दिल्ली के वसंत कुंज स्थित श्री शारदा इंस्टीट्यूट के निदेशक स्वामी चैतन्यानंद सरस्वती के 18 बैंक खातों और 28 फिक्स्ड डिपॉजिट में जमा करीब 8 करोड़ रुपये दिल्ली पुलिस ने फ्रीज कर दिए हैं। यह कार्यवाही 17 छात्राओं के यौन उत्पीड़न के आरोपों और वित्तीय गड़बड़ियों के खिलाफ की गई है। आरोपी वर्तमान में फरार हैं और उनके खिलाफ कई आपराधिक मामले दर्ज हैं। स्वामी चैतन्यानंद सरस्वती, जिनका असली नाम पार्थ सारथी है, ओडिशा के रहने वाले हैं और पिछले 12 साल से श्री शारदा इंस्टीट्यूट ऑफ इंडियन मैनेजमेंट के संचालक थे।


वे खुद को आध्यात्मिक गुरु, लेखक और शिक्षा विशेषज्ञ बताते थे और संस्थान की प्रबंधन समिति में भी शामिल थे। उन पर 2006, 2009 और 2016 में छेड़छाड़ और धोखाधड़ी के मामले दर्ज हुए थे, और 2016 में उनकी गिरफ्तारी भी हुई थी, लेकिन बाद में जमानत मिल गई।


26 सितंबर को 8 करोड़ रुपये के 18 बैंक खाते और 28 फिक्स्ड डिपॉजिट फ्रीज किए गए। वित्तीय घोटाले में ट्रस्ट में 2010 से 20 करोड़ रुपये आने और 60 लाख रुपये निकालने का मामला सामने आया, साथ ही जमीन हड़पने का भी आरोप है। दिल्ली पुलिस ने वसंत कुंज नॉर्थ थाने में यौन उत्पीड़न, महिला की गरिमा को ठेस पहुंचाने और आपराधिक धमकी की धाराओं में एफआईआर दर्ज की।


पुलिस ने संस्थान के बेसमेंट से चैतन्यानंद की नकली डिप्लोमेटिक नंबर प्लेट वाली वॉल्वो कार जब्त की है। दिल्ली कोर्ट ने उनकी जमानत याचिका खारिज कर दी। श्री शारदा पीठम ने सरस्वती ने उनके दुर्व्यवहार की खबर के बारे में पता चलते ही चैतन्यानंद से संबंध तोड़ लिए और उन्हें संस्थान से हटा दिया। इस घटना से लोगों ने आध्यात्मिक संस्थानों पर कड़ी निगरानी रखने और प्रमुख रूप से महिलाओं के सुरक्षा के लिए गुज़ारिश की है।

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Manyaa Chaudhary

Manyaa Chaudhary

यह 'प्रातःकाल' में एसोसिएट एडिटर के पद पर हैं। और पिछले दो वर्षों से इन्हें रिपोर्टिंग और इवेंट मैनेजमेंट का अनुभव है। इससे पहले इन्होंने 'स्वदेश न्यूज़ चैनल' में बतौर ट्रेनी रिपोर्टर काम किया है। ये विशेष रूप में मनोरंजन, स्पोर्ट्स, और क्राइम रिपोर्टिंग क्षेत्र में समर्थ हैं। अभी यह जर्नलिज्म की पढाई कर रही हैं।

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