भीलवाड़ा में राजस्थान ACB की कार्रवाई, रिश्वत लेते एमपी पुलिस का हेड कांस्टेबल गिरफ्तार
मध्य प्रदेश के रतलाम में दर्ज एक मामले में मदद करने और मारपीट नहीं करने के एवज में आरोपी हेड कांस्टेबल परिवादी से मांग रहा था 1 लाख 10 हजार रुपये की रिश्वत।

तस्वीर में भीलवाड़ा में राजस्थान एसीबी की टीम द्वारा हिरासत में लिए गए मध्य प्रदेश पुलिस के हेड कांस्टेबल (बीच में) को दो अधिकारियों के साथ खड़े देखा जा सकता है।
राजस्थान भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) की भीलवाड़ा-द्वितीय इकाई ने अंतरराज्यीय कार्रवाई करते हुए मध्य प्रदेश पुलिस के एक हेड कांस्टेबल (प्रधान आरक्षी) को 50 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। आरोपी ने रिश्वत की राशि अपनी वर्दी की पैंट की जेब में छिपा रखी थी, जिसे एसीबी टीम ने मौके पर ही बरामद कर लिया।
एसीबी महानिदेशक गोविन्द गुप्ता ने बताया कि मध्य प्रदेश के रतलाम जिले के औद्योगिक क्षेत्र थाने में प्रकरण संख्या 462/2026, धारा 318(4) BNS, 2023 के तहत दर्ज मामले की जांच प्रधान आरक्षी क्रमांक 212 तपेश गोसाई कर रहा था। इस प्रकरण में परिवादी का भाई पहले ही गिरफ्तार हो चुका था। आरोप है कि तपेश गोसाई ने परिवादी के भाई के साथ हिरासत में मारपीट नहीं करने और मुकदमे में मदद करने के एवज में कुल 1 लाख 10 हजार रुपये की रिश्वत मांगी थी।
परिवादी ने परेशान होकर इसकी शिकायत राजस्थान एसीबी से की। शिकायत के अनुसार आरोपी प्रधान आरक्षी तपेश गोसाई परिवादी से पहले ही 10 हजार रुपये की रिश्वत वसूल चुका था। शेष राशि में से 50 हजार रुपये की किस्त लेने के लिए वह भीलवाड़ा पहुंचा था।
एसीबी अजमेर रेंज के उप महानिरीक्षक नारायण सिंह टोगस के सुपरविजन में भीलवाड़ा-द्वितीय इकाई के उप अधीक्षक नरपत सिंह चारण के नेतृत्व में विशेष टीम का गठन किया गया। जैसे ही आरोपी तपेश गोसाई ने भीलवाड़ा में परिवादी से 50 हजार रुपये की रिश्वत राशि प्राप्त की, पहले से जाल बिछाकर बैठी एसीबी टीम ने उसे रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया।
गिरफ्तार आरोपी तपेश गोसाई (40 वर्ष), स्वर्गीय ललन गोसाई का पुत्र है और मध्य प्रदेश के रतलाम जिले के जावरा स्थित पत्रकार कॉलोनी का निवासी है। वह प्रधान आरक्षी क्रमांक 212 के रूप में पुलिस थाना औद्योगिक क्षेत्र, रतलाम (मध्य प्रदेश) में पदस्थापित है।
एसीबी की अतिरिक्त महानिदेशक श्रीमती स्मिता श्रीवास्तव एवं महानिरीक्षक श्रीमती एस. परिमला के निर्देशन में आरोपी से पूछताछ की जा रही है। भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत आरोपी के विरुद्ध मामला दर्ज कर आगे का अनुसंधान जारी है। मध्य प्रदेश पुलिस के हेड कांस्टेबल की रिश्वतखोरी के इस मामले में राजस्थान एसीबी की कार्रवाई ने अंतरराज्यीय भ्रष्टाचार के विरुद्ध एजेंसी की प्रभावी कार्रवाई को एक बार फिर उजागर किया है।

Pratahkal Bureau
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