भीलवाड़ा। राजस्थान की वस्त्र नगरी भीलवाड़ा आज एक बड़े राजनीतिक घटनाक्रम का केंद्र बनी, जहाँ महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोज़गार गारंटी अधिनियम (मनरेगा) के अस्तित्व पर मंडराते संकट को लेकर कांग्रेस ने निर्णायक संघर्ष का बिगुल फूंक दिया है। केंद्र की मोदी सरकार द्वारा मनरेगा को कथित रूप से कमजोर करने की नीतियों के विरुद्ध अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के आह्वान पर देशभर में शुरू हुए 45 दिवसीय “मनरेगा बचाओ अभियान” की भीलवाड़ा में ऐतिहासिक शुरुआत हुई। स्थानीय गांधी भवन स्थित कांग्रेस कार्यालय में आयोजित इस रणनीतिक बैठक ने न केवल कार्यकर्ताओं में नया जोश भरा, बल्कि केंद्र सरकार की नीतियों के खिलाफ एक व्यापक जनआंदोलन की आधारशिला भी रख दी।

जिला कांग्रेस कमेटी भीलवाड़ा शहर के जिलाध्यक्ष शिवराम जी.पी. खटीक की अध्यक्षता में संपन्न हुई इस बैठक में रणनीतिक कौशल और सांगठनिक एकजुटता का अनूठा संगम देखने को मिला। अपने ओजस्वी और तेवरपूर्ण संबोधन में शिवराम खटीक ने कहा कि मनरेगा केवल एक सरकारी योजना नहीं, बल्कि ग्रामीण भारत और गरीब मजदूरों की जीवनरेखा है। उन्होंने आरोप लगाया कि इस योजना के बजट और प्रावधानों में कटौती कर केंद्र सरकार गरीबों के निवाले पर प्रहार कर रही है, जिसे कांग्रेस किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं करेगी। खटीक ने इस लड़ाई को संविधान प्रदत्त अधिकारों की रक्षा का धर्मयुद्ध बताते हुए घोषणा की कि भीलवाड़ा शहर कांग्रेस इस आंदोलन को सड़क से लेकर सदन तक पूरी मजबूती के साथ लड़ेगी।

बैठक के दौरान विधानसभा प्रभारी कैलाश जालीवाल ने भी कार्यकर्ताओं का मार्गदर्शन किया और अभियान की सूक्ष्म कार्ययोजना साझा की। उन्होंने सांगठनिक मजबूती पर बल देते हुए कार्यकर्ताओं को निर्देश दिए कि इस अभियान को हर वार्ड और हर घर तक ले जाया जाए ताकि जनता केंद्र की 'जनविरोधी' नीतियों को समझ सके। बैठक में मौजूद वरिष्ठ नेताओं और पदाधिकारियों ने एक स्वर में संकल्प लिया कि वे मनरेगा के अस्तित्व को बचाने के लिए किसी भी हद तक जाएंगे।

इस महत्वपूर्ण अवसर पर भीलवाड़ा कांग्रेस के दिग्गज नेताओं और कार्यकर्ताओं की उपस्थिति ने संगठन की एकजुटता को प्रमाणित किया। बैठक में प्रमुख रूप से शिवराम खटिक, कैलाश झालीवाल, धर्मेंद्र पारीक, राजेंद्र जैन, प्रकाश ओझा, मंजू पोखरना, मनोज पालीवाल, जितेन्द्र दरयानी, अनिल राठी, पार्षद उस्मान पठान, रेखा हिरण, डा फ़रियाद मोहम्मद, मेवाराम खोईवाल, हामिद रंगरेज, राजकुमार माली, शिव प्रकाश घावरी, वसीम शैख़, मो हारून रंगरेज, निसार सिलावट, कुंदन शर्मा, कुणाल गोरण, कांता कवर, अली मसूरी, नवरत्न जैन, दलीचंद खटिक, भूरालाल रैगर, राजकुमार जैन, पीरबक्ष मंसूरी, जितेश चैपलोत, गोपाल खटिक, चंद्रप्रकाश अमरवाल, कमल कुमार प्रजापत, राजकुमार पायक, मुकेश जयसवाल, भगत प्रजापत, संदीप टेलर, शिवराज सुराणा, विनोद चावला, अनवर अंसारी, सिराज अहमद, दिनेश बैरवा, विनोद कुमार कंसारा, दुर्गेश पानेरी, धर्मेन्द्र कोठारी, विक्की ब्यावट, अशोक सोलंकी, निशांत दूत और गुडविन मसीह सम्मिलित हुए।

कार्यक्रम के समापन पर एडवोकेट कुणाल ओझा ने सभी आगंतुकों का आभार व्यक्त किया और विश्वास दिलाया कि भीलवाड़ा की धरती से उठी यह आवाज दिल्ली के सिंहासन तक गूंजेगी। इस बैठक के साथ ही भीलवाड़ा में मनरेगा बचाओ अभियान ने एक जनआंदोलन का स्वरूप ले लिया है, जो आने वाले दिनों में राजस्थान की राजनीति में एक नया मोड़ ला सकता है।

Rajesh Toshniwal, Bhilwara

Rajesh Toshniwal, Bhilwara

नाम: राजेश तोषनीवाल

वर्तमान पद: ब्यूरो चीफ (भीलवाड़ा)

कार्यक्षेत्र: भीलवाड़ा (राजस्थान)

बीट (मुख्य विषय): राजनीति, क्राइम, प्रशासन, शिक्षा, स्वास्थ्य और बिज़नेस

परिचय 

राजेश तोषनीवाल राजस्थान के भीलवाड़ा जिले के वरिष्ठ पत्रकार और ब्यूरो चीफ हैं। वह राजनीति, अपराध (क्राइम), स्थानीय प्रशासन, शिक्षा, स्वास्थ्य और आर्थिक गतिविधियों (बिज़नेस) सहित सभी मुख्य विषयों पर नियमित रिपोर्टिंग करते हैं। मौके पर पहुंचकर सक्रियता से ग्राउंड रिपोर्टिंग करना उनकी मुख्य विशेषता है।

पत्रकारिता का अनुभव (Work Experience)

राजेश तोषनीवाल को पत्रकारिता के क्षेत्र में कुल 44 वर्षों का व्यापक अनुभव है।

  • वह पिछले 35 वर्षों से अधिक समय से 'प्रातःकाल' समाचार पत्र से निरंतर जुड़े हुए हैं।
  • इससे पूर्व उन्होंने 'दैनिक जागरण', 'नवभारत टाइम्स' सहित कई अन्य लोकल एवं राज्यस्तरीय मीडिया संस्थानों में अपनी सेवाएं दी हैं।

शैक्षणिक योग्यता (Education)

  • स्नातक (Graduate)
  • डिप्लोमा इन जर्नलिज्म (Diploma in Journalism)

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