भीलवाड़ा। वस्त्र नगरी भीलवाड़ा का सबसे सुरक्षित माना जाने वाला पुलिस लाइन इलाका शनिवार की शाम एक ऐसी अनहोनी का गवाह बना, जिसने पूरे शहर को झकझोर कर रख दिया है। संदीपनी स्कूल के पीछे रहने वाले भंवरलाल माली के दो मासूम लाल, 8 वर्षीय आयुष और 5 वर्षीय राकेश, संदिग्ध परिस्थितियों में लापता हो गए हैं। शाम ढलते ही जब दोनों भाई घर नहीं लौटे, तो परिजनों के पैरों तले जमीन खिसक गई। देखते ही देखते यह खबर पूरे इलाके में आग की तरह फैल गई, जिससे पुलिस महकमे से लेकर आम जनता के बीच दहशत और चिंता का माहौल व्याप्त हो गया है।

घटनाक्रम के अनुसार, शनिवार शाम करीब 5 बजे ये दोनों मासूम घर से बिना बताए कहीं निकले थे। सामान्य तौर पर कुछ ही देर में लौट आने वाले आयुष और राकेश जब घंटों बाद भी घर नहीं पहुंचे, तो भंवरलाल माली और उनके परिजनों ने बदहवास होकर उनकी तलाश शुरू की। गली-मोहल्ले और जान-पहचान वालों के यहाँ ढूंढने के बाद भी जब मासूमों का कोई सुराग नहीं मिला, तो रोते-बिलखते परिजन गांधीनगर थाने पहुंचे। पुलिस लाइन जैसे अति-सुरक्षित क्षेत्र से दो बच्चों का एक साथ गायब होना पुलिस के लिए भी एक बड़ी चुनौती और प्रतिष्ठा का प्रश्न बन गया है।

मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए गांधीनगर थाना पुलिस तुरंत सक्रिय हो गई। थाना प्रभारी पुष्पा कासोटिया के नेतृत्व में पुलिस बल ने मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया और तुरंत पूरे जिले के थानों को 'हाई अलर्ट' पर डाल दिया गया है। शहर के प्रवेश और निकास द्वारों पर सघन नाकाबंदी कर दी गई है। पुलिस की विशेष टीमें संदीपनी स्कूल के आसपास और शहर के प्रमुख चौराहों पर लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल रही हैं, ताकि इन मासूमों के आखिरी मूवमेंट और संदिग्धों के बारे में कोई पुख्ता जानकारी जुटाई जा सके।

वर्तमान में गांधीनगर थाना पुलिस, परिजनों और स्थानीय नागरिकों के साथ मिलकर चप्पे-चप्पे की खाक छान रही है। थाना प्रभारी पुष्पा कासोटिया ने जनता से भावुक अपील करते हुए कहा है कि इन मासूमों की सुरक्षा सबसे बड़ी प्राथमिकता है। यदि किसी भी नागरिक को आयुष और राकेश के संबंध में कोई भी छोटी से छोटी जानकारी मिले, तो वे बिना देरी किए गांधीनगर थाना पुलिस या नजदीकी पुलिस कंट्रोल रूम को सूचित करें। सुरक्षित माने जाने वाले क्षेत्र में हुई इस घटना ने सुरक्षा व्यवस्थाओं पर सवालिया निशान तो लगाए ही हैं, साथ ही पूरे भीलवाड़ा की दुआएं अब उन दो मासूमों की सुरक्षित घर वापसी पर टिकी हैं।

Pratahkal Bureau

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