राजनीतिक द्वेषता और विभाग की अनदेखी

इस संदर्भ में सामाजिक कार्यकर्ता मुबारिक हुसैन मंसूरी (उपरेड़ा) ने जानकारी देते हुए बताया कि:

"10 वर्ष पूर्व उपरेड़ा उच्च माध्यमिक विद्यालय में कृषि खोलने की घोषणा भी हुई थी किन्तु राजनीतिक द्वेषता प्रकरण में शीथिलता दे दी गई जिससे प्रकरण जस का तस रह गया एवं शिक्षा विभाग से इस संदर्भ में पत्राचार करने पर शिक्षा विभाग द्वारा खानापूर्ति करके जवाब गलत दे दिया जाता है। यह प्रकरण पर तोड़ मरोड़ कर जवाब दे दिया जाता है जिससे अनेक छात्रों का उज्जवल भविष्य अंधकार में हो रहा है।"


कृषि प्रधान परिवारों की मजबूरी और आर्थिक भार

  • वर्तमान में एग्रीकल्चर सब्जेक्ट शाहपुरा में, बनेड़ा में एवं गुलाबपुरा में ही एग्रीकल्चर संकाय है।
  • महंगाई के दौर में कृषि प्रधान परिवारों के छात्रों को उच्च शिक्षा के लिए एग्रीकल्चर सब्जेक्ट के अध्ययन के लिए 25 से 30 किलोमीटर अन्यत्र जाना मजबूरी हो जाती है।
  • आर्थिक रूप से मकान किराया लेना या प्रतिदिन अध्ययन हेतु यात्रा करना काफी महंगा हो जाता है।

छात्रों के भविष्य पर विपरीत प्रभाव

ग्रामीण क्षेत्र के ज्यादातर कृषि परिवारों से संबंध रखने वाले छात्र-छात्राएं अपने निकटतम स्थान पर दसवीं के अध्ययन के बाद संकाय का चयन करते हैं, उस दौरान ज्यादातर 90% छात्र एग्रीकल्चर संकाय चुनना पसंद करते हैं। छात्रों के लिए अन्यत्र जाना संभव नहीं होता है, किंतु जब अपने निजी गांव या आसपास में कृषि संकाय नहीं होने पर मजबूरी में अन्य विषय चुनकर उच्च अध्ययन करते हैं। ऐसी परिस्थितियों में छात्रों का मन कृषि संकाय में होने के बावजूद थोपा हुआ सब्जेक्ट चुनकर उच्च अध्ययन करते हैं जिससे उनका जीवन का अध्याय एकता से समाप्त हो जाता है।

अनेक बार बच्चे उच्च अध्ययन के बाद नौकरी की आस लगाए बैठते हैं और परिस्थिति वश नौकरी नहीं मिलने पर कृषि सब्जेक्ट से अपनी खेती बाड़ी एवं पशुपालन से जीविकोपार्जन करने की राह चुनते हैं। जब कुछ क्लासों में कृषि संकाय के अलावा अध्ययन कर लेते हैं छात्र, तो फिर उनको कृषि संबंधी कोई जानकारी नहीं होती है और जब नौकरी नहीं लगती है तो वह बेरोजगारी की मार झेलने को मजबूर हो जाते हैं।


व्यापक जनहित और पत्राचार का विवरण

उपरेड़ा में कृषि संकाय खोले जाने पर बनेड़ा क्षेत्र के लगभग 10 से 12 ग्राम पंचायत के सैकड़ो छात्रों को स्थानीय क्षेत्र में राहत मिलेगी। इस मांग हेतु निम्न को सैकड़ो पत्राचार प्रार्थी एवं ग्राम वासियों द्वारा किए जा चुके हैं:

  • मुख्य जिला शिक्षा अधिकारी भीलवाड़ा व जिला कलेक्टर भीलवाड़ा
  • उपखंड अधिकारी बनेड़ा व संभागीय आयुक्त अजमेर
  • विधायक महोदय शाहपुरा-बनेड़ा व सांसद महोदय भीलवाड़ा
  • निदेशक माध्यमिक शिक्षा बीकानेर, शिक्षा मंत्री, विधानसभा अध्यक्ष, मुख्यमंत्री एवं राज्यपाल महोदय

प्रशासन और सरकार से करबद्ध अपील

शाहपुरा बनेड़ा विधानसभा क्षेत्र के यशस्वी एवं ऊर्जावान एवं कर्मठ आदरणीय विधायक महोदय आदरणीय डॉक्टर लालाराम जी बेरवा साहब एवं निदेशक माध्यमिक शिक्षा बीकानेर एवं राज्य सरकार से करबद्ध निवेदन है ग्रामीण क्षेत्र के छात्रों के हित में उपरेड़ा में शीघ्र आगामी चालू शैक्षणिक सत्र 2026 की शुरुआत होने के दौरान एग्रीकल्चर सब्जेक्ट खोला जाए। ताकि छात्रों को राहत मिल सके, क्षेत्रवासी सदैव आपके आभारी रहेंगे।

Pratahkal Bureau

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