विधायक अशोक कोठारी ने राजस्थान विधानसभा में नई चारागाह नीति की मांग उठाई
भीलवाड़ा विधायक ने घटती चारागाह भूमि के संरक्षण के लिए अनुच्छेद 21 और 48 का हवाला देते हुए राज्य स्तरीय योजना और बजट प्रावधान का सुझाव दिया।

राजस्थान विधानसभा के सत्र के दौरान भीलवाड़ा विधायक अशोक कुमार कोठारी प्रदेश में चारागाह भूमि के संरक्षण और अतिक्रमण मुक्त विकास हेतु विशेष उल्लेख प्रस्ताव प्रस्तुत करते हुए।
अंतर्राष्ट्रीय परिप्रेक्ष्य और आर्थिक महत्व
उन्होंने विधानसभा अध्यक्ष का विषय पर समय प्रदान करने के लिए आभार व्यक्त करते हुए कहा कि:
- "संयुक्त राष्ट्र महासभा द्वारा वर्ष 2026 को अंतर्राष्ट्रीय चरागाह एवं पशुपालक वर्ष घोषित किया गया है, जिसका उद्देश्य चारागाहों और पशुपालकों की भूमिका को रेखांकित करते हुए समावेशी एवं दीर्घकालीन नीतियों का निर्माण करना है।"
- राज्य के सकल घरेलू उत्पाद में पशुपालन का लगभग 11.5 प्रतिशत एवं कृषि का लगभग 17.5 प्रतिशत योगदान है।
- ग्रामीण राजस्थान में कृषि और पशुपालन एक-दूसरे के पूरक हैं तथा राज्य की दो-तिहाई से अधिक आबादी इन पर निर्भर है।
गौवंश संरक्षण और अतिक्रमण की चुनौतियां
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार द्वारा गौवंश संरक्षण एवं संवर्द्धन के लिए विभिन्न योजनाएँ संचालित की जा रही हैं, किंतु निर्देशों की पूर्ण पालना के अभाव में निराश्रित गौवंश फसलों को नुकसान पहुँचाने तथा सड़कों पर दुर्घटनाओं का कारण बन रहे हैं।
विधायक कोठारी ने कहा कि राजस्थान काश्तकारी अधिनियम एवं राजस्थान पंचायतीराज अधिनियम के तहत चारागाह भूमि पशुओं के लिए सुरक्षित रखी गई है, लेकिन आरक्षित चारागाह भूमि पर अतिक्रमण एवं अन्य प्रयोजनों हेतु आवंटन के कारण इनका क्षेत्रफल निरंतर घट रहा है।
संवैधानिक उत्तरदायित्व: सरकार ट्रस्टी की भूमिका निभाए
उन्होंने संविधान के अनुच्छेद 21 एवं अनुच्छेद 48 का उल्लेख करते हुए कहा कि:
"चारागाह भूमि का संरक्षण नागरिकों के जीवन के अधिकार तथा राज्य के पर्यावरणीय कर्तव्यों से जुड़ा हुआ है। राज्य सरकार चारागाह भूमि की ट्रस्टी है, तो ट्रस्टी की भूमिका निभाए।"
नवीन चारागाह नीति हेतु प्रमुख सुझाव
विधायक कोठारी ने सुझाव दिया कि:
- राज्य सरकार चारागाह विकास हेतु पृथक राज्य स्तरीय योजना प्रारंभ करे, जिसके अंतर्गत चारागाह भूमि का विकास जलग्रहण, वी बी जी रामजी, एवं अन्य योजनाओं के माध्यम से क्रियान्वित किया जाए।
- इससे प्रदेश में पशुधन संख्या में वृद्धि के साथ प्राकृतिक खेती को भी बढ़ावा मिलेगा।
सरकार से ठोस कदम की आशा
अंत में विधायक कोठारी ने माननीय मुख्यमंत्री एवं वित्त मंत्री का आभार व्यक्त करते हुए आशा जताई कि सरकार इस दिशा में ठोस एवं प्रभावी कदम उठाएगी।

Pratahkal Bureau
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