Global Big Cats Summit : ब्राजील के बेलेम में आयोजित संयुक्त राष्ट्र जलवायु परिवर्तन सम्मेलन कॉप 30 में भारत ने वन्यजीव संरक्षण की दिशा में एक बार फिर वैश्विक नेतृत्व का परिचय दिया। केंद्रीय पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्री भूपेंद्र यादव ने अंतरराष्ट्रीय बिग कैट एलायंस (आईबीसीए) के उच्च स्तरीय मंत्री सत्र में घोषणा की कि भारत वर्ष 2026 में नई दिल्ली में ग्लोबल बिग कैट्स समिट की मेजबानी करेगा। यह घोषणा न केवल भारत की प्रतिबद्धता को दर्शाती है, बल्कि वैश्विक संरक्षण प्रयासों में उसकी मजबूत भूमिका को भी रेखांकित करती है। इस महत्वपूर्ण सत्र में नेपाल के कृषि और पशुपालन मंत्री डॉ. मदन प्रसाद परियार भी उपस्थित रहे।

यादव ने अपने संबोधन में बड़ी बिल्ली प्रजातियों को प्रकृति के संतुलन का स्तंभ बताते हुए कहा कि जहां ये प्रजातियां सुरक्षित रहती हैं, वहां के जंगल अधिक मजबूत होते हैं, घास के मैदान पुनर्जीवित होते हैं और जल संसाधन अधिक सुचारू रूप से कार्य करते हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि इन प्रजातियों की गिरावट संपूर्ण पर्यावरणीय तंत्र को कमजोर करती है, जलवायु परिवर्तन के प्रति सहनशीलता को कम करती है और प्राकृतिक कार्बन भंडारों पर प्रतिकूल प्रभाव डालती है।

सत्र में यह तथ्य भी रेखांकित किया गया कि भारत दुनिया की सात में से पांच बड़ी बिल्ली प्रजातियों का घर है। देश ने बाघों की संख्या दोगुनी करने का लक्ष्य तय समय से पहले पूरा किया है और एशियाई शेरों की संख्या भी लगातार बढ़ रही है। भारत ने एक व्यापक वन्यजीव आंकड़ा तंत्र विकसित किया है, जिसमें बाघ, शेर, तेंदुआ और हिम तेंदुआ की नियमित गणना शामिल है। संरक्षित क्षेत्रों का विस्तार, वन्यजीव गलियारों की सुरक्षा और समुदाय आधारित संरक्षण मॉडल ने भारत को वैश्विक संरक्षण मानचित्र पर अग्रणी स्थान दिलाया है।

यादव ने आईबीसीए की बढ़ती सदस्यता का उल्लेख करते हुए बताया कि यह पहल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ‘एक पृथ्वी, एक विश्व, एक भविष्य’ की सोच पर आधारित है। अब तक 17 देश औपचारिक रूप से इस गठबंधन का हिस्सा बन चुके हैं, जबकि 30 से अधिक देशों ने जुड़ने की इच्छा जताई है। भारत का उद्देश्य है कि सभी बिग कैट रेंज वाले देश इस वैश्विक गठबंधन का अंग बनें और जैव विविधता व जलवायु सुरक्षा को महत्व देने वाले सभी राष्ट्र इसमें शामिल हों।

नई दिल्ली में होने वाला 2026 का ग्लोबल बिग कैट्स समिट वन्यजीव संरक्षण के इतिहास में एक निर्णायक क्षण साबित हो सकता है, जहां दुनिया एक मंच पर आकर बड़ी बिल्ली प्रजातियों के भविष्य को सुरक्षित करने की रणनीतियों को और अधिक मजबूत करेगी।

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Ashiti Joil

Ashiti Joil

यह प्रातःकाल में कंटेंट रायटर अँड एडिटर के पद पर कार्यरत हैं। यह गए 3 सालों से पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया में सक्रिय हैं। इन्होंने लोकसत्ता, टाईम महाराष्ट्र, PR और हैट मीडिया में सोशल मीडिया कंटेंट रायटर के तौर पर काम किया है। इन्होंने मराठी साहित्य में मास्टर डिग्री पूर्ण कि है और अभी ये यूनिवर्सिटी के गरवारे इंस्टीट्यूड में PGDMM (Marthi Journalism) कर रही है। यह अब राजकरण, बिजनेस , टेक्नोलॉजी , मनोरंजन और क्रीड़ा इनके समाचार बनती हैं।

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