भीलवाड़ा। वस्त्र नगरी भीलवाड़ा में कानून व्यवस्था को ठेंगा दिखाते हुए बेखौफ बदमाशों ने पुलिसिया इकबाल को चुनौती दे डाली है। अब अपराधियों के मन से न केवल पुलिस का भय समाप्त हो चुका है, बल्कि दिन का उजाला भी उनके दुस्साहस को रोकने में नाकाम साबित हो रहा है। शुक्रवार को जिले के दो अलग-अलग थाना क्षेत्रों में स्थित तीन गांवों को निशाना बनाते हुए बदमाशों ने "दिनदहाड़े" चोरी की ऐसी वारदातों को अंजाम दिया, जिसने समूचे प्रशासनिक महकमे और गश्ती व्यवस्था पर सवालिया निशान लगा दिए हैं।

दहशत का यह सिलसिला शंभुगढ़ थाना क्षेत्र के कालियास गांव से शुरू हुआ। गांव के निवासी शिवसिंह पंवार ने घटना की विभीषिका बयां करते हुए बताया कि उनके रिश्तेदार सुखदेव सिंह पंवार का मकान दोपहर के वक्त सूना था। परिवार के सदस्य एक शोक बैठक में शामिल होने गए थे, तभी सूनेपन का लाभ उठाकर शिकारी (चोर) दीवार फांदकर भीतर दाखिल हुए। बदमाशों ने पूरे घर को बेरहमी से खंगाला और सुखदेव सिंह के आशियाने से करीब तीन से चार तोला सोना और 250 ग्राम चांदी के जेवरात समेटकर रफूचक्कर हो गए। जब परिजन घर लौटे, तो अंदर का मंजर देखकर उनके पैरों तले जमीन खिसक गई; दरवाजा अंदर से बंद था और कीमती सामान गायब हो चुका था।

अभी पुलिस इस गुत्थी को सुलझा भी नहीं पाई थी कि बदमाशों ने आसींद थाना क्षेत्र में अपनी उपस्थिति दर्ज करा दी। ब्राह्मणों की सरेड़ी गांव में दिनेश सिरोठा (पुत्र जगदीश सिरोठा) के परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। जब परिवार के सदस्य खेतों पर पसीना बहा रहे थे, तब चोरों ने उनके मकान की अलमारी और बेड को तहस-नहस कर दिया। बदमाश यहां से 10 तोला सोना, 2 किलो चांदी और 50 हजार रुपये की नकदी लेकर बड़ी सफाई से निकल गए। इसके तुरंत बाद, तीसरी और सबसे दुस्साहसी वारदात फुटिया चौराया स्थित राजू कुम्हार के घर पर हुई। राजू का परिवार भी खेत पर गया था और पीछे से चोरों ने अलमारी व संदूकों के ताले तोड़कर लाखों के जेवर व नकदी पर हाथ साफ कर दिया।

हालांकि, बदमाशों की यह 'विजय यात्रा' ज्यादा देर नहीं चल सकी। तीसरी वारदात के दौरान ग्रामीणों की सजगता ने एक बड़ी सफलता दिलाई। संदिग्ध हलचल देख ग्रामीणों ने साहस का परिचय देते हुए घेराबंदी की और दो बदमाशों को रंगे हाथों दबोच लिया, जबकि उनके दो साथी मौके का फायदा उठाकर भागने में सफल रहे। पकड़े गए आरोपी बिजयनगर थाना क्षेत्र के निवासी बताए जा रहे हैं, जिन्हें बाद में आसींद पुलिस के सुपुर्द कर दिया गया। एक ही दिन में तीन बड़ी वारदातों ने ग्रामीणों को आक्रोशित कर दिया है। लोगों का स्पष्ट आरोप है कि यदि पुलिस की गश्त प्रभावी होती, तो अपराधियों के हौसले इतने बुलंद नहीं होते। अब पुलिस की कार्यप्रणाली पर जनता का भरोसा बहाल करना और फरार आरोपियों को सलाखों के पीछे पहुंचाना विभाग के लिए एक बड़ी चुनौती बन गया है।

Rajesh Toshniwal, Bhilwara

Rajesh Toshniwal, Bhilwara

नाम: राजेश तोषनीवाल

वर्तमान पद: ब्यूरो चीफ (भीलवाड़ा)

कार्यक्षेत्र: भीलवाड़ा (राजस्थान)

बीट (मुख्य विषय): राजनीति, क्राइम, प्रशासन, शिक्षा, स्वास्थ्य और बिज़नेस

परिचय 

राजेश तोषनीवाल राजस्थान के भीलवाड़ा जिले के वरिष्ठ पत्रकार और ब्यूरो चीफ हैं। वह राजनीति, अपराध (क्राइम), स्थानीय प्रशासन, शिक्षा, स्वास्थ्य और आर्थिक गतिविधियों (बिज़नेस) सहित सभी मुख्य विषयों पर नियमित रिपोर्टिंग करते हैं। मौके पर पहुंचकर सक्रियता से ग्राउंड रिपोर्टिंग करना उनकी मुख्य विशेषता है।

पत्रकारिता का अनुभव (Work Experience)

राजेश तोषनीवाल को पत्रकारिता के क्षेत्र में कुल 44 वर्षों का व्यापक अनुभव है।

  • वह पिछले 35 वर्षों से अधिक समय से 'प्रातःकाल' समाचार पत्र से निरंतर जुड़े हुए हैं।
  • इससे पूर्व उन्होंने 'दैनिक जागरण', 'नवभारत टाइम्स' सहित कई अन्य लोकल एवं राज्यस्तरीय मीडिया संस्थानों में अपनी सेवाएं दी हैं।

शैक्षणिक योग्यता (Education)

  • स्नातक (Graduate)
  • डिप्लोमा इन जर्नलिज्म (Diploma in Journalism)

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