सहाड़ा क्षेत्र के महेंद्रगढ़ निवासी किसान बंशीलाल सेन ने कृषि विभाग की तारबंदी अनुदान योजना में गंभीर अनियमितताओं का आरोप लगाते हुए जिला कलेक्टर भीलवाड़ा को ज्ञापन सौंपकर पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है। किसान का आरोप है कि कृषि पर्यवेक्षक ने उसकी जानकारी और सहमति के बिना फर्जी हस्ताक्षर कर दस्तावेज तैयार किए तथा किसी अन्य खेत की फोटो लगाकर अनुदान राशि जारी कराने का प्रयास किया।

ज्ञापन में किसान ने बताया कि उसने वर्ष 2025 में कृषि विभाग की तारबंदी योजना के तहत आवेदन किया था, जिसकी प्रशासनिक स्वीकृति भी मिल चुकी थी। इसके बाद विभागीय अधिकारियों ने उसे निर्देश दिए थे कि तारबंदी का कार्य पूरा होने पर सूचना दी जाए, ताकि अनुदान की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा सके।

किसान के अनुसार, कार्य पूर्ण होने के बाद कृषि पर्यवेक्षक ने उसके पुत्र से मोबाइल पर खेत की फोटो मंगवाई और कहा कि रिकॉर्ड अपडेट कर दिया जाएगा। बाद में जब उसने अनुदान की स्थिति की जानकारी ली तो पता चला कि विभागीय रिकॉर्ड में किसी अन्य खेत की फोटो लगाई गई है और कथित रूप से उसके फर्जी हस्ताक्षर कर दस्तावेज जमा किए गए हैं।

किसान ने यह भी आरोप लगाया कि उससे 10 हजार रुपये की मांग की गई थी। उसका कहना है कि राशि देने से इनकार करने के बाद उसके साथ गलत किया गया।

बंशीलाल सेन ने जिला कलेक्टर से मांग की है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच करवाई जाए, फर्जी तरीके से तैयार की गई फाइल को निरस्त किया जाए, वास्तविक स्थिति के आधार पर तारबंदी अनुदान स्वीकृत किया जाए तथा जांच में आरोप सही पाए जाने पर संबंधित कृषि पर्यवेक्षक के विरुद्ध नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाए। इसके साथ ही किसान ने अपना लंबित अनुदान शीघ्र दिलाने की भी मांग की है।

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