Indigo Flight Crisis : एयरलाइंस की मनमानी पर प्रहार ; सरकार ने हवाई किरायों पर कसा शिकंजा
Indigo Flight Crisis : इंडिगो के बड़े ऑपरेशनल संकट के बीच देशभर में 400 से अधिक उड़ानें रद्द हुईं, जिससे हवाई यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। रेलवे ने 37 ट्रेनों में 116 कोच जोड़े, सरकार ने किराया नियंत्रण लागू किया और सुप्रीम कोर्ट में हस्तक्षेप की मांग उठी। लेख में संकट, सरकारी कदम और यात्री प्रभाव का विस्तृत विवरण शामिल है।

indigo flight crisis india 2025
indigo flight crisis india 2025 : देश की सबसे बड़ी एयरलाइन इंडिगो बीते कई दिनों से गंभीर ऑपरेशनल संकट से गुजर रही है, जिससे देशभर के हवाई अड्डों पर हजारों यात्री प्रभावित हुए हैं। कई शहरों में फ्लाइटें या तो रद्द कर दी गईं या लगातार देरी से चल रही हैं, जिसके चलते यात्रियों में असमंजस और तनाव दोनों बढ़े। इस आपात स्थिति को देखते हुए रेलवे और सरकार को हस्तक्षेप करना पड़ा, जबकि सुप्रीम कोर्ट से भी इस मामले में स्वतः संज्ञान की मांग की गई है।
उत्तर रेलवे ने शुक्रवार को घोषणा की कि अचानक बढ़ी यात्रा मांग को संभालने के लिए 37 प्रीमियम ट्रेनों में 116 अतिरिक्त कोच जोड़े गए हैं। रेलवे मंत्रालय के अनुसार दक्षिणी रेलवे ने सबसे अधिक संवर्द्धन किए और 18 ट्रेनों की क्षमता बढ़ाई। इस कदम से लंबी दूरी के यात्रियों को राहत मिली है, जो उड़ान रद्द होने के कारण वैकल्पिक यात्रा विकल्प तलाश रहे थे।
इस बीच सुप्रीम कोर्ट के वकील नरेंद्र मिश्रा ने मुख्य न्यायाधीश को पत्र लिखकर अनुरोध किया कि इंडिगो संकट पर स्वतः संज्ञान लेकर तुरंत हस्तक्षेप किया जाए। बढ़ती अनियमितताओं और लाखों यात्रियों पर पड़े प्रभाव को देखते हुए यह मुद्दा राष्ट्रीय महत्व का बन गया है।
देहरादून, जम्मू, पुणे, जयपुर और चेन्नई जैसे प्रमुख हवाई अड्डों पर स्थिति बेहद गंभीर रही। देहरादून में सीमित उड़ानें चल रही हैं और यात्रियों से यात्रा-पूर्व फ्लाइट की स्थिति जांचने की अपील की गई है। जम्मू में असमंजस की स्थिति बनी हुई है, जहां यात्रियों ने दो-दो दिनों तक जानकारी के अभाव और मानसिक तनाव की शिकायत की। पुणे एयरपोर्ट पर शनिवार को 42 उड़ानें रद्द की गईं, जिनमें 14 आगमन और 28 प्रस्थान शामिल थे। चेन्नई में हालात सबसे खराब रहे, जहां एक ही दिन में 48 उड़ानें रद्द हुईं। देशभर में अब तक 400 से अधिक इंडिगो उड़ानें रद्द की जा चुकी हैं।
हालांकि 6 दिसंबर की सुबह कुछ राहत दिखी, जब एयरलाइन ने सीमित संख्या में उड़ानें फिर से शुरू कीं। इंडिगो का कहना है कि पूरी तरह सामान्य संचालन में अभी कुछ दिन और लगेंगे और अनुमान है कि 10 से 15 दिसंबर के बीच स्थिति पटरी पर लौट सकती है। हालांकि रिफंड, रीबुकिंग और ऐप-वेबसाइट पर जानकारी न मिलने की शिकायतें लगातार जारी हैं।
स्थिति गंभीर होते ही स्पाइसजेट और एयर इंडिया ने अतिरिक्त उड़ानें जोड़कर यात्रियों का भार संभालने की कोशिश की है। नागर विमानन मंत्रालय ने बढ़ते हवाई किराए की शिकायतों पर सख्त रुख अपनाते हुए सभी एयरलाइंस को तय सीमा के भीतर किराया रखने का आदेश दिया है, ताकि वरिष्ठ नागरिक, छात्र और मरीज जैसे यात्रियों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ न पड़े। मंत्रालय ने 24×7 कंट्रोल रूम सक्रिय कर दिया है और सभी उड़ानों की स्थिति, किराए और यात्रियों की शिकायतों पर सीधे निगरानी रख रहा है।
इंडिगो ने यात्रियों से आग्रह किया है कि वे अगले कुछ दिनों तक उड़ान समय-सारिणी में बदलाव, संभावित देरी और रिफंड/रीबुकिंग में प्रतीक्षा की स्थिति को ध्यान में रखकर यात्रा योजनाएं बनाएं। अधिकारियों का कहना है कि सामान्य स्थिति बहाल होने में अभी समय लगेगा और यात्रियों को केवल आधिकारिक माध्यमों से ही अपडेट प्राप्त करने चाहिए।
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Ashiti Joil
यह प्रातःकाल में कंटेंट रायटर अँड एडिटर के पद पर कार्यरत हैं। यह गए 3 सालों से पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया में सक्रिय हैं। इन्होंने लोकसत्ता, टाईम महाराष्ट्र, PR और हैट मीडिया में सोशल मीडिया कंटेंट रायटर के तौर पर काम किया है। इन्होंने मराठी साहित्य में मास्टर डिग्री पूर्ण कि है और अभी ये यूनिवर्सिटी के गरवारे इंस्टीट्यूड में PGDMM (Marthi Journalism) कर रही है। यह अब राजकरण, बिजनेस , टेक्नोलॉजी , मनोरंजन और क्रीड़ा इनके समाचार बनती हैं।
