विजय सिंह पथिक नगर स्थित बालाजी मंदिर में सावन महोत्सव श्रद्धा और उत्साह के साथ आयोजित किया गया। इस अवसर पर बालाजी मूर्ति का भव्य एवं आकर्षक श्रृंगार किया गया। महोत्सव के दौरान महिलाओं ने सावन के पारंपरिक गीत गाए और नृत्य किया, जिससे धार्मिक आयोजन के दौरान पूरा वातावरण भक्तिमय बना रहा।

सावन के पावन माह में आयोजित इस कार्यक्रम में महिलाओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। इस अवसर पर कमला देवी ने सावन महोत्सव को सामूहिकता का उत्सव बताते हुए कहा कि भारतीय संस्कृति में सावन केवल एक ऋतु नहीं, बल्कि प्रकृति, लोकजीवन एवं मानवीय संवेदनाओं के बीच गहरे आत्मीय संबंध का प्रतीक है।

कमला देवी ने कहा कि सावन की हरियाली जहां प्रकृति के नवजीवन का संदेश देती है, वहीं लोकगीत, नृत्य और पारंपरिक परंपराएं हमारी समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को जीवंत बनाए रखती हैं।

सावन महोत्सव के अवसर पर दुर्गा देवी माली, उमा जोशी, उमा प्रजापत, मधु मून्दड़ा, राधा कचौलिया, रमा ओझा, तेजी बाई कुमावत, दुर्गा देवी, सविता माली, माझी मा, सुशीला देवी, लाली देवी, गंगा देवी सहित कई महिलाएं उपस्थित थीं। बालाजी मंदिर में आयोजित इस आयोजन ने सावन की धार्मिक आस्था के साथ लोकगीत, नृत्य और सांस्कृतिक परंपराओं को भी जीवंत रूप में प्रस्तुत किया।

Pratahkal Hub

Pratahkal Hub

प्रातःकाल हब, दै.प्रातःकाल की वह समर्पित संपादकीय टीम है, जो सटीक, सामयिक और निष्पक्ष समाचार पहुँचाने के लिए प्रतिबद्ध है। हमारा प्रातःकाल हब राजनीति, समाज, अर्थव्यवस्था और राष्ट्रीय मामलों में सत्यापित रिपोर्टिंग, गहन विश्लेषण और जिम्मेदार पत्रकारिता पर अपना ध्यान केंद्रित करता है।"

Next Story