बर्फीली वादियों में छाई ठंडक ; मुस्कुराया कश्मीर
श्रीनगर और आसपास के मैदानी इलाकों में हल्की बारिश ने मौसम को और खुशनुमा बना दिया। बर्फबारी ने पर्यटकों और स्थानीय लोगों के चेहरों पर मुस्कान ला दी।

गुलमर्ग, कश्मीर
श्रीनगर। कश्मीर में शुक्रवार को मौसम ने अपना रंग बदलते ही ठंड और खूबसूरती का नज़ारा पेश किया। सीजन की पहली बर्फबारी ने गुलमर्ग, सोनमर्ग और गुरेज की ऊँची चोटियों को सफेद चादर से ढक दिया। इस दौरान श्रीनगर और अन्य मैदानी इलाकों में हल्की बारिश हुई, जिससे मौसम ठंडा और खुशनुमा हो गया। बर्फबारी और बारिश ने न सिर्फ पर्यटकों का उत्साह बढ़ाया बल्कि स्थानीय लोगों के बीच भी त्योहार जैसा माहौल पैदा कर दिया।
मौसम विभाग ने गुरुवार को भविष्यवाणी की थी कि जम्मू-कश्मीर में 5 से 7 अक्टूबर तक भारी बारिश और बर्फबारी का सिलसिला रहेगा। हालांकि, इसके पहले ही इस सीजन की पहली बर्फबारी ने लोगों को आश्चर्यचकित कर दिया। गुलमर्ग और सोनमर्ग में पर्यटकों ने अपनी कैमरों में बर्फ से ढकी चोटियों की सुंदरता को कैद किया, जबकि स्थानीय लोग बच्चों की तरह खुशी का अनुभव कर रहे थे।
कश्मीर में बर्फबारी का यह दौर पर्वतीय इलाकों में खास महत्व रखता है, क्योंकि इससे न केवल मौसम बदलता है बल्कि पर्यटन उद्योग और स्थानीय अर्थव्यवस्था पर भी इसका असर पड़ता है। मौसम विभाग ने पर्यटकों और स्थानीय निवासियों से पर्वतीय क्षेत्रों में सुरक्षित यात्रा करने की सलाह दी है।
इसी बीच देश के अन्य हिस्सों में भी मौसम ने अपना असर दिखाया। बिहार और छत्तीसगढ़ में शुक्रवार को भारी बारिश की संभावना को देखते हुए रेड अलर्ट जारी किया गया है। भारतीय मौसम विभाग (आईएमडी) ने बिहार के सभी 38 जिलों और छत्तीसगढ़ के 28 जिलों में तेज बारिश का अनुमान जताया। बिहार के कई जिलों में गुरुवार को भी लगातार बारिश हुई, जिससे दुर्गा पंडालों में पानी भर गया और स्थानीय प्रशासन ने राहत एवं बचाव कार्यों के लिए सतर्कता बरती।
मौसम विभाग ने मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश, झारखंड, ओडिशा और पश्चिम बंगाल में भी भारी वर्षा की संभावना जताई है। इन क्षेत्रों में बारिश का दौर 6 और 7 अक्टूबर तक जारी रहने की संभावना है। हिमाचल प्रदेश में भी मौसम ने अपनी ताकत दिखाई। कांगड़ा जिले में शुक्रवार सुबह भारी बारिश और ओलों के गिरने की सूचना मिली। इसके अलावा, धौलाधार पर्वत श्रृंखला में गुरुवार रात हल्की बर्फबारी हुई थी, जिससे धर्मशाला में न्यूनतम तापमान 14–15 डिग्री सेल्सियस तक पहुँच गया।
विशेषज्ञों के अनुसार, हिमाचल प्रदेश और कश्मीर में मौसम में यह बदलाव जल्द ही सर्दियों की शुरुआत का संकेत है। पर्वतीय इलाकों में बर्फबारी और मैदानी क्षेत्रों में बारिश का यह संगम न केवल प्राकृतिक सुंदरता बढ़ाता है, बल्कि स्थानीय जीवन और पर्यटन पर भी गहरा प्रभाव डालता है।
कुल मिलाकर, देश के विभिन्न हिस्सों में मौसम ने अपनी विविधता दिखाई—कश्मीर और हिमाचल में बर्फबारी और ठंड, जबकि पूर्वी और मध्य भारत में भारी बारिश। यह परिवर्तन मौसम की अनिश्चितताओं और प्राकृतिक चक्र की याद दिलाता है, जो हर साल नए अनुभव और चुनौतियाँ लेकर आता है।

Manyaa Chaudhary
यह 'प्रातःकाल' में एसोसिएट एडिटर के पद पर हैं। और पिछले दो वर्षों से इन्हें रिपोर्टिंग और इवेंट मैनेजमेंट का अनुभव है। इससे पहले इन्होंने 'स्वदेश न्यूज़ चैनल' में बतौर ट्रेनी रिपोर्टर काम किया है। ये विशेष रूप में मनोरंजन, स्पोर्ट्स, और क्राइम रिपोर्टिंग क्षेत्र में समर्थ हैं। अभी यह जर्नलिज्म की पढाई कर रही हैं।
