संस्कार, संस्कृति और सिंधी अस्मिता का उत्सव बना सिंधु सभा बाल संस्कार शिविर का भव्य समापन
शाहपुरा में आयोजित सिंधु सभा बाल संस्कार शिविर का भव्य समापन हुआ। बच्चों ने सिंधी भाषा, भजन और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों से सभी को मंत्रमुग्ध कर दिया। समारोह में प्रतिभागियों और प्रशिक्षकों को सम्मानित कर संस्कृति संरक्षण का संदेश दिया गया।

शाहपुरा के दिलखुशाल बाग स्थित पूज्य झूलेलाल मंदिर में आयोजित सिंधु सभा बाल संस्कार शिविर के समापन समारोह पर पुरस्कार और स्मृति चिन्ह के साथ सामूहिक चित्र खिंचवाते प्रतिभागी बच्चे, प्रशिक्षक और समाज के पदाधिकारी।
नई पीढ़ी को अपनी संस्कृति, भाषा और संस्कारों से जोड़ने के उद्देश्य से आयोजित सिंधु सभा बाल संस्कार शिविर का रविवार को भावपूर्ण एवं उत्साहपूर्ण वातावरण में भव्य समापन हुआ। भारतीय सिंधु सभा द्वारा पूज्य सिंधी पंचायत के तत्वावधान में आयोजित यह शिविर दिलखुशाल बाग स्थित पूज्य झूलेलाल मंदिर परिसर में संपन्न हुआ, जहां बच्चों की प्रतिभा, आत्मविश्वास और सांस्कृतिक चेतना ने उपस्थित जनसमुदाय को प्रभावित किया।
समापन समारोह की शुरुआत भगवान झूलेलाल की आरती एवं वंदना के साथ हुई। इसके पश्चात शिविर की गतिविधियों और उपलब्धियों का प्रतिवेदन प्रस्तुत किया गया। शिविर में भाग लेने वाले बच्चों ने अपने अनुभव साझा करते हुए बताया कि इस आयोजन ने उन्हें अपनी संस्कृति, परंपराओं और मातृभाषा के प्रति नई समझ और जुड़ाव प्रदान किया। बच्चों ने मंच पर आत्मविश्वास के साथ अपनी प्रस्तुतियां देकर दर्शकों का मन मोह लिया।
कार्यक्रम के दौरान बच्चों ने सिंधी भाषा में भजन, गीत, बोली तथा भगवान झूलेलाल पर आधारित आकर्षक सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दीं। इन प्रस्तुतियों ने न केवल दर्शकों को भावविभोर किया, बल्कि यह भी संदेश दिया कि उचित मार्गदर्शन और अवसर मिलने पर नई पीढ़ी अपनी सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।
सिंधु सभा के शाहपुरा नगर अध्यक्ष चेतन चंचलानी की उपस्थिति में आयोजित समारोह में महिला शाखा अध्यक्ष शिल्पा सामतानी, उपाध्यक्ष कविता वासवानी, मंत्री विमला आसवानी तथा सहमंत्री वर्षा मतलानी ने शिविर में शामिल सभी बच्चों को पारितोषिक एवं स्मृति चिन्ह प्रदान कर उनका उत्साहवर्धन किया। सम्मान प्राप्त कर बच्चों के चेहरे पर प्रसन्नता और गर्व की झलक स्पष्ट दिखाई दी।
शिविर को सफल बनाने में महत्वपूर्ण योगदान देने वाली प्रशिक्षक रेखा शर्मा, विमला आसवानी, पाखी लखपतानी और मनीषा आसवानी को भी विशेष रूप से सम्मानित किया गया। समाज की ओर से उन्हें स्मृति चिन्ह एवं पारितोषिक प्रदान कर उनके समर्पण और अथक प्रयासों की सराहना की गई।
पूज्य सिंधी पंचायत के मीडिया प्रभारी मूलचन्द पेसवानी ने बताया कि बाल संस्कार शिविर का प्रमुख उद्देश्य बच्चों में नैतिक मूल्यों, सामाजिक संस्कारों, सिंधी भाषा और सांस्कृतिक परंपराओं के प्रति जागरूकता विकसित करना था। शिविर के दौरान बच्चों को धार्मिक, सांस्कृतिक और नैतिक शिक्षा से संबंधित विभिन्न गतिविधियों का प्रशिक्षण दिया गया।
समापन समारोह में पूज्य सिंधी पंचायत के अध्यक्ष लीलाराम वासवानी, सचिव नरेश लखपतानी, कोषाध्यक्ष अशोक थानवानी, सिंधु सभा नगर अध्यक्ष चेतन चंचलानी सहित समाज के अनेक पदाधिकारी, महिला कार्यकर्ता एवं समाजजन उपस्थित रहे। सभी ने एकमत से कहा कि ऐसे संस्कार शिविर वर्तमान समय की आवश्यकता हैं, क्योंकि बदलते सामाजिक परिवेश में बच्चों को अपनी सांस्कृतिक जड़ों से जोड़े रखना समाज की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है।
कार्यक्रम के अंत में सभी प्रतिभागियों, प्रशिक्षकों और सहयोगकर्ताओं का आभार व्यक्त किया गया। यह आयोजन केवल एक शिविर का समापन नहीं था, बल्कि नई पीढ़ी में सांस्कृतिक चेतना, भाषा प्रेम और अपनी पहचान के प्रति गर्व की भावना को सशक्त बनाने का प्रेरणादायी प्रयास भी साबित हुआ।

Pratahkal Bureau
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