भीलवाड़ा विधायक अशोक कुमार कोठारी ने राजस्थान टाउनशिप पॉलिसी-2024 के प्रावधानों में संशोधन कर आमजन को राहत देने की मांग की है। उन्होंने मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा को पत्र लिखकर आवासीय योजनाओं में पार्क, जनसुविधाओं, एकल पट्टे, भूमि के उप विभाजन और औद्योगिक योजनाओं से जुड़ी शर्तों में शिथिलता देने का सुझाव दिया है। उन्होंने औद्योगिक योजनाओं के लिए न्यूनतम भूमि क्षेत्र की सीमा 4 हेक्टेयर से घटाकर 2 हेक्टेयर करने की मांग भी की है।

विधायक कोठारी ने पत्र में कहा कि राज्य सरकार ने प्रदेश में सुव्यवस्थित शहरी विकास और स्वच्छ वातावरण को बढ़ावा देने के उद्देश्य से राजस्थान टाउनशिप पॉलिसी-2024 लागू की है। नगरीय विकास विभाग की ओर से 17 जुलाई 2025 को अधिसूचना जारी कर इसकी क्रियान्विति की जा रही है। उन्होंने इस पहल के लिए राज्य सरकार का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि पॉलिसी के कुछ प्रावधानों के कारण छोटे भूखंडों पर आवासीय विकास, भूमि के नियमितीकरण और उप विभाजन में आमजन को परेशानी हो रही है। ऐसे में पॉलिसी को अधिक व्यावहारिक और जनकल्याणकारी बनाने के लिए आवश्यक संशोधन किए जाने चाहिए।

कोठारी ने आवासीय योजनाओं में पार्क के लिए निर्धारित न्यूनतम 1000 वर्ग मीटर क्षेत्र की शर्त के स्थान पर प्रस्तावित भूमि का 7 प्रतिशत क्षेत्र निर्धारित करने का सुझाव दिया। उन्होंने कहा कि एक हेक्टेयर तक की छोटी आवासीय योजनाओं में मौजूदा प्रावधान के कारण विकासकर्ता के पास विक्रय योग्य भूमि का क्षेत्र कम रह जाता है। पार्क के लिए निश्चित क्षेत्रफल के बजाय प्रतिशत आधारित व्यवस्था लागू होने से छोटी भूमि पर आवासीय योजनाओं का विकास अधिक व्यावहारिक हो सकेगा।

उन्होंने 0.50 से 1 हेक्टेयर तक की आवासीय योजनाओं में फैसिलिटी और पब्लिक यूटिलिटी के लिए 2-2 प्रतिशत भूमि निर्धारित करने का सुझाव दिया। वहीं, 1 से 2 हेक्टेयर तक की योजनाओं में दोनों मदों के लिए 4-4 प्रतिशत भूमि का प्रावधान रखने की मांग की। उनके अनुसार, इन शर्तों में संशोधन से छोटी आवासीय योजनाओं पर पड़ने वाला अनावश्यक आर्थिक भार कम होगा।

विधायक कोठारी ने एकल पट्टे के लिए निर्धारित न्यूनतम 0.075 हेक्टेयर क्षेत्र की सीमा समाप्त करने की मांग भी उठाई। उन्होंने बताया कि छोटे भूखंडों के नियमितीकरण के लिए पॉलिसी लागू होने के बाद छह माह की छूट दी गई थी, लेकिन पर्याप्त प्रचार-प्रसार और जानकारी के अभाव में कई पात्र लोग इसका लाभ नहीं उठा सके। उन्होंने मांग की कि न्यूनतम क्षेत्रफल की सीमा समाप्त होने तक 750 वर्ग मीटर से कम क्षेत्रफल वाले भूखंडों के नियमितीकरण के लिए दी गई छूट जारी रखी जाए, जिससे पात्र लोगों को राहत मिल सके।

