सांगानेर। राजस्थान के सांगानेर में रामभक्ति का अद्वितीय उत्सव देखने को मिला, जहां रामायण मंडल के सदस्यों ने इस वर्ष 2025 में 31 अखंड रामचरितमानस का पाठ पूर्ण करके सनातन धर्म के प्रचार-प्रसार का अनुपम उदाहरण प्रस्तुत किया। यह आयोजन न केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक था, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए आदर्श स्थापित करने वाला भी रहा।

मंडल के वरिष्ठ सदस्य श्री रामदयाल कोठारी और कवि सुरेंद्र ने बताया कि रामायण मंडल का मुख्य उद्देश्य है कि हर घर में रामचरितमानस का पाठ नियमित रूप से हो, ताकि आने वाली पीढ़ियां भी श्रीराम नाम का गुणगान निरंतर कर सकें। उन्होंने यह भी बताया कि सनातन संस्कृति त्याग, तप, दया, प्रेम, ममत्व और अहिंसा का अद्वितीय संदेश देती है और इसी संस्कृति का प्रचार करना मंडल की प्राथमिकता है।

रामायण मंडल सांगानेर ने सभी रामभक्तों का इस आयोजन में सहयोग देने के लिए विशेष आभार व्यक्त किया। मंडल का कहना है कि इस प्रकार के आयोजनों से सनातन धर्म की शाश्वत शिक्षाओं और मूल्यों को व्यापक स्तर पर फैलाने में मदद मिलती है।

सांगानेर में आयोजित इस कार्यक्रम ने स्थानीय और दूर-दराज के रामभक्तों को एकत्रित किया, जिससे यह स्पष्ट हुआ कि रामभक्ति और सनातन धर्म की शिक्षाएं आज भी लोगों के जीवन में जीवंत हैं। इस आयोजन ने धार्मिक, सांस्कृतिक और सामाजिक दृष्टि से एक मिसाल कायम की है, जो आने वाली पीढ़ियों को नैतिक और आध्यात्मिक दिशा दिखाने में सक्षम होगी।

समापन में, रामायण मंडल सांगानेर ने सभी रामभक्तों से अपेक्षा जताई कि उनका सहयोग भविष्य में भी इसी प्रकार जारी रहेगा और सनातन धर्म का प्रचार-प्रसार निरंतर जारी रहेगा।

Pratahkal Bureau

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