पाकिस्तान के क्वेटा में फ्रंटियर कॉर्प्स हेडक्वार्टर के पास भीषण आत्मघाती धमाका हुआ है। इस हमले में कई लोगों की मौत और घायल होने की खबर है, जबकि अब तक किसी संगठन ने इसकी जिम्मेदारी नहीं ली है।


पाकिस्तान के बलूचिस्तान प्रांत की राजधानी क्वेटा एक भीषण धमाके से दहल उठी। जानकारी के मुताबिक, पाकिस्तानी पैरामिलिट्री फोर्स फ्रंटियर कॉपर्स के मुख्यालय के पास दोपहर के करीब 12 बजकर 3 मिनट पर यह आत्मघाती हमला हुआ है। जिसमें तीन जवानों समेत 10 लोगों की मौत हो गई और 30 से ज्यादा लोग घायल बताए जा रहे हैं। फिलहाल न तो पाकिस्तानी सेना और न ही बलूचिस्तान सरकार की ओर से कोई आधिकारिक बयान आया है। वहीं, किसी भी विद्रोही संगठन ने इस हमले की जिम्मेदारी नहीं ली है। घटना का एक सीसीटीवी फुटेज भी सामने आया है, जिसने धमाके की भयावहता को उजागर कर दिया है।


वारदात के जगह पर पुलिस के साथ साथ फ्रंटियर कॉप्स ( FC ) भी मौजूत है। पुलिस के अनुसार जारगुन नमक रोड पर हुआ ब्लास्ट सबसे खतरनाक रहा है, क्योंकि इस ब्लास्ट के आवाज से दौरान सारी इमरतों के खिड़की और दरवाजे टूट गए। मामले को मद्दे नजर रखते हुए इसलके की खेराबन्दी करा दी है। इस वारदात के चलते पकिस्तान में स्वास्थ्य मंत्री बख्त मुहम्मद काकर ने कुछ महत्वपूर्ण सूचनाएं घोषित की है। तो आईये जानते है उन्होंने क्या कहा है।


क्वेटा धमाके के बाद हालात बिगड़ते देख बलूचिस्तान के स्वास्थ्य मंत्री बख्त मुहम्मद काकर ने पूरे शहर के अस्पतालों में आपातकाल घोषित कर दिया है। डॉक्टरों, नर्सों, फार्मासिस्टों और पैरामेडिकल स्टाफ को तुरंत ड्यूटी पर लौटने का आदेश दिया गया है। इस बीच प्रशासन ने विस्फोट के पीछे की साजिश और जिम्मेदारों की पहचान के लिए जांच शुरू कर दी है। घटनास्थल से मिले वीडियो में दूर तक उठते धुएं का विशाल गुबार याने धूल नजर आ रही है। जिससे लोगों में दहशत माहौल छाया है।



मिली जानकारी के अनुसार, सीसीटीवी फुटेज में साफ दिखाई देता है कि एक आत्मघाती हमलावर फ्रंटियर कॉर्प्स के मुख्यालय के सामने गाड़ियों के बीच खुद को उड़ा लेता है। इसके बाद कुछ और हमलावर मुख्यालय के भीतर घुसने की कोशिश करते दिखे, जिस पर सुरक्षाबलों ने जवाबी कार्रवाई की। दोनों ओर से गोलीबारी हुई, जिसमें चार बंदूकधारी हमलावर मारे गए। सुरक्षा एजेंसियां अब यह जांचने में जुटी हैं कि हमले के पीछे बलूच विद्रोही गुटों का हाथ है या फिर हाल के वर्षों में बलूचिस्तान में बढ़ते इस्लामिक स्टेट खुरासान नेटवर्क की भी भूमिका रही है।


इस हमले के कारण पाकिस्तान के सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठ रहां है। कुछ ही समय पहले पाकिस्तान ने बलुचिस्थान में मौजूद खनीज के सैंपल्स अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को दिखाए थे। जिससे पाक और अमेरिका का व्यावहारिक संबंध बढ़ने की बात चल रही थी। इसलिए बलुचिस्थान यह व्यापारिक दृष्टया महत्वपूर्ण स्थल होने वाला है। लेकिन आज का हमला इस संभावित साझेदारी के साथ-साथ बलूचिस्तान की अस्थिर स्थिति को भी उजागर करता है। लगातार चल रहे सैन्य अभियानों के बावजूद विद्रोही ताकतें न सिर्फ सक्रिय हैं बल्कि सुरक्षाबलों को सीधी चुनौती देने में सक्षम दिख रही हैं। ऐसे हालात में पाकिस्तान सरकार और सेना दोनों पर यह दबाव बढ़ गया है कि वे न सिर्फ खनिज संपदा की सुरक्षा सुनिश्चित करें बल्कि स्थानीय लोगों के बीच भरोसा भी कायम करें।

Ashiti Joil

Ashiti Joil

यह प्रातःकाल में कंटेंट रायटर अँड एडिटर के पद पर कार्यरत हैं। यह गए 3 सालों से पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया में सक्रिय हैं। इन्होंने लोकसत्ता, टाईम महाराष्ट्र, PR और हैट मीडिया में सोशल मीडिया कंटेंट रायटर के तौर पर काम किया है। इन्होंने मराठी साहित्य में मास्टर डिग्री पूर्ण कि है और अभी ये यूनिवर्सिटी के गरवारे इंस्टीट्यूड में PGDMM (Marthi Journalism) कर रही है। यह अब राजकरण, बिजनेस , टेक्नोलॉजी , मनोरंजन और क्रीड़ा इनके समाचार बनती हैं।

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