राम मंदिर प्राण प्रतिष्ठा की वर्षगांठ पर अनूठी कलात्मक भेंट
भीलवाड़ा के आकृति कला संस्थान द्वारा 'अरिंदम' चित्रकार शिविर का भव्य आयोजन। राम मंदिर प्राण प्रतिष्ठा की प्रथम वर्षगांठ पर 24 वरिष्ठ एवं युवा कलाकार 'अवध से अयोध्या तक' विषय पर रामायण के प्रसंगों को कैनवास पर उकेर रहे हैं। 16 से 21 जनवरी तक चलने वाली इस कार्यशाला की कलाकृतियां 22 जनवरी से आकृति आर्ट गैलरी में प्रदर्शित की जाएंगी। कला और भक्ति का यह संगम भीलवाड़ा की सांस्कृतिक विरासत को नई ऊंचाई दे रहा है।

भीलवाड़ा। वस्त्र नगरी भीलवाड़ा की फिजाओं में इन दिनों भक्ति और कला का अनूठा संगम देखने को मिल रहा है। अवसर है अयोध्या में भव्य राम मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा के ऐतिहासिक एक वर्ष पूर्ण होने का, जिसे यादगार बनाने के लिए स्थानीय आकृति कला संस्थान ने एक अभिनव पहल की है। संस्थान द्वारा आयोजित 'अरिंदम' चित्रकार शिविर का भव्य शुभारंभ आज 16 जनवरी 2026 को किया गया, जहाँ भीलवाड़ा जिले के प्रतिष्ठित और उभरते कलाकार अपनी साधना के माध्यम से रामायण के प्रसंगों को धरातल पर उतारेंगे।
'अवध से अयोध्या तक' विषय पर केंद्रित इस विशेष कार्यशाला में जिले के 24 चुनिंदा चित्रकार अपनी विशिष्ट शैलियों के माध्यम से भगवान श्री राम के जीवन दर्शन और उनके आदर्शों को रंगों में पिरो रहे हैं। 16 जनवरी से शुरू हुआ यह कला का महाकुंभ 21 जनवरी तक अनवरत चलेगा, जिसमें कैनवास पर राम के वनवास से लेकर उनके राज्याभिषेक तक की अलौकिक यात्रा को चित्रित किया जाएगा। संस्थान का यह प्रयास न केवल कला को संरक्षण देना है, बल्कि नई पीढ़ी को अपनी गौरवशाली संस्कृति और इतिहास से कलात्मक रूप से जोड़ना भी है।
इस गौरवमयी आयोजन में कला जगत के दिग्गज और युवा प्रतिभाएं एक ही छत के नीचे अपनी रचनात्मकता का प्रदर्शन कर रहे हैं। कार्यशाला में वरिष्ठ कलाकार गोर्वधन सिंह पंवार, मन्जु मिश्रा, सत्यनारायण सोनी, इकबाल हुसैन, गोपाल दास वैष्णव, गीताजंली वर्मा, कपील खन्ना, लक्ष्मीनारायण वर्मा, हेमंता मीणा, सत्येश विश्वकर्मा, मुकेश विश्वकर्मा, लोकेश जोशी, सौरभ सोनी, ज्योती पारीक और कैलाश पालिया अपनी अनुभवी कूचियों का जादू बिखेर रहे हैं। वहीं, युवा कलाकारों में अनु प्रजापत, अनुष्का पाराशर, झलक रानी, शान्तीलाल गाडरी, सुमित गुर्जर, सुरभी पारीक, खुशी कंवर, उमंग उपाध्याय और बाल कलाकार भूवी केशवानी की ऊर्जा और नई सोच भी इस शिविर को भव्यता प्रदान कर रही है।
आयोजकों के अनुसार, इस छह दिवसीय कार्यशाला के दौरान निर्मित सभी कृतियों को 22 जनवरी से आकृति आर्ट गैलरी में आम जनमानस के अवलोकन हेतु प्रदर्शित किया जाएगा। यह प्रदर्शनी कला प्रेमियों के लिए एक ऐसा अवसर होगी जहाँ वे एक ही स्थान पर रामायण के विभिन्न आयामों को आधुनिक और पारंपरिक चित्रकला के मेल के साथ देख सकेंगे। 'अरिंदम' शिविर न केवल कलात्मक अभिव्यक्ति का माध्यम बना है, बल्कि यह भीलवाड़ा की सांस्कृतिक विरासत में एक नया और स्वर्णिम अध्याय जोड़ रहा है, जो आने वाले समय में युवा कलाकारों के लिए प्रेरणा का केंद्र बनेगा।

Rajesh Toshniwal, Bhilwara
नाम: राजेश तोषनीवाल
वर्तमान पद: ब्यूरो चीफ (भीलवाड़ा)
कार्यक्षेत्र: भीलवाड़ा (राजस्थान)
बीट (मुख्य विषय): राजनीति, क्राइम, प्रशासन, शिक्षा, स्वास्थ्य और बिज़नेस
परिचय
राजेश तोषनीवाल राजस्थान के भीलवाड़ा जिले के वरिष्ठ पत्रकार और ब्यूरो चीफ हैं। वह राजनीति, अपराध (क्राइम), स्थानीय प्रशासन, शिक्षा, स्वास्थ्य और आर्थिक गतिविधियों (बिज़नेस) सहित सभी मुख्य विषयों पर नियमित रिपोर्टिंग करते हैं। मौके पर पहुंचकर सक्रियता से ग्राउंड रिपोर्टिंग करना उनकी मुख्य विशेषता है।
पत्रकारिता का अनुभव (Work Experience)
राजेश तोषनीवाल को पत्रकारिता के क्षेत्र में कुल 44 वर्षों का व्यापक अनुभव है।
- वह पिछले 35 वर्षों से अधिक समय से 'प्रातःकाल' समाचार पत्र से निरंतर जुड़े हुए हैं।
- इससे पूर्व उन्होंने 'दैनिक जागरण', 'नवभारत टाइम्स' सहित कई अन्य लोकल एवं राज्यस्तरीय मीडिया संस्थानों में अपनी सेवाएं दी हैं।
शैक्षणिक योग्यता (Education)
- स्नातक (Graduate)
- डिप्लोमा इन जर्नलिज्म (Diploma in Journalism)
