भीलवाड़ा: श्री बाबाधाम में 18वां पाटोत्सव महोत्सव, छप्पन भोग और भजन संध्या का आयोजन
मेवाड़ के प्रसिद्ध शक्तिपीठ में विधि-विधान से पूजा, अभिषेक और भजन संध्या के साथ उत्सव की शुरुआत, श्रद्धालुओं के लिए विशेष व्यवस्थाएं की गईं।

भीलवाड़ा। मेवाड़ की पावन धरा पर स्थित प्रसिद्ध शक्तिपीठ श्री बाबाधाम में 18वां पाटोत्सव महोत्सव अटूट श्रद्धा और अपार हर्षोल्लास के साथ आयोजित किया जा रहा है। इस विशेष उत्सव के उपलक्ष्य में संपूर्ण शक्तिपीठ परिसर को मनोरम दुधिया रोशनी, रंग-बिरंगी झिलमिलाती फरियों, ध्वजाओं, फूलों और चुन्नर डेकोरेशन से किसी अलौकिक धाम की भांति सजाया गया है। श्री बाबाधाम के अध्यक्ष विनीत अग्रवाल के कुशल सानिध्य में आयोजित हो रहे इस महोत्सव की व्यवस्थाओं को अंतिम रूप देने के लिए एक विशेष बैठक संपन्न हुई, जिसमें सभी सेवादारों को भजन संध्या, छप्पन भोग और दर्शन झांकी जैसी महत्वपूर्ण कमेटियों में जिम्मेदारी सौंपी गई ताकि आने वाले श्रद्धालुओं को सुगमता से दर्शन प्राप्त हो सकें।
महोत्सव की विस्तृत रूपरेखा साझा करते हुए मीडिया प्रभारी राजेश नैनावटी ने बताया कि पाटोत्सव के दौरान पूजा-अर्चना, अभिषेक और ध्वजा रोहण का कार्य विधी-विधान से संपन्न कराने हेतु आचार्य पंडित शिव कुमार जोशी, आचार्य पंडित योगेन्द्र शर्मा और आचार्य पंडित गौतम गोविन्द की टीम को दायित्व सौंपा गया है। इसी प्रकार छप्पन भोग की सजावट और व्यवस्था के लिए प्रवीण जैन, ओम व्यास, लोकेश अग्रवाल, सत्यनारायण चौधरी, शंकर लाल अग्रवाल, गोपाल बंसल, पहलाद गोयल, श्रीकान्त त्रिपाठी और पवन अग्रवाल की टीम मुस्तैद रहेगी, जबकि भव्य भजन संध्या का दायित्व प्रमोद तोषनीवाल, सुरेश जैन, गोविन्द जोशी, सुभाष लढ़ा, विनोद अग्रवाल, विनोद जागेटिया, सुरेन्द्र शर्मा, हर्ष प्रकाश शर्मा और नितिन बुन्देल संभालेंगे। कार्यक्रम के अनुसार प्रथम दिन रविवार, 29 मार्च 2026 को दिनभर भजन-कीर्तन के पश्चात सायंकाल भव्य छप्पन भोग के दर्शन और विशाल भजन संध्या का आयोजन होगा, वहीं मुख्य उत्सव चैत्र सुदी बारस, सोमवार, 30 अप्रैल 2026 को सभी देवी-देवताओं के अभिषेक, विधि-विधान से पूजा और शुद्ध मावे के केक काटने के साथ संपन्न होगा।
श्री बाबाधाम की महिमा निराली है जहाँ न पैसा चढ़ता है और न ही दान स्वीकार किया जाता है; यहाँ भक्त अपनी मनोकामना पूर्ण होने पर सामर्थ्य अनुसार गायों को चारा, पक्षियों को दाना और निर्धनों को भोजन कराते हैं। पुलिस लाइन के आगे श्याम नगर में स्थित इस परिसर में तीन मंदिरों का समूह है, जिसमें विश्व का प्रथम ऐसा शिवलिंग 'श्री ऋणमुक्तेश्वर गौरव शंकर महादेव' स्थापित है जहाँ माता गौरी और