भीलवाड़ा। राजस्थान शिक्षक संघ (एकीकृत) ने शिक्षा विभाग द्वारा जारी नवीन शिविरा पंचांग 2026-27 में ग्रीष्मकालीन अवकाश की अवधि घटाने पर कड़ा विरोध जताया है। संगठन ने शिक्षा मंत्री श्री मदन दिलावर को ज्ञापन भेजकर अवकाशों को पूर्व की भांति यथावत रखने की मांग की है। जिलाध्यक्ष नवरतन मल खटीक ने बताया कि 31 मार्च 2026 को जारी शिविरा कैलेंडर में ग्रीष्मकालीन अवकाश 17 मई से मात्र 20 जून तक रखे गए हैं, जबकि पूर्व में यह 30 जून तक होते थे।

भीषण गर्मी और स्वास्थ्यगत चिंताओं का हवाला

नवरतन मल खटीक ने विभाग के इस निर्णय पर आपत्ति जताते हुए कहा कि "राजस्थान की भीषण गर्मी और भौगोलिक परिस्थितियों को देखते हुए 20 जून को स्कूल खोलना छात्र-छात्राओं के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ करने जैसा है।" इसके साथ ही संस्था प्रधान यानी प्रधानाचार्य द्वारा घोषित किए जाने वाले दो अवकाशों को घटाकर अब एक कर दिया गया है, जिससे स्थानीय स्तर पर प्रबंधन में कठिनाई आएगी।

संगठन की प्रमुख तीन सूत्रीय मांगें

संगठन ने सरकार के समक्ष प्रमुख रूप से तीन मांगें रखी हैं जिनमें भीषण गर्मी को देखते हुए ग्रीष्मकालीन अवकाश 17 मई से बढ़ाकर 30 जून तक किए जाएं प्रमुख है। इसके अलावा दूसरी मांग में प्रधानाचार्य द्वारा घोषित किए जाने वाले अवकाशों की संख्या पूर्व की भांति 2 दिन रखी जाए एवं तीसरी मांग के रूप में सर्दियों की छुट्टियों की अवधि 25 दिसंबर से 10 जनवरी तक निर्धारित की जाए।

विभाग की कार्यप्रणाली और रिक्त पदों पर घेरा

खटीक ने विभाग की स्थिति स्पष्ट करते हुए बताया कि आज भी हजारों शिक्षक गैर-शैक्षणिक कार्यों में लगे हैं, स्कूलों में शिक्षकों और व्याख्याताओं के पद खाली हैं और भवन जर्जर स्थिति में हैं। उनका मानना है कि "शिक्षा की गुणवत्ता केवल स्कूल का समय या दिन बढ़ाने से नहीं, बल्कि विभाग के कामकाज में सुधार और पर्याप्त स्टाफ की नियुक्ति से होगी।"

लंबित तबादले और डीपीसी का मुद्दा

इसके साथ ही राजस्थान शिक्षक संघ (एकीकृत) तृतीय श्रेणी शिक्षकों के पिछले कई वर्षों से लंबित स्थानांतरण शुरू करने, तृतीय श्रेणी शिक्षकों की छः सत्रों से रुकी हुई डीपीसी के लिए न्यायालय में प्रभावी पैरवी कर जल्द से जल्द डीपीसी करने तथा शिक्षकों और व्याख्याताओं के रिक्त पदों को भरने की मांग करता है। संगठन ने शिक्षकों को गैर-शैक्षणिक कार्यों से मुक्त करने और जर्जर विद्यालय भवनों की मरम्मत व पुनः निर्माण करवाने हेतु भी आवाज उठाई है।

1 करोड़ विद्यार्थियों और 4 लाख शिक्षकों को राहत की उम्मीद

जिलाध्यक्ष खटीक ने कहा कि इन संशोधनों से प्रदेश के 4 लाख शिक्षकों और लगभग 1 करोड़ विद्यार्थियों को राहत मिलेगी। संगठन ने यह आशा व्यक्त की है कि छात्र हित और राजस्थान की विषम जलवायु को ध्यान में रखते हुए सरकार जल्द ही शिविरा कैलेंडर में संशोधन के आदेश जारी करेगी।

Rajesh Toshniwal, Bhilwara

Rajesh Toshniwal, Bhilwara

नाम: राजेश तोषनीवाल

वर्तमान पद: ब्यूरो चीफ (भीलवाड़ा)

कार्यक्षेत्र: भीलवाड़ा (राजस्थान)

बीट (मुख्य विषय): राजनीति, क्राइम, प्रशासन, शिक्षा, स्वास्थ्य और बिज़नेस

परिचय 

राजेश तोषनीवाल राजस्थान के भीलवाड़ा जिले के वरिष्ठ पत्रकार और ब्यूरो चीफ हैं। वह राजनीति, अपराध (क्राइम), स्थानीय प्रशासन, शिक्षा, स्वास्थ्य और आर्थिक गतिविधियों (बिज़नेस) सहित सभी मुख्य विषयों पर नियमित रिपोर्टिंग करते हैं। मौके पर पहुंचकर सक्रियता से ग्राउंड रिपोर्टिंग करना उनकी मुख्य विशेषता है।

पत्रकारिता का अनुभव (Work Experience)

राजेश तोषनीवाल को पत्रकारिता के क्षेत्र में कुल 44 वर्षों का व्यापक अनुभव है।

  • वह पिछले 35 वर्षों से अधिक समय से 'प्रातःकाल' समाचार पत्र से निरंतर जुड़े हुए हैं।
  • इससे पूर्व उन्होंने 'दैनिक जागरण', 'नवभारत टाइम्स' सहित कई अन्य लोकल एवं राज्यस्तरीय मीडिया संस्थानों में अपनी सेवाएं दी हैं।

शैक्षणिक योग्यता (Education)

  • स्नातक (Graduate)
  • डिप्लोमा इन जर्नलिज्म (Diploma in Journalism)

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