उपरेडा में प्रथम श्रेणी पशु चिकित्सालय की मांग, 15 साल से संघर्ष कर रहे ग्रामीण
भीलवाड़ा के उपरेडा में पशु चिकित्सा केंद्र को क्रमोन्नत करने की मांग, इलाज के अभाव में दम तोड़ रहे मवेशी, बजट 2026-27 से जगी उम्मीद।
भीलवाड़ा। शाहपुरा–बनेड़ा विधानसभा क्षेत्र के उपरेडा में प्रथम श्रेणी पशु चिकित्सालय नहीं होने से गंभीर दुर्घटनाओं और बीमारी के दौरान एवं दुर्घटनाओं में बीमार गाय, भैंस, भेड़, बकरी एवं अन्य पालतू मवेशियों को 25 किलोमीटर शाहपुरा, 22 किलोमीटर रायला, 15 किलोमीटर बनेड़ा एवं 20 किलोमीटर दूर डाबला उच्च इलाज हेतु ले जाना पड़ता है।
मवेशियों को उच्च इलाज हेतु प्रतिदिन दूसरे स्थान पर ले जाना संभव नहीं है, जिससे अनेक मवेशी उच्च इलाज के अभाव में असमय काल का ग्रास बन जाते हैं। वर्तमान में उपरेडा में पशु उप केंद्र है, किंतु प्रथम श्रेणी प्राथमिक चिकित्सालय नहीं होने से क्षेत्र के किसान भाइयों के दुधारू मवेशियों एवं पालतू मवेशियों को असमय काल का ग्रास बनना पड़ता है।
आजीविका पर संकट और भौगोलिक स्थिति
- क्षेत्र में पशुपालन ही किसानों का आजीविका का मुख्य व्यवसाय है, जिससे पालतू मवेशियों का दूध बेचकर या मवेशियों को बेचकर आजीविका एवं जीविकोपार्जन करते हैं।
- उपरेडा में प्रथम श्रेणी पशु चिकित्सालय खोलने पर उपरेडा के अलावा आसपास की लगभग 6 से 7 ग्राम पंचायतों के 35 से 40 गांव, ढाणी, एवं खेड़े, मजरे के लगभग 35 से 40,000 पालतू मवेशियों को उच्च चिकित्सा लाभ मिल पाएगा।
- हुरडा-उपरेडा-बनेड़ा रोड पर स्टेट 39-ए हाईवे निर्मित होने से एवं लांबिया चौराहा से वाया उपरेडा-शाहपुरा एम.डी.आर 417 सड़क पर सैकड़ों वाहन प्रतिदिन निकलते हैं।
- वाहन आवागमन से अनेक बार मवेशी वाहनों से दुर्घटनाग्रस्त हो जाते हैं और इलाज समय पर नहीं होने पर असमय मवेशी काल का ग्रास हो जाते हैं।
15 वर्षों का लंबा संघर्ष और शिकायतें
स्थानीय पशु उप केंद्र को प्रथम श्रेणी पशु चिकित्सालय में क्रमोनत कराए जाने हेतु क्षेत्र वासियों द्वारा एवं जनप्रतिनिधियों द्वारा लगातार 15 वर्ष से भी अधिक समय से लिखित में मांग की जाती रही है।
"उपरेडा में प्रथम श्रेणी पशु चिकित्सालय को क्रमोन्नति करते हुए 15 वर्ष से अधिक समय हो गया। इस संबंध में प्रार्थी एवं ग्राम वासियों द्वारा ब्लॉक पशु चिकित्सा अधिकारी बनेड़ा, डीडी पशु पालन विभाग भीलवाड़ा, निदेशक पशुपालन विभाग जयपुर एवं जिला कलेक्टर भीलवाड़ा, पशुपालन मंत्री, मुख्यमंत्री, राज्यपाल तक सैकड़ों पत्राचार किये जा रहे हैं।" - सामाजिक कार्यकर्ता मुबारक मंसूरी (उपरेड़ा)
उन्होंने बताया कि 181 हेल्पलाइन, जिला कलेक्टर की मासिक जनसुनवाई, जनसंपर्क पोर्टल, सीएम पोर्टल पर भी सैकड़ों शिकायतें दर्ज कराई गईं, लेकिन आज दिन तक प्रथम श्रेणी पशु चिकित्सालय क्रमोनत नहीं हुआ।
आगामी बजट से वित्तीय स्वीकृति की आस
अतः आगामी बजट सत्र 2026-27 में वित्तीय स्वीकृति जारी की जाए, ताकि उच्च इलाज एवं पशु चिकित्सा सेवाओं में क्षेत्र वासियों को राहत मिल सके।

Ruturaj Ravan
यह प्रातःकाल मल्टीमीडिया में वेबसाइट मैनेजर और सोशल मीडिया एक्जीक्यूटिव के रूप में कार्यरत हैं, और पिछले तीन वर्षों से पत्रकारिता व डिजिटल मीडिया में सक्रिय हैं। इससे पूर्व उन्होंने दैनिक प्रहार में वेबसाइट प्रबंधन और सोशल मीडिया के लिए रचनात्मक कंटेंट निर्माण और रणनीतियों में अनुभव अर्जित किया। इन्होंने कोल्हापुर के छत्रपति शिवाजी महाराज विश्वविद्यालय से स्नातक और हैदराबाद के सत्या इंस्टीट्यूट से उच्च शिक्षा पूरी की। इन्हें SEO मैनेजमेंट, सोशल मीडिया और उससे संबंधित रणनीतियाँ तैयार करने में व्यापक अनुभव है।
