मुंबई। दक्षिण मुंबई के हृदयस्थल में स्थित एक बेशकीमती जमीन पर कब्जे को लेकर उठा विवाद अब गंभीर कानूनी मोड़ ले चुका है। फोर्ट स्थित एमआरए मार्ग पुलिस इस समय एडवोकेट शबनम लाठीवाला, उसके पति मोहम्मद तनवीर और पुत्र साहिर हिरानी की तलाश कर रही है। तीनों पर जमीन हड़पने, पीड़ित परिवार को धमकाने और पुलिस अधिकारियों को बदनाम करने जैसे गंभीर आरोप लगे हैं। अदालत ने उनकी अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर गिरफ्तारी को आवश्यक बताया, लेकिन इसके बावजूद आरोपी परिवार फरार हो गया है।

विवादित संपत्ति और शुरुआत :

मामले की जड़ वर्ष 2016 से जुड़ी है। उस समय 74 वर्षीय नागराज जैन ने धर्मादाय आयुक्त की अनुमति से बाई हेमकोरेबाई देविदास प्रभूदास चैरिटी से दक्षिण मुंबई स्थित कोठारी मेंशन खरीदी थी। यह इमारत शहर के प्रमुख स्थान जीपीओ के सामने स्थित है और अपनी अहम लोकेशन के कारण काफी मूल्यवान मानी जाती है।

बिल्डिंग पुरानी और जर्जर स्थिति में थी। मरम्मत के लिए म्हाडा ने निविदा आमंत्रित की थी, वहीं पुरातत्व विभाग ने इसे संरक्षित करने के उपाय किए। इसी बीच वर्ष 2018 में शॉर्ट सर्किट की वजह से इमारत में आग लग गई, जिससे इसकी हालत और भी खराब हो गई। इन परिस्थितियों में नागराज जैन ने कागजी कार्यवाही और वित्तीय व्यवस्था के लिए एडवोकेट शबनम लाठीवाला की सेवाएं लीं। शबनम ने अपने पति तनवीर की मदद से नागराज को 40 लाख रुपये का कर्ज भी उपलब्ध कराया।

आरोपों की परतें :

जैन परिवार का आरोप है कि यहीं से उनकी मुश्किलें शुरू हो गईं। नागराज के बेटे जितेंद्र जैन के अनुसार, लाठीवाला को दिए गए संपत्ति संबंधी कागजात उनके खिलाफ ही इस्तेमाल किए गए। वर्ष 2021 में जब बीएमसी ने इमारत को तोड़े जाने की अनुमति दी, तो लाठीवाला ने इस स्थिति का फायदा उठाना शुरू कर दिया। आरोप है कि शबनम, उसके पति और बेटे ने जैन परिवार को लगातार धमकाना शुरू किया और जुलाई 2025 में उन्होंने जमीन के करीब 200 वर्ग मीटर हिस्से पर अवैध कब्जा कर लिया। यही नहीं, उस पर अपने मालिकाना हक का बोर्ड भी टांग दिया।

पुलिस कार्रवाई और कानूनी मोड़ :

जैन परिवार की शिकायत के बाद MRA मार्ग पुलिस ने कई बार आरोपियों को पूछताछ के लिए बुलाया, लेकिन वे सामने नहीं आए। इसके बाद 22 जुलाई 2025 को पुलिस ने एफआईआर दर्ज की। जैन परिवार ने पुलिस को मालिकाना हक से संबंधित सभी वैध दस्तावेज भी प्रस्तुत किए। मामले की गंभीरता बढ़ गई जब 5 सितंबर 2025 को नागराज जैन की हाइपरटेंशन के चलते मौत हो गई। परिवार ने सार्वजनिक रूप से आरोप लगाया कि यह प्रताड़ना और मानसिक दबाव ही उनकी मृत्यु का कारण बना।

इसी बीच, शबनम लाठीवाला और उसके परिवार ने पुलिस अधिकारियों को भी विवाद में घसीटना शुरू किया। जितेश जैन के अनुसार, आरोपियों ने डीसीपी प्रविण मुंडे और सहायक पुलिस उपनिरीक्षक संध्या निकम समेत कई वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों पर सोशल मीडिया के माध्यम से भ्रष्टाचार के निराधार आरोप लगाए और उनकी छवि धूमिल करने की कोशिश की।

अदालत का आदेश और फरारी :

मामले पर सुनवाई के दौरान अदालत ने लाठीवाला परिवार की अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर दी और गिरफ्तारी को आवश्यक बताया। इसके बावजूद शबनम लाठीवाला, उसके पति और पुत्र फरार हो गए। उनके मोबाइल फोन भी बंद हैं और पुलिस अब उनकी तलाश में जुटी है।


दक्षिण मुंबई की इस बहुमूल्य जमीन को लेकर खड़ा हुआ यह विवाद अब धोखाधड़ी, धमकाने और सार्वजनिक अधिकारियों की छवि धूमिल करने के गंभीर आरोपों में तब्दील हो चुका है। एक वरिष्ठ नागरिक की मृत्यु और परिवार की पीड़ा ने मामले को और अधिक संवेदनशील बना दिया है। पुलिस की चुनौती अब आरोपियों को पकड़कर कानून के कटघरे में खड़ा करना है।

जितेंद्र जैन का कहना है कि उन्हें विश्वास है कि न्याय मिलेगा और पुलिस जल्द ही आरोपियों को गिरफ्तार कर मामले की सच्चाई सामने लाएगी। यह घटना न केवल कानूनी पेशे में नैतिकता पर सवाल खड़े करती है, बल्कि यह भी दर्शाती है कि न्यायिक प्रक्रिया में विश्वास और सख्ती दोनों का होना कितना आवश्यक है।

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Ashiti Joil

Ashiti Joil

यह प्रातःकाल में कंटेंट रायटर अँड एडिटर के पद पर कार्यरत हैं। यह गए 3 सालों से पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया में सक्रिय हैं। इन्होंने लोकसत्ता, टाईम महाराष्ट्र, PR और हैट मीडिया में सोशल मीडिया कंटेंट रायटर के तौर पर काम किया है। इन्होंने मराठी साहित्य में मास्टर डिग्री पूर्ण कि है और अभी ये यूनिवर्सिटी के गरवारे इंस्टीट्यूड में PGDMM (Marthi Journalism) कर रही है। यह अब राजकरण, बिजनेस , टेक्नोलॉजी , मनोरंजन और क्रीड़ा इनके समाचार बनती हैं।

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