मोर्चे पर इस सौदे को अमलीजामा पहनाने के लिए नवंबर 2023 में राज्य कैबिनेट ने 1,601 करोड़ रुपये के क्रय मूल्य को अपनी मंजूरी दी थी। इसके साथ ही एक बड़ा प्रशासनिक फैसला लेते हुए एआईएएचएल द्वारा देय लगभग 298 करोड़ रुपये की अप्राप्त आय और पुराने ब्याज बकाये को पूरी तरह से माफ करने का ऐतिहासिक निर्णय लिया गया था, जिसके बाद केंद्र सरकार ने मार्च 2024 में इस पूरे हस्तांतरण प्रस्ताव को अपनी अंतिम कानूनी मंजूरी प्रदान की थी।

इस साल अप्रैल के महीने में यह सौदा तब अपने अंतिम पड़ाव पर पहुंच गया जब वित्त विभाग ने 45,000 वर्ग मीटर से अधिक के इस विशाल ऊंचे ऊर्ध्वाधर ढांचे में विभिन्न बिखरे हुए सरकारी कार्यालयों को एक छत के नीचे समेकित करने और भारी किराये के खर्च को कम करने के उद्देश्य से लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) को 1,600 करोड़ रुपये का फंड जारी किया था। मालिकाना हक के औपचारिक हस्तांतरण के तुरंत बाद पीडब्ल्यूडी मंत्री शिवेंद्रसिंह भोसले ने भवन पर कब्जा लेते हुए अधिकारियों को निर्देश दिया कि परिसर में कार्यालयों को स्थानांतरित करने से पहले पूरी इमारत की एक व्यापक संरचनात्मक ऑडिट (स्ट्रक्चरल ऑडिट) कराई जाए और सभी तकनीकी मरम्मत कार्यों को उच्च मानकों के साथ समय पर पूरा किया जाए। सरकार का इरादा इस इमारत के मुख्य प्रवेश द्वार को पूरी तरह से नया रूप देकर उसे महाराष्ट्र की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत और वास्तुकला को प्रतिबिंबित करने वाले केंद्र के रूप में डिजाइन करना है, जिसके लिए देश के प्रमुख वास्तुकारों को शामिल किया जाएगा।

इस ऐतिहासिक स्वामित्व हस्तांतरण के मौके पर उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा पवार, पर्यटन मंत्री शंभूराज देसाई, लोक निर्माण मंत्री शिवेंद्रसिंहराजे भोसले, मुख्य सचिव राजेश अग्रवाल, अतिरिक्त मुख्य सचिव मिलिंद म्हैस्कर, मुंबई शहर के कलेक्टर अंचल गोयल सहित एयर इंडिया के कई शीर्ष अधिकारी मौजूद रहे। एयर इंडिया भवन का महाराष्ट्र सरकार के हाथों में आना राज्य के प्रशासनिक ढांचे को केंद्रीकृत और मजबूत करने की दिशा में उठाया गया अब तक का सबसे बड़ा रणनीतिक कदम है, जो मुंबई के प्रशासनिक इतिहास में एक नए युग की शुरुआत का संकेत देता है।

Ashiti Joil

Ashiti Joil

यह प्रातःकाल में कंटेंट रायटर अँड एडिटर के पद पर कार्यरत हैं। यह गए 3 सालों से पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया में सक्रिय हैं। इन्होंने लोकसत्ता, टाईम महाराष्ट्र, PR और हैट मीडिया में सोशल मीडिया कंटेंट रायटर के तौर पर काम किया है। इन्होंने मराठी साहित्य में मास्टर डिग्री पूर्ण कि है और अभी ये यूनिवर्सिटी के गरवारे इंस्टीट्यूड में PGDMM (Marthi Journalism) कर रही है। यह अब राजकरण, बिजनेस , टेक्नोलॉजी , मनोरंजन और क्रीड़ा इनके समाचार बनती हैं।

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