श्रीलंका में आयोजित सनातन यात्रा के अंतर्गत केंडी शहर में संत श्री दिग्विजय राम जी का प्रथम प्रवचन संपन्न हुआ। इस विशेष आयोजन में संत जी ने जीवन के मूल तत्वों को अत्यंत सरल और गहन शब्दों में व्यक्त किया।

ईश्वरीय सत्ता और जीवन की यात्रा

संत श्री दिग्विजय राम जी ने अपने संबोधन में स्पष्ट किया कि "विश्व के कण-कण में ईश्वर विद्यमान है" और यह जीवन एक यात्रा है, जिसमें प्रत्येक व्यक्ति अपना-अपना पात्र निभाकर आगे बढ़ जाता है। उन्होंने जीवन को आनंदपूर्वक जीने का संदेश देते हुए कहा कि "ज़िन्दगी आइसक्रीम की तरह है—पिघलेगी यानि मेल्ट होगी ही होगी अन्दर भी और बाहर भी । चाहे मुस्कुराकर जियो या दुख में।" समय निरंतर आगे बढ़ रहा है, इसलिए मनुष्य को स्वयं प्रसन्न रहकर, जीवन की गति को आनंदमय बनाना चाहिए।



सामाजिक दृष्टिकोण और आंतरिक संतोष

संत जी ने सामाजिक अपेक्षाओं पर भी प्रकाश डालते हुए कहा कि संसार को पूर्णतः खुश रखना संभव नहीं—जैसे श्री शिव व पार्वती जी ने भी महसूस किया कि "बैल पर दोनों की सवारी की स्थिति में , बदल बदल कर , एक बैठें और एक पेदल , तो भी लोग तो बातें करेंगे ही यानि कोई भी संतुष्ट नहीं होता।" अतः व्यक्ति को अपने अंतर्मन की शुद्धता पर ध्यान देना चाहिए। "मन चंगा तो कठौती में गंगा" का संदेश देते हुए उन्होंने आंतरिक संतुलन और संतोष को ही सच्चा सुख बताया।

वर्तमान का महत्व और जीवन-पद्धति

उन्होंने यह भी कहा कि साधन उपलब्ध हों तो उनका सदुपयोग करना चाहिए, परंतु उनसे आसक्त नहीं होना चाहिए। जीवन में जो बीत गया, उस पर शोक करना व्यर्थ है—वर्तमान में जागरूक रहकर ही सच्चा आनंद प्राप्त किया जा सकता है। इस प्रवचन के माध्यम से यह स्पष्ट हुआ कि सनातन संस्कृति केवल आस्था नहीं, बल्कि जीवन को संतुलित, सरल और आनंदमय बनाने की एक पूर्ण जीवन-पद्धति है। जो पुरे विश्व में किसी न किसी रुप में विद्यमान है जो लगातार भ्रमण से ही समझी और महासुस की जा सकती है ।

Rajesh Toshniwal, Bhilwara

Rajesh Toshniwal, Bhilwara

नाम: राजेश तोषनीवाल

वर्तमान पद: ब्यूरो चीफ (भीलवाड़ा)

कार्यक्षेत्र: भीलवाड़ा (राजस्थान)

बीट (मुख्य विषय): राजनीति, क्राइम, प्रशासन, शिक्षा, स्वास्थ्य और बिज़नेस

परिचय 

राजेश तोषनीवाल राजस्थान के भीलवाड़ा जिले के वरिष्ठ पत्रकार और ब्यूरो चीफ हैं। वह राजनीति, अपराध (क्राइम), स्थानीय प्रशासन, शिक्षा, स्वास्थ्य और आर्थिक गतिविधियों (बिज़नेस) सहित सभी मुख्य विषयों पर नियमित रिपोर्टिंग करते हैं। मौके पर पहुंचकर सक्रियता से ग्राउंड रिपोर्टिंग करना उनकी मुख्य विशेषता है।

पत्रकारिता का अनुभव (Work Experience)

राजेश तोषनीवाल को पत्रकारिता के क्षेत्र में कुल 44 वर्षों का व्यापक अनुभव है।

  • वह पिछले 35 वर्षों से अधिक समय से 'प्रातःकाल' समाचार पत्र से निरंतर जुड़े हुए हैं।
  • इससे पूर्व उन्होंने 'दैनिक जागरण', 'नवभारत टाइम्स' सहित कई अन्य लोकल एवं राज्यस्तरीय मीडिया संस्थानों में अपनी सेवाएं दी हैं।

शैक्षणिक योग्यता (Education)

  • स्नातक (Graduate)
  • डिप्लोमा इन जर्नलिज्म (Diploma in Journalism)

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