राजस्थान के भीलवाड़ा में बनेगा देश का पहला जिंक पार्क, एमओयू साइन
हिन्दुस्तान जिंक और त्रिपुरा ग्रुप के बीच समझौते से भीलवाड़ा के खानखला में विकसित होगा भारत का पहला एकीकृत डाउनस्ट्रीम इंडस्ट्रियल जिंक हब।

राजस्थान के भीलवाड़ा में देश का पहला जिंक पार्क विकसित करने के लिए हिन्दुस्तान जिंक और त्रिपुरा ग्रुप के अधिकारियों ने एमओयू पर हस्ताक्षर किए।
प्रोजेक्ट की घोषणा और स्थान
राजस्थान के मुख्यमंत्री ने दिसंबर, 2024 में राइजिंग राजस्थान समिट में वेदांता की हिंदुस्तान जिंक द्वारा दुनिया के पहले जिंक पार्क की घोषणा की थी। प्रदेश के भीलवाड़ा जिले के खानखला में स्थापित होगा जिंक पार्क।
रणनीतिक साझेदारी और एमओयू
23 फरवरी 2025। विश्व की अग्रणी जिंक और सिल्वर उत्पादक कंपनी हिन्दुस्तान जिंक द्वारा राजस्थान में स्थापित होने वाले देश के पहले जिंक पार्क को विकसित करने की दिशा में बडा कदम उठाया है। कंपनी ने इसके लिए त्रिपुरा ग्रुप के साथ एक रणनीतिक एमओयू पर हस्ताक्षर किये।
- भीलवाड़ा जिले के खानखला में स्थापित होने वाले जिंक पार्क के लिए यह एमओयू जिंक-बेस्ड वैल्यू चेन के लिए समर्पित भारत का पहला इंटीग्रेटेड डाउनस्ट्रीम इंडस्ट्रियल हब बनाने की हिंदुस्तान जिंक की योजना में प्रमुख पड़ाव है।
- इस एमओयू के तहत्, हिन्दुस्तान जिंक त्रिपुरा ग्रुप की यूनिट को कच्चे माल की निरंतर सप्लाई सुनिश्चित करेगा।
पार्टनरशिप के उद्देश्य और इकोसिस्टम
यह पार्टनरशिप एक मजबूत डाउनस्ट्रीम जिंक इकोसिस्टम बनाने के लिए एक साझा प्रतिबद्धता को दर्शाती है, जिसमें निवेश और उत्पादन योजना इस क्षेत्र में स्केल, एफिशिएंसी और सस्टेनेबल इंडस्ट्रियल ग्रोथ को बढ़ाने के लिए अनुरूप हैं।
यह जिंक पार्क राजस्थान राज्य औद्योगिक विकास और निवेश निगम, रीको के सहयोग से बनाया जा रहा है, जिससे क्षेत्र में नया निवेश आएगा और स्थानीय स्तर पर रोजगार के बड़े अवसर सृजित होंगे।
औद्योगिक विकास और विजन
जिंक पार्क डाउनस्ट्रीम जिंक-बेस्ड इंडस्ट्रीज के लिए भारत का पहला इंटीग्रेटेड हब बनने के लिए तैयार है। यह प्रोजेक्ट नए निवेश को आकर्षित करने, रोजगार और लोकल मैन्युफैक्चरिंग को बढ़ावा देने के लिए डिजाइन किया गया है, जो राजस्थान की इंडस्ट्रियल ग्रोथ में अहम योगदान देगा। जिंक इंडस्ट्रियल पार्क हेतु वर्ष 2024 के अंत में एक बड़े स्टेकहोल्डर कंसल्टेशन किया गया था ताकि इसमें रूचि दिखा कर इंडस्ट्रियल क्षमताओं को इकोसिस्टम की जरूरतों के अनुसार तैयार किया जा सके।
नेतृत्व का संदेश
इस अवसर पर हिंदुस्तान जिंक के सीईओ अरुण मिश्रा ने कहा कि:
"जिंक पार्क हमारा एक दूरदर्शी प्रोजेक्ट है जो मेटल वैल्यू चेन को मजबूत करेगा। त्रिपुरा ग्रुप के साथ यह साझेदारी मेक इन इंडिया को बढ़ावा देने और एमएसएमई सेक्टर को सशक्त बनाने की हमारी प्रतिबद्धता को दर्शाती है। हम एक ऐसा इकोसिस्टम बना रहे हैं जहाँ निवेशकों को बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर और क्लीन एनर्जी के साथ काम करने का मौका मिलेगा।"
वन-स्टॉप हब और भविष्य की योजनाएं
वन-स्टॉप हब के रूप में यहाँ जिंक से जुड़े उद्योगों को एक ही जगह पर सारी सुविधाएँ मिलेंगी। त्रिपुरा ग्रुप अपनी विशेषज्ञता के साथ जिंक प्रोसेसिंग की गुणवत्ता और दक्षता को बढ़ाने में मदद करेगा। इसकी टेक्निकल क्षमताएं और ऑपरेशनल डिलीवरी का ट्रैक रिकॉर्ड इसे जिंक पार्क के लिए एक मुख्य एंकर इन्वेस्टर बनाता है।
- इस कोलेबोरेशन से ऑपरेशनल सिनर्जी को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।
- डाउनस्ट्रीम प्रोसेसर के लिए बेनिफिशिएशन एफिशिएंसी में सुधार होगा।
- इंडस्ट्री के लिए उपलब्ध इनपुट की क्वालिटी और रिलायबिलिटी मजबूत होगी।
यह प्रोजेक्ट पर्यावरण और स्थानीय समुदाय के कौशल विकास को ध्यान में रखकर तैयार किया जा रहा है। हिन्दुस्तान जिंक आने वाले समय में अन्य निवेशकों के साथ भी चर्चा कर रहा है ताकि इस पार्क को चरणबद्ध तरीके से और बड़ा बनाया जा सके।

Pratahkal Bureau
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