शाहपुरा: रामनिवास धाम में महाप्रभु स्वामी रामचरण महाराज का निर्वाण महोत्सव शुरू
रामस्नेही संप्रदाय के संस्थापक के 228वें निर्वाणोत्सव पर राम नाम जप यज्ञ का आयोजन, संत नवनीध राम ने दिए प्रवचन और जरूरतमंदों को बांटा गया राशन।

शाहपुरा/भीलवाड़ा। आस्था, अध्यात्म और मानवतावादी सेवा का अनुपम समागम शुक्रवार को शाहपुरा स्थित अंतरराष्ट्रीय रामस्नेही संप्रदाय के पावन धाम रामनिवास धाम में साकार हुआ। यहाँ रामस्नेही संप्रदाय के आदि सद्गुरु महाप्रभु स्वामी रामचरण महाराज के 228वें निर्वाण महोत्सव का अत्यंत गरिमामय और भव्य शुभारंभ किया गया। पाँच दिवसीय इस आध्यात्मिक समागम का आगाज सामूहिक राम नाम जप यज्ञ के साथ हुआ, जिसकी गूँज से संपूर्ण परिक्षेत्र भक्ति के पावन रस में सराबोर हो उठा।
महोत्सव के प्रथम सोपान में श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए कार्यवाहक भंडारी संत नवनीध राम महाराज ने अपने ओजस्वी और ज्ञानवर्धक प्रवचनों से जन-समुदाय को भावविभोर कर दिया। उन्होंने महाप्रभु की महिमा का बखान करते हुए उद्घोष किया— “ब्रह्म देश सू आईया, धर रामचरण नाम, भक्ति राज जमाय कै, फिर पहुँच्या वाही ठाम।” इस मार्मिक दोहे के माध्यम से संत ने स्पष्ट किया कि गुरु ही वह दिव्य शक्ति हैं जो जीव को अज्ञानता के अंधकार से निकालकर पुनः परमात्मा के श्रीचरणों में स्थापित करते हैं। उन्होंने गुरु और आचार्य के दायित्वों की व्याख्या करते हुए जीव को ईश्वर की अमूल्य निधि बताया और कहा कि जब गुरु के माध्यम से खोया हुआ जीव पुनः ईश्वर को प्राप्त होता है, तो वह मिलन असीम आनंद का कारक बनता है।
आध्यात्मिक दर्शन को सुगम उदाहरणों से पुष्ट करते हुए संत नवनीध राम महाराज ने बताया कि जिस प्रकार राजमहल के सात परकोटों को पार करने के पश्चात ही राजा के दर्शन सुलभ होते हैं, उसी प्रकार गुरु शिष्य को साधना के विभिन्न सोपानों से गुजारते हुए साक्षात्कार के अंतिम द्वार तक ले जाते हैं। एक बार भगवान का साक्षात्कार होने के पश्चात समस्त सांसारिक संशय और जिज्ञासाएं स्वतः ही समाप्त हो जाती हैं।
इस आध्यात्मिक महोत्सव में 'नर सेवा ही नारायण सेवा' के संकल्प को चरितार्थ करते हुए सेवा का उत्कृष्ट अध्याय भी जुड़ा। संत नवनीध राम महाराज की पावन प्रेरणा से शाहपुरा के प्रतिष्ठित समाजसेवी रामहेत धुमस द्वारा 25 निर्धन एवं जरूरतमंद परिवारों को निःशुल्क राशन सामग्री वितरित की गई। सेवा के इस पुनीत कार्य हेतु रामनिवास धाम प्रबंधन द्वारा धुमस परिवार का विशेष आभार ज्ञापित किया गया। कार्यक्रम के दौरान सूर्यप्रकाश बिड़ला, कैलाश चंद्र तोषनीवाल, रामेश्वर लाल बसेर, दीनदयाल मारू, नारायण सिंह और राकेश सोमाणी सहित भारी संख्या में रामस्नेही अनुरागी उपस्थित रहे। 3 अप्रैल से 7 अप्रैल 2026 तक चलने वाले इस निर्वाण महोत्सव के आगामी दिनों में भजन, सत्संग और विशिष्ट अनुष्ठानों की अविरल धारा प्रवाहित होगी, जो श्रद्धालुओं के लिए आत्मिक कल्याण का मार्ग प्रशस्त करेगी।

Rajesh Toshniwal, Bhilwara
नाम: राजेश तोषनीवाल
वर्तमान पद: ब्यूरो चीफ (भीलवाड़ा)
कार्यक्षेत्र: भीलवाड़ा (राजस्थान)
बीट (मुख्य विषय): राजनीति, क्राइम, प्रशासन, शिक्षा, स्वास्थ्य और बिज़नेस
परिचय
राजेश तोषनीवाल राजस्थान के भीलवाड़ा जिले के वरिष्ठ पत्रकार और ब्यूरो चीफ हैं। वह राजनीति, अपराध (क्राइम), स्थानीय प्रशासन, शिक्षा, स्वास्थ्य और आर्थिक गतिविधियों (बिज़नेस) सहित सभी मुख्य विषयों पर नियमित रिपोर्टिंग करते हैं। मौके पर पहुंचकर सक्रियता से ग्राउंड रिपोर्टिंग करना उनकी मुख्य विशेषता है।
पत्रकारिता का अनुभव (Work Experience)
राजेश तोषनीवाल को पत्रकारिता के क्षेत्र में कुल 44 वर्षों का व्यापक अनुभव है।
- वह पिछले 35 वर्षों से अधिक समय से 'प्रातःकाल' समाचार पत्र से निरंतर जुड़े हुए हैं।
- इससे पूर्व उन्होंने 'दैनिक जागरण', 'नवभारत टाइम्स' सहित कई अन्य लोकल एवं राज्यस्तरीय मीडिया संस्थानों में अपनी सेवाएं दी हैं।
शैक्षणिक योग्यता (Education)
- स्नातक (Graduate)
- डिप्लोमा इन जर्नलिज्म (Diploma in Journalism)