भगवान शंकर एक ही लिंग में समाहित हैं। मान्यता है कि यहाँ प्रत्येक गुरुवार एक मुट्ठी चने की दाल अर्पित करने से भक्त समस्त ऋणों से मुक्त हो जाता है। मुख्य शक्तिपीठ में माता अन्नपूर्णा वैष्णो देवी की कटरा से लाई गई अखंड ज्योति प्रज्वलित है, जिसके साथ हनुमान जी और भैरवनाथ जी के विग्रह विराजमान हैं। मंदिर के मुख्य द्वार पर स्थित 'श्री मां मनसापूर्ण त्रिशूल' और परिसर में स्थापित 'यज्ञ शाला' व 'कल्पवृक्ष जोड़ा' आध्यात्मिक ऊर्जा के केंद्र हैं, जहाँ परिक्रमा मात्र से शारीरिक कष्टों और समस्याओं से मुक्ति की धार्मिक मान्यता है।
वर्ष भर यहाँ रक्तदान शिविर, महाशिवरात्रि पर सहस्त्रधारा रुद्राभिषेक, होली महोत्सव, चैत्र नवरात्रि अनुष्ठान, हनुमान जयंती पर सुंदरकांड और कृष्ण जन्माष्टमी पर दिल्ली के कलाकारों द्वारा भव्य झांकियों जैसे सामाजिक व धार्मिक सरोकार अनवरत चलते रहते हैं। विशेष रूप से संध्या आरती के पश्चात लगने वाला बाबा का झाड़ा, भभूत और अखंड ज्योति का घी भक्तों को मानसिक व शारीरिक व्याधियों से निजात दिलाता है। प्रत्येक शनिवार को आयोजित होने वाले संगीतमय सुंदरकांड पाठ की श्रृंखला अब तक 1094वें पड़ाव तक पहुँच चुकी है। पाटोत्सव के मुख्य दिन दोपहर 12:15 बजे होने वाली महाआरती, साधु-संतों के सानिध्य में केक कर्तन और विशाल भंडारा इस 18वें महोत्सव को ऐतिहासिक बनाने की दिशा में मील का पत्थर साबित होगा। श्री बाबाधाम परिवार ने समस्त धर्मप्रेमी जनता को इस पावन पाटोत्सव में सम्मिलित होकर धर्म लाभ लेने हेतु सादर आमंत्रित किया है।

Rajesh Toshniwal, Bhilwara
नाम: राजेश तोषनीवाल
वर्तमान पद: ब्यूरो चीफ (भीलवाड़ा)
कार्यक्षेत्र: भीलवाड़ा (राजस्थान)
बीट (मुख्य विषय): राजनीति, क्राइम, प्रशासन, शिक्षा, स्वास्थ्य और बिज़नेस
परिचय
राजेश तोषनीवाल राजस्थान के भीलवाड़ा जिले के वरिष्ठ पत्रकार और ब्यूरो चीफ हैं। वह राजनीति, अपराध (क्राइम), स्थानीय प्रशासन, शिक्षा, स्वास्थ्य और आर्थिक गतिविधियों (बिज़नेस) सहित सभी मुख्य विषयों पर नियमित रिपोर्टिंग करते हैं। मौके पर पहुंचकर सक्रियता से ग्राउंड रिपोर्टिंग करना उनकी मुख्य विशेषता है।
पत्रकारिता का अनुभव (Work Experience)
राजेश तोषनीवाल को पत्रकारिता के क्षेत्र में कुल 44 वर्षों का व्यापक अनुभव है।
- वह पिछले 35 वर्षों से अधिक समय से 'प्रातःकाल' समाचार पत्र से निरंतर जुड़े हुए हैं।
- इससे पूर्व उन्होंने 'दैनिक जागरण', 'नवभारत टाइम्स' सहित कई अन्य लोकल एवं राज्यस्तरीय मीडिया संस्थानों में अपनी सेवाएं दी हैं।
शैक्षणिक योग्यता (Education)
- स्नातक (Graduate)
- डिप्लोमा इन जर्नलिज्म (Diploma in Journalism)
