भीलवाड़ा। वस्त्र नगरी भीलवाड़ा की धरा आज आध्यात्मिक ऊर्जा और मंत्रों की गूंज से सराबोर हो उठी, जब आरसी व्यास कॉलोनी स्थित गवर्नमेंट स्कूल ग्राउंड में मुनि आदित्य सागर महाराज के सानिध्य में तीन दिवसीय भव्य 'मंत्राक्ष ध्यान शिविर' का शंखनाद हुआ। ब्रह्ममुहूर्त की बेला में सुबह 5:15 बजे जब शहर निद्रा में था, तब हजारों की संख्या में श्रद्धालु आत्मिक शांति और शक्ति की खोज में ध्यान मुद्रा में लीन नजर आए। बुद्धि, शांति और शक्ति की वृद्धि के साथ-साथ तनाव और व्यसन जैसी आधुनिक व्याधियों से मुक्ति दिलाने के संकल्प के साथ शुरू हुए इस शिविर ने पहले ही दिन भीलवाड़ा के इतिहास में एक नया अध्याय लिख दिया है।

शिविर के प्रथम सोपान में मुनि आदित्य सागर महाराज ने विशिष्ट बीजाक्षरों के माध्यम से ध्यान की गहन विधाओं का अभ्यास कराया। मुनि श्री के ओजस्वी मार्गदर्शन में श्रावक-श्राविकाओं, बच्चों और युवाओं ने मंत्रों की शक्ति को आत्मसात किया। ध्यान की इस विशेष पद्धति का उद्देश्य न केवल मन की व्याकुलता को शांत करना है, बल्कि व्यक्ति के भीतर छिपी आंतरिक शक्तियों को जागृत करना भी है। शिविर के पहले दिन का मुख्य केंद्र 'सुख, शांति और शक्ति की वृद्धि' रहा, जिसके समापन पर मुनि श्री ने जिज्ञासुओं की शंकाओं का समाधान कर उन्हें जीवन जीने की नई दृष्टि प्रदान की।

शिविर संयोजक अतुल जैन ने आयोजन की सफलता पर प्रकाश डालते हुए बताया कि भीलवाड़ा में पहली बार आयोजित हो रहे इस तरह के विशिष्ट शिविर को लेकर जनता में अभूतपूर्व उत्साह है। उन्होंने जानकारी दी कि पहले ही दिन लगभग 1500 व्यक्तियों ने इस आध्यात्मिक प्रवाह में डुबकी लगाई है, और कल यानी गुरुवार को यह संख्या 2000 के पार पहुंचने का अनुमान है। मंत्रों के वैज्ञानिक प्रभाव और बीजाक्षरों के उच्चारण से उत्पन्न स्पंदन ने पूरे वातावरण को सकारात्मकता से भर दिया है।

इस ध्यान शिविर की वैज्ञानिकता और प्रभावशीलता को प्रमाणित करते हुए शिविर में शामिल हुईं डॉ. पूजा जैन ने अपने अनुभव साझा किए। उन्होंने बताया कि एक चिकित्सक होने के नाते वे दवाओं से उपचार करती हैं, लेकिन मुनि श्री के सानिध्य में उन्हें यह अनुभूति हुई कि व्यक्ति अपनी आंतरिक ऊर्जा को जागृत कर स्वयं को पूर्णतः स्वस्थ रख सकता है। डॉ. जैन के अनुसार, शिविर के पहले ही दिन शरीर में एक अलौकिक ऊर्जा और नवीन स्फूर्ति का संचार हुआ है, जो स्वयं के विकास के लिए नितांत आवश्यक है।

भक्ति का यह आकर्षण केवल स्थानीय स्तर तक सीमित नहीं रहा, बल्कि भोपाल से आए श्रद्धालु अनमोल जैन जैसे देश भर के लोग इस अनुभव का हिस्सा बनने पहुंचे हैं। अनमोल ने बताया कि मंत्रों के माध्यम से जो मानसिक शांति उन्हें यहाँ प्राप्त हुई है, वह उनके लिए एक अद्वितीय और जीवन बदलने वाला अनुभव है। शिविर के आगामी दिनों की रूपरेखा और भी रोमांचक है, जहाँ गुरुवार को 'तनाव और व्यसन मुक्ति' पर विशेष ध्यान सत्र आयोजित होगा, वहीं अंतिम दिन 'धन, वैभव और संपत्ति की वृद्धि' के रहस्यों से मुनि श्री पर्दा उठाएंगे। भीलवाड़ा का यह मैदान वर्तमान में केवल एक स्कूल ग्राउंड नहीं, बल्कि एक आध्यात्मिक प्रयोगशाला बन चुका है जहाँ आधुनिक मानव अपनी समस्याओं का समाधान प्राचीन मंत्र विद्या में खोज रहा है।

Rajesh Toshniwal, Bhilwara

Rajesh Toshniwal, Bhilwara

नाम: राजेश तोषनीवाल

वर्तमान पद: ब्यूरो चीफ (भीलवाड़ा)

कार्यक्षेत्र: भीलवाड़ा (राजस्थान)

बीट (मुख्य विषय): राजनीति, क्राइम, प्रशासन, शिक्षा, स्वास्थ्य और बिज़नेस

परिचय 

राजेश तोषनीवाल राजस्थान के भीलवाड़ा जिले के वरिष्ठ पत्रकार और ब्यूरो चीफ हैं। वह राजनीति, अपराध (क्राइम), स्थानीय प्रशासन, शिक्षा, स्वास्थ्य और आर्थिक गतिविधियों (बिज़नेस) सहित सभी मुख्य विषयों पर नियमित रिपोर्टिंग करते हैं। मौके पर पहुंचकर सक्रियता से ग्राउंड रिपोर्टिंग करना उनकी मुख्य विशेषता है।

पत्रकारिता का अनुभव (Work Experience)

राजेश तोषनीवाल को पत्रकारिता के क्षेत्र में कुल 44 वर्षों का व्यापक अनुभव है।

  • वह पिछले 35 वर्षों से अधिक समय से 'प्रातःकाल' समाचार पत्र से निरंतर जुड़े हुए हैं।
  • इससे पूर्व उन्होंने 'दैनिक जागरण', 'नवभारत टाइम्स' सहित कई अन्य लोकल एवं राज्यस्तरीय मीडिया संस्थानों में अपनी सेवाएं दी हैं।

शैक्षणिक योग्यता (Education)

  • स्नातक (Graduate)
  • डिप्लोमा इन जर्नलिज्म (Diploma in Journalism)

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