भीलवाड़ा यूआईटी प्रकरण: राजस्थान हाईकोर्ट ने अंतरिम रोक बढ़ाई, 10 मार्च को सुनवाई
जोधपुर खंडपीठ ने यूआईटी भीलवाड़ा से जुड़ी याचिकाओं पर राज्य सरकार को जवाब के लिए समय देते हुए पूर्व में जारी अंतरिम आदेश को अगली सुनवाई तक बरकरार रखा है।
जोधपुर। राजस्थान उच्च न्यायालय, जोधपुर की खंडपीठ ने हाल ही में यूआईटी भीलवाड़ा से जुड़े महत्वपूर्ण प्रकरणों पर सुनवाई की।
मामले का विवरण और पक्षकार
- डी.बी. सिविल रिट पिटिशन संख्या: 21943/2025, 22129/2025 एवं 22673/2025
- माननीय न्यायमूर्ति: श्री अरुण मोंगा एवं श्री योगेन्द्र कुमार पुरोहित
- याचिकाकर्ता: एडवोकेट हेमेंद्र शर्मा, राघव कोठारी, पवन त्रिपाठी एवं नवीन शर्मा
- प्रतिवादी: नगर सुधार न्यास (यूआईटी), भीलवाड़ा एवं राज्य सरकार
सुनवाई की कार्यवाही और समय की मांग
सुनवाई के दौरान प्रतिवादी पक्ष (राज्य सरकार एवं यूआईटी भीलवाड़ा) की ओर से न्यायालय के समक्ष अपना जवाब प्रस्तुत करने हेतु अतिरिक्त समय की मांग की गई। माननीय न्यायालय ने उक्त आग्रह को स्वीकार किया।
"माननीय न्यायालय ने प्रकरण की अगली सुनवाई 10 मार्च 2026 को नियत की।"
कोर्ट का महत्वपूर्ण आदेश
साथ ही न्यायालय ने यह स्पष्ट आदेश पारित किया कि अगली सुनवाई तक पूर्व में पारित अंतरिम आदेश (रोक) यथावत प्रभावी रहेगा, जिससे याचिकाकर्ताओं को पूर्ववत कानूनी संरक्षण प्राप्त रहेगा और प्रतिवादी पक्ष द्वारा कोई नई प्रतिकूल कार्रवाई नहीं की जा सकेगी।
प्रतिनिधित्व और अधिवक्ता
उक्त प्रकरण में कानूनी पक्ष रखने वाले अधिवक्ता निम्नलिखित रहे:
- याचिकाकर्ताओं की ओर से: अधिवक्ता श्री नमन मोहनोट एवं अधिवक्ता श्री रवि पंवार
- प्रतिवादी पक्ष की ओर से: अधिवक्ता श्री आकाश गोयल

Ruturaj Ravan
यह प्रातःकाल मल्टीमीडिया में वेबसाइट मैनेजर और सोशल मीडिया एक्जीक्यूटिव के रूप में कार्यरत हैं, और पिछले तीन वर्षों से पत्रकारिता व डिजिटल मीडिया में सक्रिय हैं। इससे पूर्व उन्होंने दैनिक प्रहार में वेबसाइट प्रबंधन और सोशल मीडिया के लिए रचनात्मक कंटेंट निर्माण और रणनीतियों में अनुभव अर्जित किया। इन्होंने कोल्हापुर के छत्रपति शिवाजी महाराज विश्वविद्यालय से स्नातक और हैदराबाद के सत्या इंस्टीट्यूट से उच्च शिक्षा पूरी की। इन्हें SEO मैनेजमेंट, सोशल मीडिया और उससे संबंधित रणनीतियाँ तैयार करने में व्यापक अनुभव है।
