17 सितम्बर को छत्तीसगढ़ के नारायणपुर जिले में 12 नक्सलियों ने घुटने टेक दिए। इन में से 9 नक्सलियों पर 18 लाख रूपए का इनाम था।

पुलिस अधिकारिओं ने बताया के, सुदरेन नेताम उर्फ सुधाकर (41) और धोबा सलाम उर्फ महेश सलाम जो एरिया कमिटी के सहयोगी हैं, इनके समेत 12 नक्सलियों ने आत्मासमर्पण करदिया। इस गुट में 5 महिलाएँ भी शामिल हैं।

पुलिस ने विख्यात रूप में बताया की, सुदरेन और धोबा को लिए 5-5 लाख का इनाम था, कुछ नक्सलियों पर 2-2 लाख, कुछ पर 1-1 लाख, तो अन्य नक्सलियों पर 50-50 हज़ार के इनाम।

नक्सलियों ने आत्मसमर्पण इसलिए किया क्यूंकि पुलिस का दबाव बढ़ते जा रहा था, लगातार कँपकँपी पनपती जा रही थी सबके मन में, और पुलिस का नक्सलों को मिटने का इरादा रुक नहीं रहा था। नक्सलियों की विचारधारा को कई लोग अब बेकार और अमानवीय मानते हैं। इसके अलावा, नक्सली अपने ही लोगों का शोषण करते हैं, जिससे उनके समर्थक और सदस्य तंग आ चुके हैं।

आत्मसमर्पण करने वाले नक्सलियों को सरकार की ओर से प्रोत्साहन के तौर पर 50,000 रुपये का चेक दिया जा रहा है। छत्तीसगढ़ सरकार ने इन आत्मसमर्पण करने वाले नक्सलियों को ये कहा है कि, सरकार की नक्सल उन्मूलन नीति के तहत इनके जीवन की नयी शुरुआत के लिए सरकार इन्हे रोजगार, सामाजिक सुविधाएं, सुरक्षा देगी।

नारायणपुर जिले में इस वर्ष (2025) अब तक कुल मिला के 177 नक्सलवादियों ने आत्मसमर्पण कर दिया है, उनका मानना था की सुरक्षाबालों के बढ़ते दबाव के कारण उनका काम करना मुश्किल हो रहा था, और वे खुद भी अपनी हिंसक विचारधारा से परेशान हो। आत्मसमर्पण करने वाले नक्सलियों के मन में अपने जीवन को पुनः सुधारने की इच्छा ये दर्शाता है की कई नक्सली हिंसा का रास्ता छोड़कर शांतिपूर्वक अपना जीवन बिताना चाहते हैं।

Manyaa Chaudhary

Manyaa Chaudhary

यह 'प्रातःकाल' में एसोसिएट एडिटर के पद पर हैं। और पिछले दो वर्षों से इन्हें रिपोर्टिंग और इवेंट मैनेजमेंट का अनुभव है। इससे पहले इन्होंने 'स्वदेश न्यूज़ चैनल' में बतौर ट्रेनी रिपोर्टर काम किया है। ये विशेष रूप में मनोरंजन, स्पोर्ट्स, और क्राइम रिपोर्टिंग क्षेत्र में समर्थ हैं। अभी यह जर्नलिज्म की पढाई कर रही हैं।

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