LPG Crisis Management : देश की ऊर्जा सुरक्षा और आम जनजीवन की सुगमता को प्राथमिकता देते हुए केंद्र सरकार ने एक बड़ा विधायी कदम उठाया है। घरेलू रसोई गैस (LPG) की निर्बाध आपूर्ति को बनाए रखने के लिए सरकार ने देशभर में 'अत्यावश्यक सेवा अनुरक्षण कानून' यानी एस्मा (ESMA) लागू कर दिया है। यह निर्णय वैश्विक स्तर पर ऊर्जा क्षेत्र में मची उथल-पुथल और संभावित संकट के बीच भारतीय उपभोक्ताओं को राहत देने के उद्देश्य से लिया गया है। इस आदेश के बाद अब रिफाइनरी और पेट्रोकेमिकल इकाइयों के लिए एलपीजी का उत्पादन अधिकतम स्तर पर करना अनिवार्य हो गया है।

आपूर्ति श्रृंखला को सुरक्षित करने की कवायद :

सरकार का यह निर्णय केवल एक प्रशासनिक आदेश नहीं, बल्कि एक रणनीतिक सुरक्षा कवच है। मंत्रालय के अनुसार, वर्तमान वैश्विक परिस्थितियों को देखते हुए यह अनिवार्य हो गया था कि देश के भीतर घरेलू गैस की उपलब्धता में रत्ती भर भी कमी न आने दी जाए। एस्मा लागू होने के बाद पेट्रोलियम क्षेत्र से जुड़ी सभी इकाइयों को अपनी कार्यक्षमता का पूर्ण उपयोग करना होगा। इसका सीधा अर्थ यह है कि अब उत्पादन या वितरण प्रक्रिया में किसी भी प्रकार की हड़ताल, कार्यबंदी या लापरवाही कानूनन अपराध मानी जाएगी। सरकार का स्पष्ट संदेश है कि देश के चूल्हे जलते रहने चाहिए और इसमें किसी भी प्रकार का व्यवधान स्वीकार्य नहीं होगा।

क्या है एस्मा (ESMA) और इसकी कानूनी शक्ति ?

एस्मा, जिसे हिंदी में 'अत्यावश्यक सेवा अनुरक्षण कानून' कहा जाता है, भारतीय संसद द्वारा वर्ष 1968 में पारित किया गया था। यह एक ऐसा शक्तिशाली वैधानिक अस्त्र है जिसका उपयोग सरकार तब करती है जब उसे लगता है कि अनिवार्य सेवाओं के रुकने से जनजीवन अस्त-व्यस्त हो सकता है। इस कानून के लागू होने के बाद संबंधित सेवाओं में कार्यरत कर्मचारी न तो हड़ताल पर जा सकते हैं और न ही काम करने से मना कर सकते हैं। उल्लंघन की स्थिति में बिना वारंट गिरफ्तारी और दंडात्मक कार्यवाही का प्रावधान है।

अनिवार्य सेवाओं का दायरा :

इस कानून के अंतर्गत केवल पेट्रोलियम ही नहीं, बल्कि राष्ट्र निर्माण और सुरक्षा से जुड़ी कई अन्य महत्वपूर्ण श्रेणियों को भी शामिल किया गया है:

  • स्वास्थ्य एवं रक्षा : अस्पतालों की स्वास्थ्य सेवाएं और राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ी सभी इकाइयां।
  • बुनियादी उद्योग : पेट्रोलियम, कोयला, बिजली, इस्पात और उर्वरक का उत्पादन एवं वितरण।
  • वित्तीय और संचार सेवाएं : बैंकिंग संचालन, डाक-तार और संचार व्यवस्था।
  • परिवहन एवं रसद : सार्वजनिक परिवहन और खाद्यान्न की सरकारी खरीद व वितरण से जुड़ी सेवाएं।
Ashiti Joil

Ashiti Joil

यह प्रातःकाल में कंटेंट रायटर अँड एडिटर के पद पर कार्यरत हैं। यह गए 3 सालों से पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया में सक्रिय हैं। इन्होंने लोकसत्ता, टाईम महाराष्ट्र, PR और हैट मीडिया में सोशल मीडिया कंटेंट रायटर के तौर पर काम किया है। इन्होंने मराठी साहित्य में मास्टर डिग्री पूर्ण कि है और अभी ये यूनिवर्सिटी के गरवारे इंस्टीट्यूड में PGDMM (Marthi Journalism) कर रही है। यह अब राजकरण, बिजनेस , टेक्नोलॉजी , मनोरंजन और क्रीड़ा इनके समाचार बनती हैं।

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