भीलवाड़ा। वस्त्र नगरी भीलवाड़ा की धरा एक बार फिर राष्ट्रभक्ति के गीतों और ओजस्वी कविताओं से गुंजायमान होने वाली है। अवसर है भारतीय सेना के अदम्य साहस और शौर्य के प्रतीक 78वें सेना दिवस का, जिसे यादगार बनाने के लिए 'सतत सेवा संस्थान' द्वारा एक भव्य काव्य संध्या "सैन्य आराधना" का आयोजन किया जा रहा है। यह आयोजन मात्र एक सांस्कृतिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि भारतीय सीमाओं के प्रहरियों के बलिदान, पराक्रम और अटूट समर्पण को समर्पित एक काव्यात्मक श्रद्धांजलि है।

इस ऐतिहासिक शाम का गवाह भीलवाड़ा का प्रतिष्ठित महाराणा प्रताप सभागार (टाउन हॉल) बनेगा। संस्थान द्वारा निर्धारित समय के अनुसार, यह कार्यक्रम 15 जनवरी 2026 को ठीक सायं 6:59 बजे प्रारंभ होगा। आयोजन की भव्यता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि इसमें शिरकत करने के लिए देश के अलग-अलग कोनों से सुप्रसिद्ध रचनाकार जुट रहे हैं। मंच पर जब देवास, मध्यप्रदेश से पधारे प्रख्यात कवि शशिकांत यादव अपनी ओजस्वी वाणी से हुंकार भरेंगे, तो श्रोताओं में देशप्रेम का संचार होना निश्चित है। उनके साथ ही उत्तर प्रदेश के बाराबंकी से आए शिवकुमार व्यास अपनी भावपूर्ण और वैचारिक रचनाओं से शाम को गरिमा प्रदान करेंगे।

काव्य जगत की उभरती और सशक्त आवाज आयुषी रखेजा (जोधपुर) और अपनी विशिष्ट शैली के लिए पहचाने जाने वाले नाथद्वारा के कानू पंडित भी इस विशेष आयोजन में अपनी काव्य प्रस्तुतियों के माध्यम से भारतीय सेना के गौरव का गान करेंगे। आयोजन समिति ने स्पष्ट किया है कि कार्यक्रम का प्रत्येक क्षण सेना के प्रति कृतज्ञता प्रकट करने के उद्देश्य से तैयार किया गया है। यह आयोजन स्थानीय नागरिकों के लिए गौरवशाली क्षण होगा, जहां वे कविता के माध्यम से सरहद पर तैनात वीर जवानों के संघर्ष और उनकी गौरवगाथाओं से रूबरू हो सकेंगे। भीलवाड़ा के इस मंच से उठने वाली राष्ट्रभक्ति की यह गूंज पूरे क्षेत्र में प्रेरणा का संचार करेगी।

Pratahkal Bureau

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