शाहपुरा के लाल ने एवरेस्ट बेस कैंप पर गाड़ा झंडा: तिरंगे संग निकले विजय जुलूस में उमड़ा जनसैलाब, बारिश भी बनी साक्षी
शाहपुरा के युवा पर्वतारोही आकाश लोढ़ा का एवरेस्ट बेस कैंप फतह कर लौटने पर ऐतिहासिक स्वागत किया गया। तिरंगे के साथ निकले भव्य विजय जुलूस में भारी बारिश के बावजूद हजारों की भीड़ उमड़ी। विभिन्न सामाजिक संगठनों और राजनीतिक दलों ने आकाश का अभिनंदन किया, जिससे पूरा शहर देशभक्ति के रंग में सराबोर हो गया।

शाहपुरा। बुलंद हौसले और अटूट संकल्प के साथ माउंट एवरेस्ट के दक्षिणी बेस कैंप की दुर्गम चढ़ाई फतह करने वाले शाहपुरा के युवा पर्वतारोही आकाश लोढ़ा का मंगलवार को अपने गृह नगर पहुंचने पर पलक-पावड़े बिछाकर ऐतिहासिक अभिनंदन किया गया। बर्फीली ऊंचाइयों पर तिरंगा फहराकर गौरव का अध्याय लिखने वाले इस सपूत के स्वागत में पूरा शहर उमड़ पड़ा और फिजाएं देशभक्ति के तरानों से सराबोर हो गईं। मूलचन्द पेसवानी की रिपोर्ट के अनुसार, जैसे ही आकाश ने शाहपुरा की धरा पर कदम रखा, पूरा नगर उत्सव के रंग में रंग गया।
विजय जुलूस का आगाज धरती देवरा वाटिका से हुआ, जहाँ एक सजी-धजी खुली जीप में आकाश लोढ़ा अपने माता-पिता के साथ सवार थे। इस गौरवशाली क्षण का गवाह बनने के लिए शहर के हर कोने से लोग सड़कों पर उतर आए। त्रिमूर्ति स्मारक, रामनिवास धाम और बस स्टैंड होते हुए जब यह कारवां भीलवाड़ा रोड स्थित लोढ़ा हाउस की ओर बढ़ा, तो रास्ते भर 125 से अधिक स्थानों पर पुष्पवर्षा और ढोल-नगाड़ों के साथ उनका सत्कार किया गया। हाथ में तिरंगा थामे आकाश का जोश देख युवाओं की टोली डीजे की धुनों पर थिरकती नजर आई, जिससे माहौल पूरी तरह राष्ट्रभक्ति के रंग में डूब गया।
प्रकृति ने भी इस ऐतिहासिक स्वागत में अपना विशेष योगदान दिया। जुलूस के दौरान अचानक मूसलाधार बारिश शुरू हो गई, लेकिन न तो स्वागत करने वालों के कदम ठिठके और न ही उत्साह में कोई कमी आई। छातों और रेनकोट की ओट में खड़े नागरिकों ने भीगते हुए अपने लाड़ले का अभिवादन किया। कई युवाओं ने तो बारिश के बीच ही तिरंगा लहराकर नारे लगाए, जिसे देख स्थानीय लोगों ने भावुक होकर कहा कि मानो स्वयं इंद्रदेव इस वीर सपूत के स्वागत में पुष्पों की जगह जलधारा बरसा रहे हों। भीगते चेहरों पर गर्व और मुस्कान इस पल की भव्यता को बयां कर रही थी।
इस भव्य आयोजन में शाहपुरा के हर वर्ग और संगठन की सक्रिय भागीदारी रही। जैन समाज (श्वेतांबर व दिगंबर), महिला मंडल, कांग्रेस पदाधिकारी, भाजपा कार्यकर्ता, शाहपुरा श्याम सेवा समिति, साहित्यकार और यंग स्पोर्ट्स क्लब सहित अनगिनत सामाजिक संस्थाओं ने आकाश को दुपट्टा, पगड़ी, शॉल और साफा पहनाकर सम्मानित किया। व्यापारियों ने भव्य स्वागत द्वार सजाए तो वहीं महिलाओं ने छतों से फूलों की बारिश कर आशीर्वाद दिया। नागरिकों ने एक स्वर में कहा कि शून्य से नीचे के तापमान और ऑक्सीजन की भारी कमी के बीच आकाश की यह उपलब्धि केवल उनकी व्यक्तिगत जीत नहीं, बल्कि पूरे शाहपुरा का मान है।
अपने शहर से मिले इस अभूतपूर्व प्रेम को देख आकाश लोढ़ा भी भावुक हो उठे। उन्होंने हाथ जोड़कर जनता का आभार जताते हुए कहा कि यह सम्मान उनके धैर्य का नहीं, बल्कि शाहपुरा की मिट्टी और आशीर्वाद का प्रतिफल है। उन्होंने युवाओं को प्रेरित करते हुए अपने सपनों के लिए संघर्ष करने का आह्वान किया। वहीं, उनके माता-पिता ने भावुक स्वर में नगरवासियों का धन्यवाद करते हुए बेटे की उपलब्धि पर गर्व व्यक्त किया। "भारत माता की जय" और "आकाश लोढ़ा जिंदाबाद" के गगनभेदी नारों के बीच यह समारोह संपन्न हुआ, जिसने शाहपुरा के इतिहास में एक स्वर्णिम अध्याय जोड़ दिया है।

Pratahkal Bureau
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