PLI auto scheme India : केंद्र सरकार ने संसद में जानकारी दी कि प्रोडक्शन-लिंक्ड इंसेंटिव (पीएलआई) ऑटो स्कीम के तहत पांच आवेदनकर्ताओं को अब तक 1,350.83 करोड़ रुपए का इंसेंटिव जारी किया गया है। यह योजना 25,938 करोड़ रुपए के बजटीय प्रावधान के साथ लागू की गई थी और इसका मुख्य उद्देश्य एडवांस्ड ऑटोमोटिव टेक्नोलॉजी (AAT) उत्पादों के घरेलू उत्पादन को बढ़ावा देना और ऑटोमोटिव वैल्यू चेन में निवेश आकर्षित करना है।

केंद्रीय भारी उद्योग राज्य मंत्री भूपतिराजू श्रीनिवास वर्मा ने राज्यसभा में बताया कि इस योजना के तहत मार्च 2028 तक 2,31,500 करोड़ रुपए का बिक्री लक्ष्य निर्धारित किया गया है, जिसमें 30 सितंबर 2025 तक 32,879 करोड़ रुपए की बिक्री हासिल हो चुकी है। योजना में कम से कम 50 प्रतिशत घरेलू मूल्य संवर्धन (DVA) वाले AAT उत्पादों का निर्माण अनिवार्य है।

पीएलआई ऑटो स्कीम का उद्देश्य केवल उत्पादन बढ़ाना ही नहीं, बल्कि इलेक्ट्रिक वाहनों और उन्नत बैटरी उत्पादन जैसे क्षेत्रों में स्थानीयकरण को भी बढ़ावा देना है। 12 मई 2021 को पीएमएलआई-एसीसी योजना को 18,100 करोड़ रुपए के बजट प्रावधान के साथ मंजूरी दी गई थी, जिसके तहत 50 गीगावॉट-घंटे की संचयी बैटरी उत्पादन क्षमता स्थापित करने का लक्ष्य रखा गया है। इसके अलावा, पीएम ई-ड्राइव योजना के तहत चार वर्षों में 10,900 करोड़ रुपए के बजटीय प्रावधान से ई-2W, ई-3W, ई-ट्रक, ई-बस और ई-अम्बुलेंस की बिक्री व घरेलू विनिर्माण को बढ़ावा दिया जा रहा है।

सरकार के अनुसार, पीएलआई योजनाओं के माध्यम से 2020 से अब तक 1.76 लाख करोड़ रुपए का प्रतिबद्ध निवेश आकर्षित किया गया है और 12 लाख से अधिक रोजगार सृजित हुए हैं। इस योजना के तहत 14 रणनीतिक क्षेत्रों में 806 आवेदनों को मंजूरी दी गई है। विशेषज्ञों का मानना है कि इस कदम से ऑटोमोबाइल सेक्टर में आत्मनिर्भर भारत के लक्ष्य को हासिल करने में मदद मिलेगी और वैश्विक प्रतिस्पर्धा में भारतीय कंपनियों की स्थिति मजबूत होगी।

Ashiti Joil

Ashiti Joil

यह प्रातःकाल में कंटेंट रायटर अँड एडिटर के पद पर कार्यरत हैं। यह गए 3 सालों से पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया में सक्रिय हैं। इन्होंने लोकसत्ता, टाईम महाराष्ट्र, PR और हैट मीडिया में सोशल मीडिया कंटेंट रायटर के तौर पर काम किया है। इन्होंने मराठी साहित्य में मास्टर डिग्री पूर्ण कि है और अभी ये यूनिवर्सिटी के गरवारे इंस्टीट्यूड में PGDMM (Marthi Journalism) कर रही है। यह अब राजकरण, बिजनेस , टेक्नोलॉजी , मनोरंजन और क्रीड़ा इनके समाचार बनती हैं।

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