डॉक्टरी छोड़ कथा वाचक बने योगेंद्र कृष्ण शास्त्री का भीलवाड़ा में भव्य स्वागत
भाजपा नेता कैलाश सोनी और राजस्थान जन मंच ने वृंदावन से पधारे कथा वाचक योगेंद्र कृष्ण शास्त्री का अभिनंदन किया।

त्याग और सेवा की एक अनूठी मिसाल पेश करते हुए, चिकित्सा जगत को छोड़कर धर्म और अध्यात्म की राह पर अग्रसर हुए अंतरराष्ट्रीय कथा वाचक योगेंद्र कृष्ण शास्त्री का भीलवाड़ा में राजस्थान जन मंच द्वारा भव्य अभिनंदन किया गया। बीते 8 जून को श्री धाम वृंदावन स्थित मोनी बाबा आश्रम से पधारे महाराज का अनुकंपा स्काई डेक सोसाइटी में आयोजित कार्यक्रम के दौरान राजस्थान जन मंच के अध्यक्ष एवं भाजपा नेता कैलाश सोनी तथा उनकी पूरी टीम ने भावपूर्ण स्वागत किया। इस अवसर पर उन्हें प्रभु श्री राम का दुपट्टा और उनकी एक भव्य मूर्ति भेंट कर सम्मानित किया गया।
इस आध्यात्मिक आयोजन में कैलाश सोनी ने शास्त्री जी के जीवन के प्रेरणादायक सफर पर प्रकाश डालते हुए बताया कि योगेंद्र कृष्ण शास्त्री महाराज पूर्व में एक सुप्रसिद्ध चिकित्सक के रूप में समाज सेवा में संलग्न थे। हालांकि, प्रभु भक्ति और अध्यात्म के प्रति उनके समर्पण ने उन्हें नई दिशा प्रदान की, जिसके परिणामस्वरूप उन्होंने डॉक्टरी का पेशा त्यागकर श्रीमद् भागवत कथा के माध्यम से जन-जन तक ईश्वर का संदेश पहुँचाने का संकल्प लिया। अपनी इस आध्यात्मिक यात्रा में वे अब तक 99 भागवत कथाओं का सफल वाचन कर चुके हैं। कार्यक्रम में उनकी उपस्थिति ने स्थानीय श्रद्धालुओं में उत्साह का संचार किया और यह आयोजन सनातन धर्म के प्रति बढ़ती आस्था का एक महत्वपूर्ण प्रतीक बनकर उभरा।

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