भीलवाड़ा। वस्त्र नगरी भीलवाड़ा की पावन धरा शनिवार को उस समय आध्यात्मिक ऊर्जा से सराबोर हो उठी, जब हरि सेवा उदासीन आश्रम में संतों और भक्तों के हुजूम के बीच 'सनातन मंगल महोत्सव' का विधिवत शुभारंभ हुआ। आगामी 19 से 26 फरवरी 2026 तक आयोजित होने वाले ऐतिहासिक दीक्षा दान समारोह की पूर्व बेला में आयोजित इस कार्यक्रम में भूमि पूजन और धर्मध्वजा की स्थापना ने पूरे वातावरण को धर्ममय बना दिया। यह आयोजन केवल एक धार्मिक अनुष्ठान मात्र नहीं, बल्कि सनातन संस्कृति के संरक्षण और संत परंपरा को जीवंत रखने का एक महासंकल्प बनकर उभरा है।

महोत्सव का आगाज सुबह की ठंडी हवाओं में गूंजते सामूहिक हनुमान चालीसा के पाठ से हुआ, जिसने श्रद्धालुओं में असीम उत्साह भर दिया। इंदौर से आए स्वामी संतराम ने जब अपने स्वर में “हम गीत सनातन गाएंगे, नित्य झंडा धर्म झुलायेंगे” का स्वागत गीत प्रस्तुत किया, तो उपस्थित जनसमूह झूम उठा। भक्ति की इस धारा को ब्रह्मचारी बालक इंद्रदेव एवं सिद्धार्थ ने अपने भजनों “ये जो केसरी के लाल” और “जाहि विधि राखे राम ताहि विधि रहिये” के माध्यम से और अधिक गहरा कर दिया। राम-नाम के सामूहिक संकीर्तन ने पूरे आश्रम परिसर को एक दिव्य वैकुंठ में बदल दिया।

धार्मिक विधान के अगले चरण में महामंडलेश्वर स्वामी हंसराम उदासीन और उपस्थित संत मंडल ने दीप प्रज्ज्वलन कर समारोह की गरिमा बढ़ाई। इसके उपरांत पंडित रोशन शास्त्री, पं. सत्यनारायण, पं. मनमोहन एवं पं. मनीष के वैदिक मंत्रोच्चार और शंखनाद के बीच विष्णु यज्ञ स्थल का भूमि पूजन संपन्न हुआ। इस अवसर पर मातृशक्ति द्वारा श्रद्धापूर्वक धर्मध्वजा की स्थापना की गई, जो इस महोत्सव के विजय और गौरव का प्रतीक बनी।

अपने उद्बोधन में महामंडलेश्वर स्वामी हंसराम उदासीन ने दीक्षा के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि संत परंपरा में दीक्षा दान राष्ट्र और धर्म की रक्षा का एक पवित्र संकल्प है। उन्होंने घोषणा की कि इस महोत्सव के दौरान तीन ब्रह्मचारियों को संत दीक्षा दी जाएगी, जो अपना संपूर्ण जीवन देश और सनातन धर्म की सेवा के लिए समर्पित करेंगे। स्वामीजी ने स्पष्ट किया कि फरवरी में होने वाले इस आठ दिवसीय महोत्सव में यज्ञ, पारायण और प्रवचनों के माध्यम से पूरे सनातन समाज को एकता के सूत्र में पिरोने का प्रयास किया जाएगा।

श्रीमहंत लक्ष्मणदास त्यागी ने आश्रम के प्रयासों की सराहना करते हुए इसे सामाजिक एकता का केंद्र बताया, जबकि श्रीमहंत स्वरूपदास उदासीन ने पधारे हुए सभी संतों और अतिथियों का आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम के दौरान महोत्सव की विस्तृत रूपरेखा वाली निमंत्रण पत्रिका का पूजन भी किया गया।

इस गरिमामयी अवसर पर संतों की लंबी श्रृंखला मौजूद रही, जिनमें महंत बाबूगिरी महाराज, महंत मोहनशरण शास्त्री, महंत हनुमानराम उदासीन (पुष्कर), महंत ईश्वरदास (अजमेर), महंत अर्जुनदास (अजमेर), महंत माधवदास (इंदौर), महंत मोहनदास, संत संतदास (इंदौर), संत मुरारीदास, महंत रामायणीदास, महंत आशुतोष, संत मयाराम, संत राजाराम और संत गोविंदराम शामिल थे।

राजनीतिक और सामाजिक क्षेत्र की प्रमुख हस्तियों में शहर विधायक अशोक कोठारी, नगर निगम महापौर राकेश पाठक, चाँदमल सोमानी, रविंद्र जाजू, सुरेश गोयल, हेमंत वच्छानी, हीरालाल गुरनानी, अशोक मूंदड़ा, प्रकाश छाबड़ा, वीरूमल पुरसानी, विनोद झूरानी, रमेश मूंदड़ा, परमानंद गुरनानी, संजय राठी, कांतिलाल जैन, बद्रीलाल सोमानी, कैलाश खोईवाल, महावीर खंडेलवाल, दिनेश विजयवर्गीय, कैलाश सोनी, अमित खत्री, इंद्र अवतानी, पल्लवी वच्छानी, खुशबू शुक्ला और शिवानी भरावा सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे। पूरे आयोजन की व्यवस्थाएं सेवादार धन्ना माली की देखरेख में संपन्न हुईं और मंच संचालन हनुमान अग्रवाल ने कुशलतापूर्वक किया। यह महोत्सव आने वाले समय में भीलवाड़ा के इतिहास में आध्यात्मिक चेतना का एक नया अध्याय लिखेगा।

Rajesh Toshniwal, Bhilwara

Rajesh Toshniwal, Bhilwara

नाम: राजेश तोषनीवाल

वर्तमान पद: ब्यूरो चीफ (भीलवाड़ा)

कार्यक्षेत्र: भीलवाड़ा (राजस्थान)

बीट (मुख्य विषय): राजनीति, क्राइम, प्रशासन, शिक्षा, स्वास्थ्य और बिज़नेस

परिचय 

राजेश तोषनीवाल राजस्थान के भीलवाड़ा जिले के वरिष्ठ पत्रकार और ब्यूरो चीफ हैं। वह राजनीति, अपराध (क्राइम), स्थानीय प्रशासन, शिक्षा, स्वास्थ्य और आर्थिक गतिविधियों (बिज़नेस) सहित सभी मुख्य विषयों पर नियमित रिपोर्टिंग करते हैं। मौके पर पहुंचकर सक्रियता से ग्राउंड रिपोर्टिंग करना उनकी मुख्य विशेषता है।

पत्रकारिता का अनुभव (Work Experience)

राजेश तोषनीवाल को पत्रकारिता के क्षेत्र में कुल 44 वर्षों का व्यापक अनुभव है।

  • वह पिछले 35 वर्षों से अधिक समय से 'प्रातःकाल' समाचार पत्र से निरंतर जुड़े हुए हैं।
  • इससे पूर्व उन्होंने 'दैनिक जागरण', 'नवभारत टाइम्स' सहित कई अन्य लोकल एवं राज्यस्तरीय मीडिया संस्थानों में अपनी सेवाएं दी हैं।

शैक्षणिक योग्यता (Education)

  • स्नातक (Graduate)
  • डिप्लोमा इन जर्नलिज्म (Diploma in Journalism)

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