भीलवाड़ा में ममता का क्रूर चेहरा: मां ने मासूम बच्चों के सीने में हथौड़े से ठोका सरिया, फिर खुद भी दी जान देने की कोशिश
भीलवाड़ा के मांडलगढ़ में एक मां ने ममता को शर्मसार करते हुए अपने 6 वर्षीय बेटे और 10 वर्षीय बेटी की हथौड़े और सरिए से हत्या कर दी। मानपुरा गांव की इस रूह कंपा देने वाली घटना में आरोपी मंजू ने मासूमों के सीने में सरिया ठोक दिया और फिर खुद फांसी लगाने की कोशिश की। टेंट व्यवसायी राजू तेली के परिवार पर टूटे इस दुखों के पहाड़ और पुलिस की जांच पर विस्तृत समाचार रिपोर्ट।

भीलवाड़ा। राजस्थान के भीलवाड़ा जिले से एक ऐसी रूह कंपा देने वाली वारदात सामने आई है, जिसने इंसानियत, ममता और सामाजिक रिश्तों को पूरी तरह झकझोर कर रख दिया है। मांडलगढ़ थाना क्षेत्र के मानपुरा गांव में एक मां ने हैवानियत की सारी हदें लांघते हुए अपने ही दो मासूम बच्चों को मौत के घाट उतार दिया। ममता के इस कत्लखाने में एक 6 वर्षीय बेटे और 10 वर्षीय बेटी की बलि चढ़ गई। आरोपी महिला ने न केवल मासूमों की जान ली, बल्कि इस जघन्य अपराध को अंजाम देने के बाद खुद भी मौत को गले लगाने का प्रयास किया। इस घटना के बाद से पूरे क्षेत्र में सन्नाटा पसरा हुआ है और हर कोई इस अमानवीय कृत्य से स्तब्ध है।
रविवार सुबह तक मानपुरा निवासी टेंट व्यवसायी राजू उर्फ राजकुमार तेली का घर खुशियों से चहक रहा था। राजू अपने काम पर निकल गए थे और उनके पिता यानी बच्चों के दादा खेत पर जा चुके थे। घर में राजकुमार की पत्नी मंजू (30), बेटी नेहा (10) और बेटा भेरु (6) अकेले थे। किसी को इस बात का अंदेशा भी नहीं था कि कुछ ही घंटों में इस घर की दीवारें मासूमों के खून से लाल हो जाएंगी। पति और ससुर के जाते ही मंजू ने घर के एक कमरे को भीतर से बंद कर लिया। इसके बाद उसने कमरे में मौजूद नेहा और भेरु पर हमला किया। आवेश या किसी अज्ञात मानसिक उलझन में फंसी मंजू ने हथौड़े और लोहे के सरिए का इस्तेमाल कर बच्चों के सीने और गले पर वार किए। मासूमों की चीखें उन बंद दीवारों के भीतर ही दम तोड़ गईं।
वारदात को अंजाम देने के बाद मंजू ने खुद अपने ससुर को फोन कर इस खौफनाक कदम की जानकारी दी। उसने फोन पर चीखते हुए कहा कि उसने अपने बेटे और बेटी को मार दिया है और खुद को कैंसर होने का दावा करते हुए आत्महत्या करने की बात कही। यह सुनते ही ससुर के पैरों तले जमीन खिसक गई। आनन-फानन में राजकुमार और उनके पिता घर पहुंचे। कमरे का दरवाजा अंदर से बंद था, जिसे कुंडी तोड़कर खोला गया। अंदर का मंजर इतना भयावह था कि उसे देख परिजनों की रूह कांप उठी। फर्श पर नेहा और भेरु के खून से लथपथ शव पड़े थे और मंजू फंदे से झूलने की कोशिश कर रही थी।
परिजनों ने तत्काल मंजू को फंदे से नीचे उतारा और गंभीर हालत में अस्पताल पहुंचाया। सूचना मिलने के महज 15 मिनट के भीतर मांडलगढ़ थाना पुलिस मौके पर पहुंची और घटनास्थल को सील कर दिया। पुलिस ने दोनों बच्चों के शवों को कब्जे में लेकर मोर्चरी भिजवाया, जहाँ पोस्टमार्टम के बाद उन्हें परिजनों को सौंप दिया गया। सहायक उप निरीक्षक राम सिंह ने बताया कि मृत बच्चों के दादा की रिपोर्ट पर पुलिस ने मामला दर्ज कर गहन जांच शुरू कर दी है। फिलहाल आरोपी महिला का अस्पताल में उपचार जारी है और पुलिस उसकी मानसिक स्थिति व इस वीभत्स कदम के पीछे के वास्तविक कारणों का पता लगाने में जुटी है। इस घटना ने मानपुरा गांव को गहरे शोक और अनुत्तरित सवालों के बीच छोड़ दिया है।

Pratahkal Bureau
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