गुमशुदा व्यक्तियों के मामलों में पुलिस की ‘बाद में देखेंगे’ और ‘पहले खुद ढूंढो’ वाली टालमटोल की नीति पर अब पूरी तरह रोक लग गई है। माननीय सर्वोच्च न्यायालय के सख्त रुख के बाद राजस्थान पुलिस मुख्यालय ने प्रदेश के सभी पुलिस अधीक्षकों को स्थाई आदेश जारी किया है। इसके तहत अब किसी भी महिला या पुरुष तथा किसी भी उम्र के व्यक्ति के लापता होने की सूचना मिलते ही पुलिस को बिना किसी प्रारंभिक जांच के तत्काल एफआईआर दर्ज करनी होगी।

अब तक केवल नाबालिग के लापता होने पर पुलिस द्वारा एफआईआर दर्ज की जा रही थी, जबकि वयस्कों के गुमशुदा होने पर मुकदमा दर्ज नहीं किया जाता था और केवल गुमशुदगी की रपट दर्ज की जाती थी। पुलिस मुख्यालय के नए निर्देश से इस व्यवस्था में बदलाव किया गया है।

कार्यालय महानिदेशक पुलिस, राजस्थान द्वारा जारी स्थाई आदेश (13/2026) के अनुसार, किसी भी लिंग यानी महिला या पुरुष और किसी भी उम्र के व्यक्ति की गुमशुदगी की सूचना थाने में प्राप्त होते ही बिना किसी प्रारंभिक जांच के तुरंत एफआईआर दर्ज करना अनिवार्य होगा।

आदेश के तहत पुलिस अब गुमशुदा व्यक्ति के परिजनों को यह कहकर जिम्मेदारी से नहीं बच सकेगी कि वे पहले अपने स्तर पर तलाश करें। गुमशुदगी की सूचना मिलते ही पुलिस को कार्रवाई शुरू करनी होगी।

आदेश में गुमशुदगी की सूचना मिलते ही भारतीय न्याय संहिता 2023 की अपहरण और व्यपहरण से संबंधित धारा 137 और 138 तथा मानव तस्करी से संबंधित धारा 143 के तहत मामला दर्ज करना अनिवार्य किया गया है।

इसके साथ ही 24 घंटे की समयसीमा भी निर्धारित की गई है। यदि गुमशुदा व्यक्ति 24 घंटे के भीतर मिल जाता है, तभी एसपी द्वारा रिपोर्ट की प्रति अदालत को भेजे बिना मामला बंद माना जाएगा। यदि व्यक्ति 24 घंटे के भीतर नहीं मिलता है, तो जांच तेजी से जारी रहेगी।

प्रत्येक गुमशुदा व्यक्ति की रिपोर्ट को मिशन वात्सल्य पोर्टल पर अनिवार्य रूप से अपलोड करना होगा। इसके बाद तत्काल त्वरित अनुसंधान शुरू किया जाएगा, ताकि गुमशुदा व्यक्ति की तलाश में पुलिस कार्रवाई में देरी न हो।

महानिदेशक पुलिस राजीव कुमार शर्मा द्वारा जारी यह आदेश पूरे प्रदेश में तुरंत प्रभाव से लागू कर दिया गया है। आदेश का पालन नहीं करने या लापरवाही बरतने वाले पुलिस अधिकारियों के खिलाफ सीधी कार्रवाई की जाएगी। नए निर्देश के बाद महिला हो या पुरुष, नाबालिग हो या वयस्क, किसी भी व्यक्ति की गुमशुदगी की सूचना पर पुलिस के लिए तत्काल एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू करना अनिवार्य हो गया है।

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