नई दिल्ली (एजेंसी)। लोकसभा में विपक्ष के नेता और कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी द्वारा चुनाव आयोग और केंद्र सरकार पर लगाए गए गंभीर आरोपों के बाद सियासत गर्मा गई है। भाजपा सांसद और पूर्व केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर ने शुक्रवार को प्रेस वार्ता कर राहुल गांधी के बयानों पर तीखा पलटवार किया। उन्होंने आरोप लगाया कि राहुल गांधी भारत की लोकतांत्रिक संस्थाओं को कमजोर करने और देश में “बांग्लादेश और नेपाल जैसी स्थिति” पैदा करने की कोशिश कर रहे हैं।

आरोपों की शुरुआत और राहुल गांधी का बयान-

राहुल गांधी ने हाल ही में अपनी प्रेस कॉन्फ्रेंस में दावा किया था कि केंद्र सरकार और चुनाव आयोग “वोट चोरी” में लिप्त हैं। उन्होंने कहा था कि चुनाव प्रक्रिया पारदर्शी नहीं है और लोकतंत्र पर संकट मंडरा रहा है। गांधी ने आरोप लगाया कि संवैधानिक संस्थाएं निष्पक्ष तरीके से काम नहीं कर रही हैं और जनता का विश्वास लगातार कमजोर हो रहा है।

इन बयानों के बाद भाजपा ने कड़ी प्रतिक्रिया दी। अनुराग ठाकुर ने कहा कि राहुल गांधी बिना सबूत के आरोप लगाने की आदत डाल चुके हैं और इस तरह के बयानों से देश की साख और लोकतांत्रिक ढांचा कमजोर होता है।

भाजपा का पलटवार: “घुसपैठियों की राजनीति कांग्रेस का एजेंडा”

अनुराग ठाकुर ने राहुल गांधी को आड़े हाथों लेते हुए कहा, “भारत का चुनाव आयोग बिना किसी पूर्वाग्रह के काम कर रहा है। लेकिन राहुल गांधी का असली एजेंडा घुसपैठियों को संरक्षण देना है। अगर कांग्रेस का यह कथित एजेंडा सफल हुआ तो सबसे ज्यादा नुकसान अनुसूचित जाति, जनजाति और अन्य पिछड़ा वर्ग के समुदायों को होगा।”

उन्होंने कहा कि कांग्रेस हमेशा से अवैध मतदाताओं को बचाने की राजनीति करती रही है। ठाकुर के अनुसार, यह एजेंडा न केवल चुनाव प्रक्रिया को प्रभावित करता है बल्कि समाज के वंचित तबकों के अधिकारों को भी कमजोर करता है।

चुनाव आयोग की आलोचना पर बचाव-

राहुल गांधी ने अपने आरोपों में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार का भी नाम लिया था और उन पर सवाल उठाए थे। इस पर भाजपा सांसद ने चुनाव आयोग का जोरदार बचाव किया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस को यह नहीं भूलना चाहिए कि कई पूर्व मुख्य चुनाव आयुक्त कांग्रेस से जुड़े रहे हैं।

ठाकुर ने उदाहरण देते हुए कहा कि एमएस गिल यूपीए सरकार में मंत्री बने थे और टीएन शेषन ने कांग्रेस के टिकट पर लोकसभा चुनाव लड़ा था। ऐसे में चुनाव आयोग पर सवाल उठाने का कोई औचित्य नहीं है। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी बार-बार संवैधानिक संस्थाओं की छवि खराब करने की कोशिश करते हैं और “टूलकिट” की मदद से उन्हें निशाना बनाते हैं।

अलंद विधानसभा विवाद का जिक्र-

अनुराग ठाकुर ने 2023 में कर्नाटक के अलंद विधानसभा क्षेत्र से जुड़े विवाद का भी उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि वहां नाम हटाने की असफल कोशिश हुई थी और चुनाव आयोग ने इस मामले में एफआईआर दर्ज कराने का आदेश दिया था।

चुनाव आयोग ने मोबाइल नंबर और आईपी एड्रेस जैसी तकनीकी जानकारियां भी साझा की थीं। इसके बावजूद, ठाकुर ने आरोप लगाया कि कांग्रेस शासित कर्नाटक की सीआईडी ने अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की। उन्होंने सवाल उठाया कि जब कांग्रेस उम्मीदवार वहां से चुनाव जीत गया, तो क्या वह “वोट चोरी” करके जीता था?

भाजपा की प्रतिक्रिया: “लोकतंत्र बचाना नहीं, नष्ट करना चाहते हैं”

अनुराग ठाकुर ने राहुल गांधी के बयानों को लोकतंत्र के लिए खतरनाक बताया। उन्होंने कहा, “राहुल गांधी ने खुद माना कि वह यहां लोकतंत्र बचाने नहीं आए हैं। अगर लोकतंत्र बचाना उनका लक्ष्य नहीं है, तो क्या वह इसे नष्ट करना चाहते हैं?”

भाजपा नेता ने कहा कि इस तरह के आरोप जनता को गुमराह करने और लोकतंत्र को कमजोर करने की सुनियोजित रणनीति का हिस्सा हैं।

कांग्रेस पर बार-बार चुनाव हारने का तंज-

अनुराग ठाकुर ने राहुल गांधी की राजनीतिक स्थिति पर भी सवाल खड़े किए। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी एक ऐसे नेता हैं जो चुनाव दर चुनाव हारते आए हैं और जनता बार-बार उन्हें नकारती रही है।

ठाकुर ने दावा किया कि उनके नेतृत्व में कांग्रेस लगभग 90 चुनाव हार चुकी है। उन्होंने कहा, “हताशा और निराशा के कारण राहुल गांधी ने आरोपों की राजनीति को अपना हथियार बना लिया है। जब उनसे सबूत मांगा जाता है, तो वे पीछे हट जाते हैं। हलफनामा देने के लिए कहा जाता है, तो मुकर जाते हैं। निराधार आरोप लगाना उनकी आदत बन गई है।”

निष्कर्ष-

राहुल गांधी के आरोप और भाजपा का जवाब एक बार फिर इस बात को उजागर करते हैं कि देश की राजनीति में चुनाव आयोग की भूमिका और विश्वसनीयता बड़ा मुद्दा बन चुकी है। कांग्रेस जहां लोकतंत्र की रक्षा के नाम पर चुनाव आयोग और केंद्र पर निशाना साध रही है, वहीं भाजपा इसे आधारहीन आरोप बताते हुए पलटवार कर रही है।

फिलहाल, सियासी घमासान जारी है और आने वाले दिनों में यह टकराव और तेज होने की संभावना है। लोकतंत्र और चुनावी प्रक्रिया की निष्पक्षता पर उठे सवाल अब संसद से लेकर सड़क तक चर्चा का विषय बने हुए हैं।

Manyaa Chaudhary

Manyaa Chaudhary

यह 'प्रातःकाल' में एसोसिएट एडिटर के पद पर हैं। और पिछले दो वर्षों से इन्हें रिपोर्टिंग और इवेंट मैनेजमेंट का अनुभव है। इससे पहले इन्होंने 'स्वदेश न्यूज़ चैनल' में बतौर ट्रेनी रिपोर्टर काम किया है। ये विशेष रूप में मनोरंजन, स्पोर्ट्स, और क्राइम रिपोर्टिंग क्षेत्र में समर्थ हैं। अभी यह जर्नलिज्म की पढाई कर रही हैं।

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