भूमि के उप विभाजन से जुड़ी शर्तों में बदलाव की मांग करते हुए कोठारी ने कहा कि वर्तमान में अधिकतम चार उप विभाजन की सीमा निर्धारित होने से भूखंड मालिकों और कॉलोनी विकासकर्ताओं को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। कई लोग निर्धारित सीमा की जानकारी के अभाव में भूमि खरीद लेते हैं और बाद में स्थानीय निकाय में नामांतरण या निर्माण स्वीकृति के दौरान कठिनाइयों का सामना करते हैं। उन्होंने उप विभाजन की अधिकतम सीमा समाप्त करने का सुझाव दिया। उनका कहना है कि इससे आमजन को सुविधा मिलेगी और सरकारी राजस्व में भी वृद्धि हो सकती है।

औद्योगिक विकास को प्रोत्साहित करने के लिए विधायक कोठारी ने औद्योगिक योजनाओं की न्यूनतम भूमि सीमा 4 हेक्टेयर से घटाकर 2 हेक्टेयर करने की मांग की। उन्होंने कहा कि इस बदलाव से छोटे और मध्यम स्तर के औद्योगिक विकास को प्रोत्साहन मिलेगा तथा उद्योगों की स्थापना को गति मिल सकेगी।

कोठारी ने पॉलिसी के तहत निजी खातेदारों के लिए निर्धारित एक लाख रुपये के पंजीकरण शुल्क के प्रावधान में भी शिथिलता देने का सुझाव दिया। उन्होंने कहा कि जो निजी खातेदार स्वयं डेवलपर नहीं हैं, उन्हें पंजीकरण की अनिवार्यता और शुल्क से मुक्त किया जाना चाहिए, ताकि उन पर अनावश्यक आर्थिक भार नहीं पड़े।

विधायक अशोक कुमार कोठारी ने मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा से राजस्थान टाउनशिप पॉलिसी-2024 के सभी संबंधित प्रावधानों की पुनः समीक्षा कर लोकहित में आवश्यक संशोधन करने का आग्रह किया है। उन्होंने कहा कि पॉलिसी को व्यावहारिक और आमजन के लिए सुविधाजनक बनाने से सुव्यवस्थित शहरी विकास को बढ़ावा मिलेगा तथा नागरिकों को भूमि के नियमितीकरण, उप विभाजन और अन्य संबंधित प्रक्रियाओं में आने वाली अनावश्यक परेशानियों से राहत मिल सकेगी।

Rajesh Toshniwal, Bhilwara

Rajesh Toshniwal, Bhilwara

नाम: राजेश तोषनीवाल

वर्तमान पद: ब्यूरो चीफ (भीलवाड़ा)

कार्यक्षेत्र: भीलवाड़ा (राजस्थान)

बीट (मुख्य विषय): राजनीति, क्राइम, प्रशासन, शिक्षा, स्वास्थ्य और बिज़नेस

परिचय 

राजेश तोषनीवाल राजस्थान के भीलवाड़ा जिले के वरिष्ठ पत्रकार और ब्यूरो चीफ हैं। वह राजनीति, अपराध (क्राइम), स्थानीय प्रशासन, शिक्षा, स्वास्थ्य और आर्थिक गतिविधियों (बिज़नेस) सहित सभी मुख्य विषयों पर नियमित रिपोर्टिंग करते हैं। मौके पर पहुंचकर सक्रियता से ग्राउंड रिपोर्टिंग करना उनकी मुख्य विशेषता है।

पत्रकारिता का अनुभव (Work Experience)

राजेश तोषनीवाल को पत्रकारिता के क्षेत्र में कुल 44 वर्षों का व्यापक अनुभव है।

  • वह पिछले 35 वर्षों से अधिक समय से 'प्रातःकाल' समाचार पत्र से निरंतर जुड़े हुए हैं।
  • इससे पूर्व उन्होंने 'दैनिक जागरण', 'नवभारत टाइम्स' सहित कई अन्य लोकल एवं राज्यस्तरीय मीडिया संस्थानों में अपनी सेवाएं दी हैं।

शैक्षणिक योग्यता (Education)

  • स्नातक (Graduate)
  • डिप्लोमा इन जर्नलिज्म (Diploma in Journalism)

Next Story