भीलवाड़ा में संरक्षित खेती का सपना होगा साकार: पॉली हाउस और शेडनेट हाउस के लिए लॉटरी प्रक्रिया संपन्न
भीलवाड़ा जिले में किसानों के लिए पॉली हाउस एवं शेडनेट हाउस की लॉटरी प्रक्रिया संपन्न हो गई है। उप निदेशक उद्यान डॉ. शंकर सिंह राठौड़ ने बताया कि 110,000 वर्गमीटर पॉली हाउस हेतु चयनित किसानों को 16 जनवरी 2026 तक दस्तावेज जमा करने होंगे। आधुनिक कृषि की दिशा में जिले के 1637 आवेदकों में से भाग्यशाली विजेताओं के चयन के साथ ही अब प्रशासनिक स्वीकृति की तैयारी तेज हो गई है।

भीलवाड़ा। आधुनिक कृषि की दिशा में कदम बढ़ाते हुए भीलवाड़ा जिले के किसानों के लिए शुक्रवार का दिन नई उम्मीदें लेकर आया। जिले के सैंकड़ों अन्नदाताओं के उन्नत खेती के सपने को पंख मिलने जा रहे हैं, क्योंकि उद्यान आयुक्तालय ने बहुप्रतीक्षित पॉली हाउस और शेडनेट हाउस के आवंटन की लॉटरी प्रक्रिया सफलतापूर्वक संपन्न कर ली है। जिले में खेती के आधुनिकीकरण और किसानों की आय दोगुनी करने के उद्देश्य से शुरू की गई इस योजना ने अब धरातल पर उतरने की दिशा में निर्णायक गति पकड़ ली है।
उप निदेशक उद्यान डॉ. शंकर सिंह राठौड़ ने जानकारी देते हुए बताया कि जिले में खेती की नई तकनीकों के प्रति जबरदस्त उत्साह देखा गया है। 30 जून 2025 तक जिले के कुल 1637 किसानों ने पॉली हाउस और शेडनेट हाउस के लिए अपने आवेदन जमा किए थे। वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए जिले को कुल 1,10,000 वर्गमीटर पॉली हाउस और 25,000 वर्गमीटर शेडनेट हाउस का लक्ष्य प्राप्त हुआ है। इन लक्ष्यों की पूर्ति के लिए विभाग ने एक पारदर्शी व्यवस्था अपनाई है, जिसके तहत 50 प्रतिशत आवंटन 'पहले आओ पहले पाओ' के आधार पर किया गया है, जबकि शेष 50 प्रतिशत का चयन पूरी तरह लॉटरी प्रक्रिया के माध्यम से किया गया है।
इस महत्वपूर्ण चयन प्रक्रिया के बाद अब प्रशासनिक औपचारिकताओं का दौर शुरू हो गया है। लॉटरी में चयनित किसानों को उनके चयन की सूचना व्यक्तिगत रूप से भेजी जा रही है। डॉ. राठौड़ ने स्पष्ट किया है कि चयनित किसानों को अपने सभी आवश्यक दस्तावेज और कृषक हिस्सा राशि का डिमांड ड्राफ्ट (डी.डी.) या आरटीजीएस रसीद हर हाल में 16 जनवरी 2026 तक कार्यालय में जमा करानी होगी। इसके तुरंत बाद प्रशासनिक स्वीकृति और कार्यादेश (Work Order) जारी करने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।
समय सीमा की गंभीरता को रेखांकित करते हुए विभाग ने सूचित किया है कि संबंधित अनुबंधित कंपनियों की वैधता 19 जनवरी 2026 को समाप्त हो रही है। इस तिथि की बाध्यता के कारण 16 जनवरी के बाद किसी भी किसान के दस्तावेज या हिस्सा राशि स्वीकार नहीं की जाएगी और न ही उनके लिए कार्यादेश जारी हो सकेंगे। भीलवाड़ा जिले के कृषि परिदृश्य में यह पहल न केवल बेमौसमी फसलों के उत्पादन को बढ़ावा देगी, बल्कि यह प्रतिकूल मौसम में भी किसानों की आजीविका को सुरक्षा प्रदान करने की दिशा में एक मील का पत्थर साबित होगी।

Pratahkal Bureau
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